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पेड़ के नीचे पढ़ रहे थे बच्चे
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 27 Aug 2016 10:57 PM IST
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बच्चों को पेड़ के नीचे बैठाकर पढ़ातीं शिक्षिका।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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डुमरियागंज। सरकार की तमाम कोशिशों के बाद भी परिषदीय स्कूलों की शिक्षा-व्यवस्था बेपटरी बनी हुई है। कहीं शिक्षक कम हैं तो कहीं बच्चे कम। जहां सब कुछ ठीक है तो वहां पेड़ के नीचे बच्चों की पढ़ाई हो रही है। ऐसे हाल में सर्व शिक्षा अभियान दम तोड़ता दिख रहा है। शनिवार को तहसील क्षेत्र के स्कूलों में कुछ ऐसा ही नजारा दिखा।
भनवापुर ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय पचउथ लतीफपुर में शनिवार को दोपहर साढ़े 12 बजे 157 में से 120 बच्चे स्कूल में पढ़ते मिले। यहां बच्चों के लिए स्कूल भवन में जगह कम होने के कारण उन्हें पेड़ के नीचे बैठाकर सहायक अध्यापिका नीलम शुक्ला पढ़ा रही थीं। सहायक अध्यापिका श्वेतांबरी दुबे व चंद्रकुमार सरोज बच्चों को पढ़ाते मिले। हेडमास्टर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि स्कूल भवन में कक्षाओं के अभाव में बच्चों को बरामदे या पेड़ के नीचे बैठाकर पढ़ाना पड़ता है।
कई बार विभाग को पत्र लिखकर इसकी जानकारी देकर अतिरिक्त कक्ष निर्माण की मांग की गई है, मगर अभी तक कोई पहल नहीं हुआ है। इसी तरह प्राथमिक विद्यालय पडिय़ा में 136 के सापेक्ष 55 बच्चे उपस्थित मिले। सहायक अध्यापक शिवकरन ने बताया कि इंचार्ज प्रधानाध्यापक अमित कुमार दुबे व सहायक अध्यापक संजय सिंह दो दिनों से स्कूल नहीं आए हैं। बच्चों से एमडीएम के भोजन बनने के बारे में पूछा गया तो बताया कि कभी-कभी खाना बनता है।
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फल भी अब तक सिर्फ एक बार ही बंटा है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय में 40 के सापेक्ष 10 बच्चे मिले। इसमें भी ज्यादातर बच्चे टहल रहे थे। सहायक अध्यापक दीपक बाबू ने बताया कि इंचार्ज प्रधानाध्यापक मथुरा प्रसाद पांडेय बीआरसी पर गए हुए हैं। यहां भी एमडीएम का हाल प्राथमिक स्कूल जैसा था। स्कूल में लगा इकलौता इंडिया मार्का हैंडपंप-टू बनने के बाद से खराब पड़ा है, जिससे बच्चे गांव में पानी पीने के लिए जाते हैैं। इसी तरह प्राथमिक विद्यालय जुआराई में शनिवार सुबह 10 बजे बच्चे एमडीएम में बने सब्जी-चावल खाते मिले। सहायक अध्यापक परवेज अहमद व तौलनराम ऑफिस में बैठे थे।
वंदना सिंह छुट्टी पर थी। भीटा नानकार प्राथमिक विद्यालय पर भी जुआराई का ही नजारा दिखाई दिया। वहां तैनात सहायक अध्यापक जितेंद्र कुमार पांच दिनों से विद्यालय में अनुपस्थित रहने की जानकारी स्टाफ ने दी। प्राथमिक विद्यालय गनवरिया खुर्द में पंजीकृत 122 में 70 बच्चे मौजूद मिले।
यहां बच्चों को पढ़ाने का जिम्मा अकेले प्रधानाध्यापक राजेंद्र कुमार संभाले हुए थे। अन्य स्टाफ नदारद थे। इस संबंध में भनवापुर खंड शिक्षाधिकारी ज्ञानचंद्र मिश्रा ने बताया कि जिस भी विद्यालय में अध्यापकों की लापरवाही मिलेगी, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जल्द ही वह खुद ही विद्यालयों का औचक निरीक्षण करेंगे।
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भनवापुर ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय पचउथ लतीफपुर में शनिवार को दोपहर साढ़े 12 बजे 157 में से 120 बच्चे स्कूल में पढ़ते मिले। यहां बच्चों के लिए स्कूल भवन में जगह कम होने के कारण उन्हें पेड़ के नीचे बैठाकर सहायक अध्यापिका नीलम शुक्ला पढ़ा रही थीं। सहायक अध्यापिका श्वेतांबरी दुबे व चंद्रकुमार सरोज बच्चों को पढ़ाते मिले। हेडमास्टर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि स्कूल भवन में कक्षाओं के अभाव में बच्चों को बरामदे या पेड़ के नीचे बैठाकर पढ़ाना पड़ता है।
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कई बार विभाग को पत्र लिखकर इसकी जानकारी देकर अतिरिक्त कक्ष निर्माण की मांग की गई है, मगर अभी तक कोई पहल नहीं हुआ है। इसी तरह प्राथमिक विद्यालय पडिय़ा में 136 के सापेक्ष 55 बच्चे उपस्थित मिले। सहायक अध्यापक शिवकरन ने बताया कि इंचार्ज प्रधानाध्यापक अमित कुमार दुबे व सहायक अध्यापक संजय सिंह दो दिनों से स्कूल नहीं आए हैं। बच्चों से एमडीएम के भोजन बनने के बारे में पूछा गया तो बताया कि कभी-कभी खाना बनता है।
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फल भी अब तक सिर्फ एक बार ही बंटा है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय में 40 के सापेक्ष 10 बच्चे मिले। इसमें भी ज्यादातर बच्चे टहल रहे थे। सहायक अध्यापक दीपक बाबू ने बताया कि इंचार्ज प्रधानाध्यापक मथुरा प्रसाद पांडेय बीआरसी पर गए हुए हैं। यहां भी एमडीएम का हाल प्राथमिक स्कूल जैसा था। स्कूल में लगा इकलौता इंडिया मार्का हैंडपंप-टू बनने के बाद से खराब पड़ा है, जिससे बच्चे गांव में पानी पीने के लिए जाते हैैं। इसी तरह प्राथमिक विद्यालय जुआराई में शनिवार सुबह 10 बजे बच्चे एमडीएम में बने सब्जी-चावल खाते मिले। सहायक अध्यापक परवेज अहमद व तौलनराम ऑफिस में बैठे थे।
वंदना सिंह छुट्टी पर थी। भीटा नानकार प्राथमिक विद्यालय पर भी जुआराई का ही नजारा दिखाई दिया। वहां तैनात सहायक अध्यापक जितेंद्र कुमार पांच दिनों से विद्यालय में अनुपस्थित रहने की जानकारी स्टाफ ने दी। प्राथमिक विद्यालय गनवरिया खुर्द में पंजीकृत 122 में 70 बच्चे मौजूद मिले।
यहां बच्चों को पढ़ाने का जिम्मा अकेले प्रधानाध्यापक राजेंद्र कुमार संभाले हुए थे। अन्य स्टाफ नदारद थे। इस संबंध में भनवापुर खंड शिक्षाधिकारी ज्ञानचंद्र मिश्रा ने बताया कि जिस भी विद्यालय में अध्यापकों की लापरवाही मिलेगी, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जल्द ही वह खुद ही विद्यालयों का औचक निरीक्षण करेंगे।