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Siddharthnagar News: कोहरा बढ़ते ही जहरीली हुई हवा, सांस लेना मुश्किल

Tue, 16 Dec 2025 11:21 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Tue, 16 Dec 2025 11:21 PM IST
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As the fog increases, the air becomes toxic, making breathing difficult.
शहर में सुबह कोहरे के दौरान विद्यालय जाते बच्चे। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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सिद्धार्थनगर। नेपाल के तराई इलाके के नाम से प्रसिद्ध सिद्धार्थनगर क्षेत्र ठंड की शुरुआत के साथ कोहरे की चपेट में आ जाता है। मंगलवार को जनपद में घने कोहरे की चादर ने जनजीवन की रफ्तार थाम दी।
कोहरे के साथ बढ़े प्रदूषण ने लोगों की सांसों पर सीधा हमला किया है। हालात ऐसे हैं कि एक्यूआई स्तर 150 से उछलकर 179 तक पहुंच गया है, जिससे तराई क्षेत्र स्मॉग और धूल की परत में लिपट गया है।
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शहर के बस्ती- ककरहवा मार्ग ओवरब्रिज, अशोक मार्ग घने कोहरे की चपेट में आ गया। कोहरे के कारण आम दिनों की तुलना में सुबह सड़क पर लोगों की संख्या काफी कम नजर आई।
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वहीं, कोहरे का घनत्व बढ़ते ही हवा में धूल, गुबार और प्रदूषण के कण लंबे समय तक ठहरने लगे। बाइक चलाने पर कपड़े पर मिट्टी जैसी परत चिपकी नजर आ रही है। यह वजह रही कि एक्यूआई का स्तर तेजी से बढ़ा और असर प्रदूषण स्तर पर पड़ा है।
वहीं, कोहरे के कारण दृष्यता तीन मीटर तक आ गई। नगर के अलावा, बांसी, डुमरियागंज, इटवा और शोहरतगढ़ तहसील मुख्यालय के अलावा ग्रामीण इलाके में सुबह से ही सड़कों पर वाहनों का पहिया थम गया।
सड़क पर वाहन डिपर जलाकर रेंगते नजर आए। हाईवे से लेकर शहरी सड़कों तक कोहरे का असर साफ दिखाई दिया। जो दोपहर 12:00 बजे तक जारी रहा। इसके बाद धीरे-धीरे कमी आनी शुरू हुई तो सूर्यदेव के दर्शन मिले, और शरीर को गर्मी पहुंची।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय है कि कोहरे में प्रदूषण का स्तर बढ़ता है, धूल और धुएं का कण परत बना लेता है, जिसका प्रभाव सीधा सांस पर पड़ता है। यही वजह है कि ठंड में अस्थमा के रोगियों की संख्या बढ़ जाती है। ऐसा कई दिनों तक रहने वाला है।
ऐसे में बुजुर्ग और शारीरिक रूप से कमजोर बच्चों को सुबह और शाम को बाहर कम निकलने दें। साथ ही मास्क का प्रयोग जरूर करें। अगर ऐसा नहीं करते हैं तो तकलीफ बढ़ सकती है।

क्योंकि अब परेशानी लगातार बढ़ेगी। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज और निजी नर्सिंगहोम में सांस, दमा और एलर्जी के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों के मुताबिक 24 घंटे में सांस से जुड़ी शिकायत लेकर 15 से 20 मरीज रोजाना पहुंच रहे हैं।
इमरजेंसी में भी ऐसे मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। उन्हें ऑक्सीजन देना पड़ रहा है।
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