{"_id":"65bd59634856356dc20aa234","slug":"being-aware-of-vector-borne-diseases-siddharthnagar-news-c-227-1-sgkp1034-112269-2024-02-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: वेक्टर जनित बीमारियों के प्रति किया जा रहा जागरूक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: वेक्टर जनित बीमारियों के प्रति किया जा रहा जागरूक
Sat, 03 Feb 2024 02:36 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 03 Feb 2024 02:36 AM IST
विज्ञापन
बांसी। वेक्टर जनित रोग डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, इंसेफेलाइटिस के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए डायट में शिक्षकों ने कठपुतली नाटकों के माध्यम से तैयारी पूरी कर ली है। इसके जरिए लोगों को जागरूक किया जाएगा।
भारत सरकार की संस्था राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद तथा इंडियन साइंस कम्युनिकेशन सोसायटी की ओर से जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान डायट में प्राचार्य उपेंद्र कुमार की अगुवाई में दूर होगी मलेरिया बीमारी, जब होगी हम सब की भागीदारी, नन्हे मच्छर के प्रहार बड़े, क्या हम देखें खड़े-खड़े जैसे कई नाटक तैयार किए गए हैं। भारतीय विज्ञान लेखक संघ के तारिक बदर ने कठपुतली के माध्यम से इनके प्रस्तुतीकरण की बारीकियों को समझाया। वरिष्ठ प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने संवाद रोचक रखने पर जोर दिया।
विज्ञान संचारक संतोष त्रिपाठी ने बताया कि कठपुतली नाटक में एक ही व्यक्ति आवाज बदल बदल कर कई पात्रों का अभिनय कर सकता है। प्रतिभागियों ने विज्ञान नाटकों के पात्रों के आधार पर बनाई गई रंग बिरंगी कठपुतलियों के माध्यम से अपनी अभिनय क्षमता का प्रदर्शन किया। ग्रामीण क्षेत्रों के कई विद्यालयों में कठपुतली नाटक प्रस्तुत कर लोगों को जागरूक किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
भारत सरकार की संस्था राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद तथा इंडियन साइंस कम्युनिकेशन सोसायटी की ओर से जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान डायट में प्राचार्य उपेंद्र कुमार की अगुवाई में दूर होगी मलेरिया बीमारी, जब होगी हम सब की भागीदारी, नन्हे मच्छर के प्रहार बड़े, क्या हम देखें खड़े-खड़े जैसे कई नाटक तैयार किए गए हैं। भारतीय विज्ञान लेखक संघ के तारिक बदर ने कठपुतली के माध्यम से इनके प्रस्तुतीकरण की बारीकियों को समझाया। वरिष्ठ प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने संवाद रोचक रखने पर जोर दिया।
विज्ञापन
विज्ञान संचारक संतोष त्रिपाठी ने बताया कि कठपुतली नाटक में एक ही व्यक्ति आवाज बदल बदल कर कई पात्रों का अभिनय कर सकता है। प्रतिभागियों ने विज्ञान नाटकों के पात्रों के आधार पर बनाई गई रंग बिरंगी कठपुतलियों के माध्यम से अपनी अभिनय क्षमता का प्रदर्शन किया। ग्रामीण क्षेत्रों के कई विद्यालयों में कठपुतली नाटक प्रस्तुत कर लोगों को जागरूक किया गया।
विज्ञापन