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फर्जी दस्तावेज से नौकरी करने वाले दो शिक्षक गिरफ्तार
siddharthnagar
Updated Fri, 09 Nov 2018 10:37 PM IST
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सदर पुलिस ने रोडवेज के पास से किया गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
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सिद्धार्थनगर। फर्जी दस्तावेज के सहारे नौकरी करने के दो आरोपी शिक्षकों को शुक्रवार सुबह सदर पुलिस ने नगर के रोडवेज के पास से गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए दोनों शख्स देवरिया जिले के निवासी हैं।
एसओ सदर शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि फर्जी दस्तावेज लगाकर नौकरी हासिल करने के मामले में 38 शिक्षकों के खिलाफ जालसाजी सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज हुआ था। आरोपी शिक्षकों की गिरफ्तारी के लिए टीम लगी थी। शुक्रवार सुबह सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने राजेश कुमार सिंह व रंजेश कुमार सिंह निवासी कुंईचवार थाना भाटपाररानी जनपद देवरिया को गिरफ्तार कर लिया। इन पर धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज था।
25 अगस्त को बर्खास्त हुए थे 38 शिक्षक
68 फर्जी शिक्षकों की जांच के बाद विभाग ने काफी दबाव के बाद 38 शिक्षकों को बर्खास्त किया था। मामले में विभाग लीपापोती करने की फिराक में था। शासन स्तर से दबाव पड़ने के बाद बीईओ ने सदर थाने में मुकदमा दर्ज कराया। केस दर्ज होने के बाद आरोपी शिक्षकों की जानकारियां उपलब्ध नहीं कराई जा रहीं थी। इसी बीच फिर शिकायत शासन स्तर पर हुई तो विभाग सक्रिय हुआ और फर्जी शिक्षकों के दस्तावेज पुलिस को उपलब्ध कराएं। जांच शुरू हुई तो किसी तरह दो शिक्षक पुलिस के हाथ लगे है। अभी भी 36 बर्खास्त शिक्षक पुलिस की पकड़ से दूर हैं।
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एसओ सदर शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि फर्जी दस्तावेज लगाकर नौकरी हासिल करने के मामले में 38 शिक्षकों के खिलाफ जालसाजी सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज हुआ था। आरोपी शिक्षकों की गिरफ्तारी के लिए टीम लगी थी। शुक्रवार सुबह सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने राजेश कुमार सिंह व रंजेश कुमार सिंह निवासी कुंईचवार थाना भाटपाररानी जनपद देवरिया को गिरफ्तार कर लिया। इन पर धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज था।
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25 अगस्त को बर्खास्त हुए थे 38 शिक्षक
68 फर्जी शिक्षकों की जांच के बाद विभाग ने काफी दबाव के बाद 38 शिक्षकों को बर्खास्त किया था। मामले में विभाग लीपापोती करने की फिराक में था। शासन स्तर से दबाव पड़ने के बाद बीईओ ने सदर थाने में मुकदमा दर्ज कराया। केस दर्ज होने के बाद आरोपी शिक्षकों की जानकारियां उपलब्ध नहीं कराई जा रहीं थी। इसी बीच फिर शिकायत शासन स्तर पर हुई तो विभाग सक्रिय हुआ और फर्जी शिक्षकों के दस्तावेज पुलिस को उपलब्ध कराएं। जांच शुरू हुई तो किसी तरह दो शिक्षक पुलिस के हाथ लगे है। अभी भी 36 बर्खास्त शिक्षक पुलिस की पकड़ से दूर हैं।
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