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Siddharthnagar News: उदयीमान सूर्य देव काे अर्घ्य देकर, व्रती महिलाओं ने ग्रहण किया प्रसाद
Tue, 21 Nov 2023 12:58 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 21 Nov 2023 12:58 AM IST
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बढ़नी नगर के पश्चिम पोखरे पर उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देता व्रती महिलाएं। संवाद
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महापर्व छठ व्रत के समापन पर शहर, कस्बाें व गांवों के घाटों पर उमड़ा आस्था का सैलाब
आधी रात से ही गीत गातीं श्रद्धालुओं की टोलियां घाट पर पहुंचकर करती रहीं पूजा की तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। महापर्व छठ व्रत के अंतिम दिन सोमवार भोर में उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के लिए शहर, कस्बों व गांव के घाटों पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। आधी रात से ही श्रद्धालुओं की टोलियां गीत गाते घाटों पर पहुंचकर पूजा की तैयारी में जुट गई थीं। विभिन्न स्थानों पर पूरी रात भक्ति कार्यक्रम चलते रहे और लोग आस्था में डूबे रहे। व्रती महिलाओं ने उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देकर प्रसाद ग्रहण कर पारण किया।
छठ महापर्व के चौथे और अंतिम दिन व्रती और श्रद्धालु अपने परिजनों के साथ सोमवार सुबह विभिन्न नदी, घाटों और तालाबों के किनारे पहुंचे। शहर के जमुआर घाट पर रात एक बजे से ही श्रद्धालुओं की टोलियां गीत गाते हुए पूजा सामग्री के साथ पहुंचने लगीं। वहां पर पूरी रात भक्ति गीत और भजन कार्यक्रम चलता रहा।
इस बीच श्रद्धालु अपनी वेदियों पर पूजन सामग्री के साथ पूजा की तैयारी करते रहे। उन्हें बेसब्री के साथ भगवान भाष्कर के उदय होने का इंतजार था। भोर होते ही धीरे-धीरे उदय होते हुए सूर्य की किरणें पानी पर पड़ीं तो ‘पुरुबे से उगेले नारायन, पछिमे होला उजियार’ और ‘उग हो सूरुज देव भईल अरघ के बेर’ सरीखे छठ माई के गीतों से गूंज उठे।
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व्रतियों एवं श्रद्धालुओं ने पानी में खड़े होकर उगते सूर्य को व्रत का दूसरा अर्घ्य देकर पूजन किया। इसके बाद व्रतियों प्रसाद ग्रहण कर पारण किया और श्रद्धालुओं के बीच भी प्रसाद वितरण कर घर लौटने लगे।
पकड़ी बाजार प्रतिनिधि के अनुसार चार दिन से चल रहे छठ महापर्व पर सोमवार के भोर में पकड़ी, बुढनईया, लमुईया, बैदौली, खिरकिया, नईडहर घाट पर व्रती महिलाओं ने उगते सूर्य देव को अर्घ्य देकर व्रत का समापन किया।
वाहन नहीं रोकते तो लगता जाम
सिद्धार्थनगर। छठ पर्व पर शहर के जमुआर घाट पर उगते सूर्य को अर्घ्य देकर लौट रहे श्रद्धालुओं की भीड़ का आलम यह था कि वाहनों से खाली सड़क पर आगे बढ़ना मुश्किल था।
प्रशासन ने घाट की तरफ जाने वाले मार्ग पर वाहनों के आवागमन पर रोक लगाई थी। देर रात से बारी-बारी पहुंचा श्रद्धालुओं का समूह सूर्य देव को अर्घ्य देने के बाद घाट से एकसाथ वापस हो रही। श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच गुजरना संभव नहीं दिख रहा था। लोग रेंगते हुए सड़क से गुजर रहे थे। लोगों का कहना था कि अगर वाहनों के आवागमन पर रोक नहीं लगाई होती तो शहरियों को बहुत देर तक जाम का सामना करना पड़ता।
आकर्षण का केंद्र रही छठी मइया बनी कलाकार
शहर के प्राकृतिक जमुआर नाले के घाट पर उगते सूर्य देव का अर्घ्य देने पहुंचीं व्रतियों और श्रद्धालुओं के लिए छठी मइया बनी कलाकार आकर्षण की केंद्र रही। सोमवार को भोर में पानी में बोट से छठी मइया बनी कलाकार जमुआर नाले के दोनों तरफ घाट पर मौजूद व्रतियों एवं श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देते घूम रही थी। पैर से चलने वाले बोट को एक युवक चला रहा था। घाट पर व्रतियों, श्रद्धालुओं व परिजनों में सेल्फी लेने की भी होड़ मची रही।
श्रद्धापूर्वक पूजन कर दिया अर्घ्य
तुलसियापुर। शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के बानगंगा, घोरही, बूढ़ी राप्ती नदी व विभिन्न पोखरों के तटों पर सोमवार सुबह के चार बजते-बजते शहर के सभी गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। घाटों पर पहुंचीं व्रती महिलाओं ने वेदी को गंगा जल से धोया। छह ईखों को वेदी के पास खड़ा किया। फिर दीपों में घी और बाती सजा कर उसे प्रज्ज्वलित कर पूजन-अर्चन शुरू किया। करीब एक से दो घंटे तक पूजन-अर्चन किया। सूर्योदय से कुछ पहले ही व्रती महिलाएं पानी में सूप लेकर खड़ी हो गईं। सभी की नजरें सूर्यदेव की तरफ थीं। जैसे ही छह बजकर 32 मिनट पर भगवान भाष्कर उदय हुए, श्रद्धालु उनका जयघोष करने लगे। इसके बाद दूध का अर्घ्य देने का क्रम शुरू हुआ। पुत्र एवं परिवार के अन्य सदस्यों सहित घाटों पर मौजूद लोगों ने व्रती महिलाओं को छह बार अर्घ्य दिया।
समूह में महिलाओं की ओर से गाए जाने वाले छठ मैया के गीत से पूरा वातावरण गुंजायमान रहा। बानगंगा नदी के महथा गांव के किनारे, घोहरी नदी पर मदरहिया-पिकौरा के बीच एनएच के किनारे व परसा रेलवे स्टेशन के सामने एनएच के किनारे स्थित पड़रिया मोड़ पर स्थित पोखरे पर औदही कलां, चरिहवा, मदरहिया, मानपुर, अहिरौला, तुलसियापुर, महथा, खड़कुईयां, परसा, पड़रिया, खड़कुईयां, झरुआ में व्रति महिलाओं ने अर्घ्य देकर पूजन किया। इस दौरान पूर्व प्रधान रामचंद्र शुक्ल, हियुवा के जिला महामंत्री अजय सिंह, जितेंद्र गोस्वामी, महेश निगम, विवेक प्रताप सिंह, विनोद शर्मा, राजकुमार, डाॅ. सुधीर शुक्ला मौजूद रहे।
घाटों पर रही सुरक्षा व्यवस्था
शोहरतगढ़। कस्बा के शिवबाबा घाट समेत बानगंगा, चिल्हिया, पल्टादेवी, करौती, बेलवा महदेवा, बानगंगा, बड़गो, कपिया, टेकनार, गायघाट, धुसरी बुजुर्ग, धुसरी खुर्द, गौरा बाज़ार, खुरहुरिया, बूढ़ापारा पकड़ी घाटों पर छठ व्रती महिलाओं समेत परिवारिजन भोर में पहुंच कर पूजा की तैयारी में जुट गए थे। जहां उन्होंने उगते हुए सूर्य देवता को अर्घ्य देकर छठ पूजा व्रत समाप्त किया। विधायक विनय वर्मा ने पत्नी संग और अध्यक्ष उमा अग्रवाल ने पति रवि अग्रवाल संग उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर क्षेत्र के खुशहाली के लिए छठी मइया से मनोकामना की। नगर पंचायत की ओर से शिव बाबा घाट पर इस वर्ष पोखरे में नाव और गोताखोर की व्यवस्था की गई थी। सुरक्षा को सीओ अरुण कांत सिंह, शोहरतगढ़ थानाध्यक्ष राज कुमार पांडेय, चिल्हिया एसओ दीपक कुमार सहित बड़ी संख्या में पुलिस के जवान मुस्तैद रहे।
इस दौरान उमेश प्रताप सिंह, सूर्य प्रकाश पांडेय, शिवप्रसाद वर्मा, किशोरी लाल गुप्ता, कन्हैयालाल गुप्ता, पंकज मौजूद रहे।
घाटों पर उमड़ा आस्था का सैलाब
पथरा। सरयू नहर में पथरा बाजार के दक्षिण स्थित घाट पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा था। घाट पर जुटे श्रद्धालुओं से वहां मेले जैसा नजारा रहा। सोमवार भोर से ही घाट के किनारे धूप दीप, नैवेद्य अर्पित कर भगवान भाष्कर की पूजन-अर्चन की। इसके साथ ही उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। जागरण में रात्रि दो बजे पहुंचे सांसद जगदंबिका पाल ने क्षेत्र वासियों को छठ पर्व की शुभकामनाएं दीं।
छठ भक्ति गीत पर पूरी रात झूमते रहे श्रोता
शोहरतगढ़। शिवबाबा छठ घाट पर आयोजित भजन संध्या में भजन गायिका शिप्रा सलोनी व पंकज निगम ने छठ मइया की महिमा का भजन प्रस्तुत किया। जिसे सुनकर श्रोता मुग्ध हो गए।
लखनऊ के कलाकारों ने शिव शक्ति, राधाकृष्ण व हनुमानजी की झांकी प्रस्तुत कर मुग्ध कर दिया।
छठ घाट पर स्टाल लगा किया दूध वितरित
बांसी। नगर के रानी मोहभक्त लक्ष्मी स्नान घाट पर व्रती महिलाओं ने उदीयमान सूर्य को अर्घ्य दिया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नगर पालिका प्रशासन ने नदी में बैरिकेडिंग, समुचित प्रकाश की व्यवस्था कराई थी। घाट पर स्टाल लगाकर नगर पालिका अध्यक्ष चमन आरा राईनी ने व्रती महिलाओं को पूजा करने के लिए दूध का वितरण किया। सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिकोण से निगरानी के लिए ड्रोन कैमरा व पुलिस का अस्थायी टावर बनाया गया है। घाट पर एसडीएम बांसी कुणाल, सीओ देवी गुलाम, कोतवाली अनुज सिंह, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मो इद्रीश पटवारी मौजूद रहे।
मंदिर पोखरे पर किया सूर्य उपासना
डुमरियागंज।भानपुररानी स्थित भुवनेश्वर नाथ मंदिर के पोखरे पर उदीयमान भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर संतान के दीर्घायु के साथ सभी के सुख समृद्धि की कामना की। इस दौरान पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह, लवकुश ओझा, मधुसूदन अग्रहरि, ओमप्रकाश श्रीवास्तव, संदीप जयसवाल मौजूद रहे। बर्डपुर प्रतिनिधि के अनुसार कस्बा स्थित पोखरे घाट पर सुबह छठ व्रतियों ने उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया।
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महापर्व छठ व्रत के समापन पर शहर, कस्बाें व गांवों के घाटों पर उमड़ा आस्था का सैलाब
आधी रात से ही गीत गातीं श्रद्धालुओं की टोलियां घाट पर पहुंचकर करती रहीं पूजा की तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। महापर्व छठ व्रत के अंतिम दिन सोमवार भोर में उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के लिए शहर, कस्बों व गांव के घाटों पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। आधी रात से ही श्रद्धालुओं की टोलियां गीत गाते घाटों पर पहुंचकर पूजा की तैयारी में जुट गई थीं। विभिन्न स्थानों पर पूरी रात भक्ति कार्यक्रम चलते रहे और लोग आस्था में डूबे रहे। व्रती महिलाओं ने उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देकर प्रसाद ग्रहण कर पारण किया।
छठ महापर्व के चौथे और अंतिम दिन व्रती और श्रद्धालु अपने परिजनों के साथ सोमवार सुबह विभिन्न नदी, घाटों और तालाबों के किनारे पहुंचे। शहर के जमुआर घाट पर रात एक बजे से ही श्रद्धालुओं की टोलियां गीत गाते हुए पूजा सामग्री के साथ पहुंचने लगीं। वहां पर पूरी रात भक्ति गीत और भजन कार्यक्रम चलता रहा।
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इस बीच श्रद्धालु अपनी वेदियों पर पूजन सामग्री के साथ पूजा की तैयारी करते रहे। उन्हें बेसब्री के साथ भगवान भाष्कर के उदय होने का इंतजार था। भोर होते ही धीरे-धीरे उदय होते हुए सूर्य की किरणें पानी पर पड़ीं तो ‘पुरुबे से उगेले नारायन, पछिमे होला उजियार’ और ‘उग हो सूरुज देव भईल अरघ के बेर’ सरीखे छठ माई के गीतों से गूंज उठे।
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व्रतियों एवं श्रद्धालुओं ने पानी में खड़े होकर उगते सूर्य को व्रत का दूसरा अर्घ्य देकर पूजन किया। इसके बाद व्रतियों प्रसाद ग्रहण कर पारण किया और श्रद्धालुओं के बीच भी प्रसाद वितरण कर घर लौटने लगे।
पकड़ी बाजार प्रतिनिधि के अनुसार चार दिन से चल रहे छठ महापर्व पर सोमवार के भोर में पकड़ी, बुढनईया, लमुईया, बैदौली, खिरकिया, नईडहर घाट पर व्रती महिलाओं ने उगते सूर्य देव को अर्घ्य देकर व्रत का समापन किया।
वाहन नहीं रोकते तो लगता जाम
सिद्धार्थनगर। छठ पर्व पर शहर के जमुआर घाट पर उगते सूर्य को अर्घ्य देकर लौट रहे श्रद्धालुओं की भीड़ का आलम यह था कि वाहनों से खाली सड़क पर आगे बढ़ना मुश्किल था।
प्रशासन ने घाट की तरफ जाने वाले मार्ग पर वाहनों के आवागमन पर रोक लगाई थी। देर रात से बारी-बारी पहुंचा श्रद्धालुओं का समूह सूर्य देव को अर्घ्य देने के बाद घाट से एकसाथ वापस हो रही। श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच गुजरना संभव नहीं दिख रहा था। लोग रेंगते हुए सड़क से गुजर रहे थे। लोगों का कहना था कि अगर वाहनों के आवागमन पर रोक नहीं लगाई होती तो शहरियों को बहुत देर तक जाम का सामना करना पड़ता।
आकर्षण का केंद्र रही छठी मइया बनी कलाकार
शहर के प्राकृतिक जमुआर नाले के घाट पर उगते सूर्य देव का अर्घ्य देने पहुंचीं व्रतियों और श्रद्धालुओं के लिए छठी मइया बनी कलाकार आकर्षण की केंद्र रही। सोमवार को भोर में पानी में बोट से छठी मइया बनी कलाकार जमुआर नाले के दोनों तरफ घाट पर मौजूद व्रतियों एवं श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देते घूम रही थी। पैर से चलने वाले बोट को एक युवक चला रहा था। घाट पर व्रतियों, श्रद्धालुओं व परिजनों में सेल्फी लेने की भी होड़ मची रही।
श्रद्धापूर्वक पूजन कर दिया अर्घ्य
तुलसियापुर। शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के बानगंगा, घोरही, बूढ़ी राप्ती नदी व विभिन्न पोखरों के तटों पर सोमवार सुबह के चार बजते-बजते शहर के सभी गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। घाटों पर पहुंचीं व्रती महिलाओं ने वेदी को गंगा जल से धोया। छह ईखों को वेदी के पास खड़ा किया। फिर दीपों में घी और बाती सजा कर उसे प्रज्ज्वलित कर पूजन-अर्चन शुरू किया। करीब एक से दो घंटे तक पूजन-अर्चन किया। सूर्योदय से कुछ पहले ही व्रती महिलाएं पानी में सूप लेकर खड़ी हो गईं। सभी की नजरें सूर्यदेव की तरफ थीं। जैसे ही छह बजकर 32 मिनट पर भगवान भाष्कर उदय हुए, श्रद्धालु उनका जयघोष करने लगे। इसके बाद दूध का अर्घ्य देने का क्रम शुरू हुआ। पुत्र एवं परिवार के अन्य सदस्यों सहित घाटों पर मौजूद लोगों ने व्रती महिलाओं को छह बार अर्घ्य दिया।
समूह में महिलाओं की ओर से गाए जाने वाले छठ मैया के गीत से पूरा वातावरण गुंजायमान रहा। बानगंगा नदी के महथा गांव के किनारे, घोहरी नदी पर मदरहिया-पिकौरा के बीच एनएच के किनारे व परसा रेलवे स्टेशन के सामने एनएच के किनारे स्थित पड़रिया मोड़ पर स्थित पोखरे पर औदही कलां, चरिहवा, मदरहिया, मानपुर, अहिरौला, तुलसियापुर, महथा, खड़कुईयां, परसा, पड़रिया, खड़कुईयां, झरुआ में व्रति महिलाओं ने अर्घ्य देकर पूजन किया। इस दौरान पूर्व प्रधान रामचंद्र शुक्ल, हियुवा के जिला महामंत्री अजय सिंह, जितेंद्र गोस्वामी, महेश निगम, विवेक प्रताप सिंह, विनोद शर्मा, राजकुमार, डाॅ. सुधीर शुक्ला मौजूद रहे।
घाटों पर रही सुरक्षा व्यवस्था
शोहरतगढ़। कस्बा के शिवबाबा घाट समेत बानगंगा, चिल्हिया, पल्टादेवी, करौती, बेलवा महदेवा, बानगंगा, बड़गो, कपिया, टेकनार, गायघाट, धुसरी बुजुर्ग, धुसरी खुर्द, गौरा बाज़ार, खुरहुरिया, बूढ़ापारा पकड़ी घाटों पर छठ व्रती महिलाओं समेत परिवारिजन भोर में पहुंच कर पूजा की तैयारी में जुट गए थे। जहां उन्होंने उगते हुए सूर्य देवता को अर्घ्य देकर छठ पूजा व्रत समाप्त किया। विधायक विनय वर्मा ने पत्नी संग और अध्यक्ष उमा अग्रवाल ने पति रवि अग्रवाल संग उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर क्षेत्र के खुशहाली के लिए छठी मइया से मनोकामना की। नगर पंचायत की ओर से शिव बाबा घाट पर इस वर्ष पोखरे में नाव और गोताखोर की व्यवस्था की गई थी। सुरक्षा को सीओ अरुण कांत सिंह, शोहरतगढ़ थानाध्यक्ष राज कुमार पांडेय, चिल्हिया एसओ दीपक कुमार सहित बड़ी संख्या में पुलिस के जवान मुस्तैद रहे।
इस दौरान उमेश प्रताप सिंह, सूर्य प्रकाश पांडेय, शिवप्रसाद वर्मा, किशोरी लाल गुप्ता, कन्हैयालाल गुप्ता, पंकज मौजूद रहे।
घाटों पर उमड़ा आस्था का सैलाब
पथरा। सरयू नहर में पथरा बाजार के दक्षिण स्थित घाट पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा था। घाट पर जुटे श्रद्धालुओं से वहां मेले जैसा नजारा रहा। सोमवार भोर से ही घाट के किनारे धूप दीप, नैवेद्य अर्पित कर भगवान भाष्कर की पूजन-अर्चन की। इसके साथ ही उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। जागरण में रात्रि दो बजे पहुंचे सांसद जगदंबिका पाल ने क्षेत्र वासियों को छठ पर्व की शुभकामनाएं दीं।
छठ भक्ति गीत पर पूरी रात झूमते रहे श्रोता
शोहरतगढ़। शिवबाबा छठ घाट पर आयोजित भजन संध्या में भजन गायिका शिप्रा सलोनी व पंकज निगम ने छठ मइया की महिमा का भजन प्रस्तुत किया। जिसे सुनकर श्रोता मुग्ध हो गए।
लखनऊ के कलाकारों ने शिव शक्ति, राधाकृष्ण व हनुमानजी की झांकी प्रस्तुत कर मुग्ध कर दिया।
छठ घाट पर स्टाल लगा किया दूध वितरित
बांसी। नगर के रानी मोहभक्त लक्ष्मी स्नान घाट पर व्रती महिलाओं ने उदीयमान सूर्य को अर्घ्य दिया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नगर पालिका प्रशासन ने नदी में बैरिकेडिंग, समुचित प्रकाश की व्यवस्था कराई थी। घाट पर स्टाल लगाकर नगर पालिका अध्यक्ष चमन आरा राईनी ने व्रती महिलाओं को पूजा करने के लिए दूध का वितरण किया। सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिकोण से निगरानी के लिए ड्रोन कैमरा व पुलिस का अस्थायी टावर बनाया गया है। घाट पर एसडीएम बांसी कुणाल, सीओ देवी गुलाम, कोतवाली अनुज सिंह, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मो इद्रीश पटवारी मौजूद रहे।
मंदिर पोखरे पर किया सूर्य उपासना
डुमरियागंज।भानपुररानी स्थित भुवनेश्वर नाथ मंदिर के पोखरे पर उदीयमान भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर संतान के दीर्घायु के साथ सभी के सुख समृद्धि की कामना की। इस दौरान पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह, लवकुश ओझा, मधुसूदन अग्रहरि, ओमप्रकाश श्रीवास्तव, संदीप जयसवाल मौजूद रहे। बर्डपुर प्रतिनिधि के अनुसार कस्बा स्थित पोखरे घाट पर सुबह छठ व्रतियों ने उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया।