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शादी के दिन प्रेमी के घर पुलिस संग पहुंची प्रेमिका
siddharthnagar
Updated Sun, 14 May 2017 10:50 PM IST
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शोहरतगढ़ ।
बारात निकलने से ठीक पहले नाबालिग प्रेमिका रविवार को परिजन व राजस्थान पुलिस के साथ प्रेमी के घर पहुंच गई। इससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया। काफी देर तक पंचायत चली। मान-मनौव्वल के बाद प्रेमिका घर लौटी। उसके बाद प्रेमी की बारात रवाना हुई।
शोहरतगढ़ थाना के ग्राम ईटवाभाट निवासी मेराज अहमद राजस्थान के कोटा शहर में मजदूरी करता था। इसी दौरान मोहल्ला निवासी नाबालिग (17) से नजदीकियां हो गईं। दोनों ने साथ में जीने-मरने की कसमें भी खाईं। जब प्रेम परवान चढ़ा तो 26 अप्रैल को मेराज व नाबालिग प्रेमिका भाग कर ईटवाभाट आ गए। परिजनों ने खोज शुरू की तो प्रेमी युगल ने नेपाल के कपिलवस्तु जिला निवासी रिश्तेदार के घर में शरण ले ली। परिजनों ने शोहरतगढ़ थाना में इस बाबत प्राथमिकी भी दर्ज कराई। करीब एक सप्ताह बाद नाबालिग राजस्थान वापस लौट गई थी। कुछ दिनों बाद दोनों मोबाइल पर बात करने लगे। बातचीत के दौरान मेराज अहमद ने शादी तय होने और तारीख को बताया। इसके बाद प्रेमी ने मोबाइल को स्विच ऑफ कर दिया। इसके बाद नाबालिग की जिद के सामने परिजनों ने प्रेमी के घर चलने की बात मान ली। गांव में पहुंचने के बाद पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच बातचीत का दौर शुरू हुआ। मामला सुलह-समझौते के आधार पर समाप्त किया गया। आपसी सहमति से सुलहनामा लिखा गया। इसके बाद प्रेमिका अपने परिजनों के साथ राजस्थान चली गई और मेराज की बरात रवाना हुई।
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बारात निकलने से ठीक पहले नाबालिग प्रेमिका रविवार को परिजन व राजस्थान पुलिस के साथ प्रेमी के घर पहुंच गई। इससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया। काफी देर तक पंचायत चली। मान-मनौव्वल के बाद प्रेमिका घर लौटी। उसके बाद प्रेमी की बारात रवाना हुई।
शोहरतगढ़ थाना के ग्राम ईटवाभाट निवासी मेराज अहमद राजस्थान के कोटा शहर में मजदूरी करता था। इसी दौरान मोहल्ला निवासी नाबालिग (17) से नजदीकियां हो गईं। दोनों ने साथ में जीने-मरने की कसमें भी खाईं। जब प्रेम परवान चढ़ा तो 26 अप्रैल को मेराज व नाबालिग प्रेमिका भाग कर ईटवाभाट आ गए। परिजनों ने खोज शुरू की तो प्रेमी युगल ने नेपाल के कपिलवस्तु जिला निवासी रिश्तेदार के घर में शरण ले ली। परिजनों ने शोहरतगढ़ थाना में इस बाबत प्राथमिकी भी दर्ज कराई। करीब एक सप्ताह बाद नाबालिग राजस्थान वापस लौट गई थी। कुछ दिनों बाद दोनों मोबाइल पर बात करने लगे। बातचीत के दौरान मेराज अहमद ने शादी तय होने और तारीख को बताया। इसके बाद प्रेमी ने मोबाइल को स्विच ऑफ कर दिया। इसके बाद नाबालिग की जिद के सामने परिजनों ने प्रेमी के घर चलने की बात मान ली। गांव में पहुंचने के बाद पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच बातचीत का दौर शुरू हुआ। मामला सुलह-समझौते के आधार पर समाप्त किया गया। आपसी सहमति से सुलहनामा लिखा गया। इसके बाद प्रेमिका अपने परिजनों के साथ राजस्थान चली गई और मेराज की बरात रवाना हुई।
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