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UP News: सीएम योगी ने बस्ती मंडल में किया बाढ़ का हवाई सर्वेक्षण, बोले- जनता को राहत देना सरकार की प्राथमिकता

Thu, 13 Oct 2022 05:07 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर।
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 13 Oct 2022 05:07 PM IST
सार

मुख्यमंत्री ने गुरुवार को सिद्धार्थनगर, बस्ती और संतकबीरनगर जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने डुमरियागंज तहसील के भनवापुर में मैहतिनिया गौशाला के निकट बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की। उनका हाल जाना और राहत सामग्री वितरित की। आश्वस्त किया कि हर संकट में सरकार उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।
 

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CM yogi took stock of floods by conducting an aerial survey of Siddharthanagar
सीएम योगी। (फाइल) - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि हम सबने पहली बार अक्तूबर में अप्रत्याशित बाढ़ को देखा है। अक्तूबर माह में जब फसल कटती है, रामलीलाओं का दौर चलता है तब फसलें डूब गई हैं। लोग छतों पर रहने को विवश हैं। इसके बावजूद किसी को भी घबराने या परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। आपदा कि इस घड़ी में सरकार सभी पीड़ितों के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। प्रकृति की त्रासदी का सामना कर राहत देना सरकार की प्राथमिकता है और इसमें कहीं कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाएगी।

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मुख्यमंत्री ने गुरुवार को सिद्धार्थनगर, बस्ती और संतकबीनगर जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। सिद्धार्थनगर डुमरियागंज तहसील के भनवापुर में मैहतिनिया गौशाला के निकट बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की। उनका हाल जाना और राहत सामग्री वितरित की। आश्वस्त किया कि हर संकट में सरकार उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।
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मुख्यमंत्री गुरुवार को संतकबीरनगर जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद धनघटा तहसील के छपरा मगर्वी में दिव्यांश पब्लिक स्कूल परिसर में बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात करने के बाद उनके बीच राहत सामग्री वितरित कर रहे थे। सीएम योगी ने आश्वस्त किया कि आपदा के इस काल में केंद्र व राज्य सरकार हर पीड़ित व्यक्ति के साथ खड़ी है। बाढ़ पीड़ितों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद्यान्न व अन्य सामग्री का वितरण कराया जा रहा है। कार्य में जनप्रतिनिधि व प्रशासन के लोग पूरी तत्परता से लगे हैं। निर्देश दिया गया है कि अगले 2 से 3 दिन के अंदर हर पीड़ित व्यक्ति तक राहत सामग्री व अन्य जरूरी सहायता उपलब्ध कराते हुए उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया जाए। 
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मुख्यमंत्री गुरुवार को बस्ती जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद हर्रैया तहसील के हिंगापुर में सर्वोदय विद्यालय परिसर में बाढ़ पीड़ितों के बीच राहत सामग्री वितरित कर रहे थे। इस दौरान बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात कर मुख्यमंत्री ने उनका कुशलक्षेम पूछाऔर आश्वस्त किया कि हर पल सरकार उनके साथ है और किसी को भी परेशानी नहीं होने दी जाएगी। इस अवसर पर सीएम योगी ने कहा कि अगले एक-दो दिन तक गांव में पानी भरा रहने की स्थिति हो सकती है लेकिन इसके बाद धीरे धीरे पानी उतरता जाएगा। इस बीच प्रशासन को निर्देशित किया गया है कि पर्याप्त संख्या में नावों व स्टीमरों को लगाकर दो से तीन दिन के भीतर राहत सामग्री पहुंचाने के साथ उनकी हर संभव मदद की जाए। उन्होंने लोगों को आश्वस्त किया कि आपदा के इस सरकार उनके साथ हर पल खड़ी है और उनकी हर संभव सहायता करने के लिए कृत संकल्पित है।
 

सिद्धार्थनगर में सीएम योगी ने दिया आश्वासन

हवाई सर्वेक्षण, बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात और राहत सामग्री वितरित करने के बाद सीएम योगी ने जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि बाढ़ पीड़ितों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद्यान्न व अन्य सामग्री का वितरण कराया जा रहा है। दो तरह की किट में दी जा रही राहत सामग्री किट में 10 किलो चावल, 10 किलो आटा, 2 किलो अरहर दाल, आधा किलो नमक, 250 ग्राम हल्दी, 250 ग्राम मिर्च, 250 ग्राम सब्जी मसाला, एक लीटर रिफाइंड तेल, पांच किलो लाई, दो किलो भूना चना, एक किलो गुड़, 10 पैकेट बिस्कुट, एक पैकेट माचिस, एक पैकेट मोमबत्ती, दो नहाने का साबुन शामिल है। इसके अलावा 10 किलो आलू, पांच लीटर केरोसिन, पांच लीटर क्षमता के दो जरीकेन, 15 गुणे 10 फीट की एक तारपोलीन शीट भी दी जा रही है।

सीएम योगी ने कहा कि किसके साथ थी पशुओं को प्रतिदिन 5 किलो चारा उपलब्ध कराने का निर्देश पशुपालन विभाग को दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिद्धार्थनगर जिले में करीब 200 गांव की एक लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित है। तीन-चार दिन में बाढ़ का पानी उतरेगा। इस बीच प्रशासन को निर्देशित किया गया है कि अतिरिक्त नाव व स्टीमरों के साथ अतिरिक्त मैन पावर लगाकर राहत सामग्री का हर पीड़ित तक ससमय वितरण सुनिश्चित किया जाए।

कहा कि फसलों का समय पर सही जायजा लिया जाए ताकि अन्नदाता किसानों को क्षतिपूर्ति की धनराशि नकद भुगतान की जा सके। जिन बाढ़ प्रभावित गांवों में भोजन बनाने की व्यवस्था नहीं है, वहां पर कम्युनिटी किचन की व्यवस्था की जाए। यदि ग्राम में कम्युनिटी किचन उपलब्ध नहीं हो पा रही है तो वहां पर लोगों को सुबह एवं रात्रि में भोजन के पैकेट उपलब्ध कराये जाए। सीएम ने कहा कि आपदा में जिन लोगों ने भी अपने परिजनों को खोया है, उनके प्रति सरकार की पूरी संवेदना है।

जनहानि, अंग भंग व क्षतिग्रस्त मकानों के लिए सरकार देगी भरपूर मदद
उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को युद्ध स्तर पर राहत सामग्री वितरित करने का निर्देश प्रशासन को दिया गया है ताकि किसी को भी परेशान न होना पड़े। कहा कि अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि बाढ़ से जनहानि पर पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये का मुआवजा तत्काल उपलब्ध कराया जाए। अंग भंग होने पर 60 हजार से लेकर 2.5 लाख रुपये तक की सहायता के साथ ही गंभीर रूप से घायलों को भी आर्थिक मदद दी जाएगी। बाढ़ से जिनके मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं उन्हें 1.20 लाख रुपये मुख्यमंत्री आवास योजना के तर्ज पर मकान बनाने के लिए दिए जाएंगे।

किसानों, पशुपालकों को हुए नुकसान पर सहायता राशि देगी सरकार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बाढ़ के चलते क्षतिग्रस्त पशुओं का भी सर्वे कराया जा रहा है जिन किसानों की फसलें क्षतिग्रस्त हुई हैं, सर्वे कराकर उन्हें हम 18 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से क्षतिपूर्ति देंगे। बारहमासी फसलों पर 22500 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से सहायता राशि दी जाएगी। इसी तरह दुधारू पशु गाय, भैंस आदि के मरने पर 35000, बकरी, भेड़, सूअर के मरने पर 4000, गैर दुधारू पशु ऊंट, घोड़ा आदि के मरने पर 32000, बछड़ा, गधा, टट्टू आदि के मरने पर 20000 रुपये की दर से पशुपालकों को सहायता राशि दी जाएगी। मुर्गी पालकों को हुई क्षति पर प्रति मुर्गी 100 रुपये की दर से सहायता प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही सरकार मत्स्य पालकों को हुए नुकसान पर भी सहायता देगी।

इस दौरान सांसद जगदम्बिका पाल, विधायक श्यामधनी राही, विनय वर्मा, पूर्व मंत्री सतीश द्विवेदी, पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह सहित प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

बस्ती में बोले सीएम योगी- बाढ़ से हुई हर प्रकार की क्षति पर मुआवजा देगी सरकार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार बाढ़ आपदा से हुई हर प्रकार की क्षति पर मुआवजा देगी। उन्होंने कहा कि बाढ़ के चलते जिन लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत मकान या मकान बनवाने के लिए 1.20 लाख रुपये की सहायता राशि तत्काल उपलब्ध कराने का निर्देश प्रशासन को दिया गया है। दुर्भाग्य से यदि जनहानि होती है तो पीड़ित परिवार को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता तथा किसी का अंग भंग होने पर 2.50 लाख रुपए तक की अनुमन्य सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी। फसलों को हुए नुकसान की दशा में तत्काल सर्वे कराने का निर्देश दिया गया है ताकि अन्नदाता किसानों के खातों में मुआवजे की धनराशि उपलब्ध कराकर नुकसान की भरपाई की जाए। गाय, भैंस, भेड़, बकरी, ऊंट, घोड़े आदि पशु हानि की दशा में भी सरकार पशुपालकों को सहायता राशि उपलब्ध कराएगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि धनघटा तहसील क्षेत्र में नदी तटबंध के उस पार रहने वाले लोगों को हर साल बाढ़ आपदा की स्थिति का सामना करने से बचाने के लिए इस पार सुरक्षित स्थान पर बसाने की कार्ययोजना बनाई जाए। शासन के अधिकारी इस पर गंभीरता से विचार करें। अक्टूबर माह में अप्रत्याशित बाढ़ के संकट से जनता को उबारने के लिए सरकार दृढ़ संकल्पित है और इसी के अनुरूप राहत व बचाव कार्य तेजी से आगे बढ़ाए जा रहे हैं। बाढ़ संकट की इस घड़ी में सरकार हर पीड़ित के साथ पूरी संवेदनशीलता व तत्परता से खड़ी है। प्रत्येक पीड़ित को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

 

मुख्यमंत्री गुरुवार को संतकबीरनगर जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद धनघटा तहसील के छपरा मगर्वी में दिव्यांश पब्लिक स्कूल परिसर में बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात करने के बाद उनके बीच राहत सामग्री वितरित कर रहे थे। सीएम योगी ने आश्वस्त किया कि आपदा के इस काल में केंद्र व राज्य सरकार हर पीड़ित व्यक्ति के साथ खड़ी है। बाढ़ पीड़ितों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद्यान्न व अन्य सामग्री का वितरण कराया जा रहा है। कार्य में जनप्रतिनिधि व प्रशासन के लोग पूरी तत्परता से लगे हैं। निर्देश दिया गया है कि अगले 2 से 3 दिन के अंदर हर पीड़ित व्यक्ति तक राहत सामग्री व अन्य जरूरी सहायता उपलब्ध कराते हुए उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया जाए। 

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बाढ़ से जिनके मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास या मकान बनवाने के लिए 1.20 लाख रुपये तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिन किसानों की फसलें क्षतिग्रस्त हुई हैं, सर्वे कराकर उन्हें हम 18 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से क्षतिपूर्ति देंगे। इसी तरह दुधारू पशु गाय, भैंस आदि के मरने पर 37500, बकरी, भेड़, सूअर के मरने पर 4000, गैर दुधारू पशु ऊंट, घोड़ा आदि के मरने पर 32000, बछड़ा, गधा, टट्टू आदि के मरने पर 20000 रुपये की दर से पशुपालकों को सहायता राशि दी जाएगी। मुर्गी पालकों को हुई क्षति पर प्रति मुर्गी 100 रुपये की दर से सहायता प्रदान की जाएगी।

 

बाढ़ का पानी हटते ही चले स्वच्छता का व्यापक कार्यक्रम

इस अवसर पर सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ का पानी हटते ही स्वच्छता व सैनिटाइजेशन का व्यापक कार्यक्रम चलाया जाए। यह ध्यान रखा जाए कि बीमारी न पनपने पाए। हर स्वास्थ्य केंद्र पर एंटी स्नेक वेनम व एंटी रेबीज इंजेक्शन की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए। स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन करने के साथ ही लोगों को स्वच्छता व शुद्ध पेयजल के लिए जागरूक किया जाए। मुख्यमंत्री ने ईश्वर से प्रार्थना की कि सभी लोग जल्द ही आपदा से मुक्त होकर मंगलमय तरीके से दिवाली मनाएं।

 

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