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Siddharthnagar News: समस्याओं को लेकर भाकियू (भानू गुट) ने भरी हुंकार
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सीएम को संबोधित 17 सूत्री ज्ञापन डीएम को सौंपा
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। भाकियू (भानू गुट) ने शुक्रवार को कलक्ट्रेट परिसर में बैठक कर किसानों की समस्याओं पर चर्चा कर उसके समाधान की मांग की। मुख्यमंत्री को संबोधित 17 सूत्री ज्ञापन डीएम को सौंपा। जिलाध्यक्ष राकेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि जिले की सभी पांचों तहसीलों में निर्धारित रेट से अधिक कीमत पर यूरिया खाद बेची जा रही है। स्टॉक की कमी के चलते दुकानदार किसानें का शोषण कर रहे हैं। जिले की नहरों में पानी नहीं है, जिसके चलते सिंचाई प्रभावित हो रही है। वरासत और जमीनों के खारिज दाखिल के लिए किसानों को तहसीलों का चक्कर लगाना पड़ रहा है और उनका काम समय पर नहीं हो रहा है। गांवों में बनाए गए अधिकतर सामुदायिक शौचालयों का संचालन अभी नहीं हो रहा है, जिसके चलते लोगों को खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्र के लोग अघोषित बिजली कटौती से परेशान हैं और कोटेदारों की मनमानी से निर्धारित मात्रा से कम राशन पात्रों को दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि छुट्टा पशुओं के चलते किसानों का काफी नुकसान हो रहा है। गोशालाओं को कागजों में चलाया जा रहा है जबकि पशु सड़कों पर घूम रहे हैं। इस दौरान ईश्वरी प्रसाद मिश्रा, उदय प्रताप, मो इस्माइल, पवन कुमार, अब्दुल रहीम, मथुरा प्रसाद पांडेय, कंचन देवी और रामफेर यादव आदि मौजूद थे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। भाकियू (भानू गुट) ने शुक्रवार को कलक्ट्रेट परिसर में बैठक कर किसानों की समस्याओं पर चर्चा कर उसके समाधान की मांग की। मुख्यमंत्री को संबोधित 17 सूत्री ज्ञापन डीएम को सौंपा। जिलाध्यक्ष राकेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि जिले की सभी पांचों तहसीलों में निर्धारित रेट से अधिक कीमत पर यूरिया खाद बेची जा रही है। स्टॉक की कमी के चलते दुकानदार किसानें का शोषण कर रहे हैं। जिले की नहरों में पानी नहीं है, जिसके चलते सिंचाई प्रभावित हो रही है। वरासत और जमीनों के खारिज दाखिल के लिए किसानों को तहसीलों का चक्कर लगाना पड़ रहा है और उनका काम समय पर नहीं हो रहा है। गांवों में बनाए गए अधिकतर सामुदायिक शौचालयों का संचालन अभी नहीं हो रहा है, जिसके चलते लोगों को खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्र के लोग अघोषित बिजली कटौती से परेशान हैं और कोटेदारों की मनमानी से निर्धारित मात्रा से कम राशन पात्रों को दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि छुट्टा पशुओं के चलते किसानों का काफी नुकसान हो रहा है। गोशालाओं को कागजों में चलाया जा रहा है जबकि पशु सड़कों पर घूम रहे हैं। इस दौरान ईश्वरी प्रसाद मिश्रा, उदय प्रताप, मो इस्माइल, पवन कुमार, अब्दुल रहीम, मथुरा प्रसाद पांडेय, कंचन देवी और रामफेर यादव आदि मौजूद थे।
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