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आशा ने कर्मचारियों को बंधक बनाया

Tue, 28 Mar 2017 10:46 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर Updated Tue, 28 Mar 2017 10:46 PM IST
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 Asha made the employees hostage
प्रदर्शन करती महिलाएं - फोटो : amar ujala
सिद्धार्थनगर। स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं में काम के बावजूद मानदेय न मिलने से क्षुब्ध आशा, संगिनी व एएनएम ने नौगढ़ पीएचसी पर कर्मचारियों को बंधक बना लिया। ब्लॉक प्रबंधन इकाई के कार्यालय कक्ष में सुबह 11 बजे से कैद बीसीपीएम, एकाउंट मैनेजर व कंप्यूटर ऑपरेटर शाम 4 बजे तक मुक्त नहीं हो पाए थे। मानदेय भुगतान न होने से गुस्साई आशाओं को मनाने की सारी कोशिशें विफल रहीं। उनका कहना था कि जब तक सीएमओ या उनके समकक्ष अफसर मौके पर आकर भुगतान के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं देते, वह ताला नहीं खोलेंगी।
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत जननी सुरक्षा योजना, फेमिली प्लानिंग, टीबी उन्मूलन, कॉपर-टी संबंधित कार्यक्रमों में प्रतिभाग करने वाली आशाओं को मानदेय नहीं मिला है। नौगढ़ पीएचसी से जुड़ी आशा, संगिनी व एएनएम का कहना था कि वर्ष 2015 से अब तक का भुगतान लंबित है। कई बार विभागीय अफसरों से वार्ता कर भुगतान की मांग की गई, लेकिन सिर्फ आश्वासन ही मिलता रहा है। गांव-गांव जाकर अथक परिश्रम के बावजूद मानदेय न मिलने से कर्मचारी हतोत्साहित हैं। आरोप लगाया कि ब्लाक स्तर के कर्मचारी मिलीभगत कर पूरा पैसा हजम कर रहे हैं। गुस्साई आशा, संगिनी बुधवार को नौगढ़ पीएचसी पहुंची और वहां ब्लाक प्रबंधन इकाई कार्यालय में मौजूद ब्लॉक कंयूनिटी प्रोसेस मैनेजर (बीसीपीएम), एकाउंट मैनेजर व कंप्यूटर ऑपरेटर को बंद कर कमरे में ताला लगा दिया।
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सुबह 11 बजे से सायं 4 बजे तक मुक्त नहीं हो पाए थे। भुगतान में देरी के लिए अपने स्तर पर कोई चूक न होने की दलील देते रहे, लेकिन प्रदर्शनकारी महिलाएं कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थीं। उनका कहना था कि ब्लॉक स्तर से पत्रावली न जाने के कारण ही भुगतान नहीं हो पा रहा। जब तक उनका भुगतान नहीं होता, वह ताला नहीं खोलेंगी। शाम 4 बजे तक तालाबंदी जारी रही। तालाबंदी करने वालों में विजय लक्ष्मी सिंह, मिथिलेश त्रिपाठी, अन्नपूर्णा श्रीवास्तव, मंजू पांडेय, सुशीला मौर्य, प्रमिला, पुष्पा शर्मा, सुधा मिश्र, रीना मौर्य, प्रिया चौधरी, फूलमती, उर्मिला, कुसुम त्रिपाठी, अनिता यादव, प्रमिला, सुनीता देवी, सत्यावती, मनीष, उर्मिला आदि शामिल रहीं।
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पीएचसी प्रभारी डॉ. अमित उपाध्याय ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। डॉ. उपाध्याय का कहना था कि टीबी उन्मूलन योजना का बजट उपलब्ध नहीं है। अन्य योजनाओं में उन्होंने कार्यकाल का अधिकाधिक भुगतान करा दिया है। 
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