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Siddharthnagar News: सर्दी से जकड़ रहा सीना, सांस लेने में हो रही तकलीफ

Fri, 20 Oct 2023 11:49 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 20 Oct 2023 11:49 PM IST
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Chest tight due to cold, difficulty in breathing
एकाएक बच्चे होने लगे सर्दी, जुकाम के शिकार, पीआईसीयू वार्ड में सात बच्चे भर्ती
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बोले चिकित्सक-मौसम में बदलाव का बच्चों पर पड़ रहा है प्रतिकूल असर

संवाद न्यूज एजेंसी

सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में बीमार बच्चों की संख्या बढ़ गई है। ओपीडी से पीआईसीयू वार्ड तक बच्चे पहुंच रहे हैं। इसमें बच्चों में सर्दी, जुकाम के साथ ही एकाएक सीने में जकड़न हो रहा है और सांस लेने में उन्हें तकलीफ हो रही है। चिकित्सक इसे मौसम का असर बता रहे हैं। उनका कहना है कि सुबह और शाम में होने वाली ठंड बच्चों को बीमार बनाने के लिए काफी है। इसमें बच्चों को सुरक्षित रखने की जरूरत है। बीमार होने तक तत्काल अस्पताल न पहुंचाया जाए तो उनके लिए घातक साबित हो सकता है।

मौसम में बदलाव होने पर कई प्रकार की बीमारियों से लोग ग्रसित होते हैं। पिछले एक पखवारा से मौसम में लगातार नरमी आ रही है। दिन में धूप और सुबह व शाम में ठंड से लोग अनजान हैं। लेकिन यह बच्चों के सेहत पर भारी पड़ने लगा है। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में बीमार बच्चों की संख्या बढ़ गई है। ओपीडी में बालरोग विशेषज्ञ चिकित्सक के कक्ष के बाहर मरीजों की भीड़ लगी थी। दोपहर 12 बजे तक चिकित्सक डॉ. नामिता और डॉ. शालिनी पांडेय 72 बच्चों को देख चुकी थीं। इनमें अधिकांश बच्चों के गले में घरघराहट और सांस लेने में तकलीफ होने की शिकायत थी। चिकित्सकों ने बताया कि यह एकाएक बदले मौसम के करण हो रहा है। कारण अभी लोग उस मौमस में ढ़ले नहीं हैं। गुलाबी ठंड बच्चों पर भारी पड़ रहा है। वहीं, पीआईसीयू वार्ड में सात बच्चे भर्ती थे। इनमें पांच बच्चों को सर्दी के साथ जकड़न और सांस लेने की शिकायत थी। चिकित्सक निमोनिया का लक्षण बता रहे थे। वहीं दो बच्चों में तेज बुखार की शिकायत थी। स्वास्थ्य कर्मियों का कहना था कि बचाव बेहद जरूरी है। इस संबंध में प्राचार्य डॉ. एके झा ने बताया कि अस्पाल में मौजूद सुविधाओं में बेहतर इलाज किया जा रहा है। मौसम की बीमारी को देखते हुए व्यवस्था मुक्कमल की जा रही है। जिससे मरीजों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो।
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बोले चिकित्सक

मौमस के बदलाव का सबसे प्रतिकूल असर बच्चों पर सबसे पहले पड़ता है। पिछले एक पखवारे से सुबह और शाम में ठंड हो रही है। जबकि दिन में कड़ी धूप। ऐसे में बच्चों अधिक बीमार पड़ रहे हैं। क्योंकि कपड़े गर्म पहनाने की जरूरत है। पर हल्के कपड़े पहन रहीं हैं। जिससे निमोनिया जैसी बीमारी की चपेट में आने लगे हैं। बच्चों को गर्म कपड़े पहनाने की जरूरत है। जिससे उन्हें निमोनिया सहित अन्य बीमारी से बचाया जा सके।
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डॉ. संजय चौधरी, बालरोग विशेषज्ञ

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मौजूदा समय में जो बच्चे आ रहे हैं, उनमें अधिकांश सर्दी और जुकाम के शिकार हैं। जुकाम के साथ ही जकड़न हो जा रहा है। जिससे सांस लेने में उन्हें दिक्कत हो रही है। यह समस्या और गंभीर हो सकती है। क्योंकि यह निमोनिया का लक्षण है। अगर बच्चे को एक दिन के जुकाम में जकड़न और सांस लेने में दिक्कत हो रही है तो तत्काल विशेषज्ञ चिकित्सक को दिखाएं। उनकी सलाह से सही दवा लें। इसमें देरी बच्चे के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है।

डॉ. फजल खान, बालरोग विशेष माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज
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