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Siddharthnagar News: चालक को झपकी आते ही शोर मचाएगी एंटी स्लीप डिवाइस
Sun, 20 Oct 2024 12:10 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 20 Oct 2024 12:10 AM IST
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सिद्धार्थनगर। जिले से लंबी रूट की दिल्ली व लखनऊ शहर के लिए संचालित रोडवेज की बसों में चालकों को झपकी नहीं आएगी। चालकों को झपकी आने या नींद आते ही डिवाइस शोर मचा देगी, जिससे चालक की नींद टूट जाएगी। सिद्धार्थनगर डिपो से लंबे रूट पर संचालित होने वाली नौ बसों में एंटी स्लीप डिवाइस लगाई गई है।
इस डिवाइस से बसों के चालकों के रात में झपकी आने से होने वाले हादसों को रोका जा सकेगा। जल्द ही निर्देश मिलते ही डिपो की सभी बसों में यह डिवाइस लगाई जाएगी। डिपो के बेड़े में वर्तमान समय में 48 बसें हैं। इन बसों को विभिन्न मार्गों पर संचालित कराया जाता है। ज्यादातर बसें लांग रूट की होने पर रात तक सफर पूरा करके कहीं न कहीं खड़ी होती हैं। 15 बसें ऐसी हैं, जिनका संचालन लंबे रूटों पर किया जा रहा है। दिल्ली व लखनऊ सहित अन्य शहरों के लिए रात में बसें संचालित होती हैं। रात में संचालित होने वाली बसों में चालकों को झपकी आने या नींद आने की समस्या रहती है। ऐसी दशा में हादसे होने की आशंका बढ़ जाती है।
पायलट प्रोग्राम के तहत निगम ने रात में संचालित होने वाली बसों में एंटी स्लीप डिवाइस लगाने के निर्देश दिए। डिपो से लांग रूट पर 15 से अधिक बसों का संचालन होता है। जिसमें से नौ बसों में यह डिवाइस लगाई गई है। इसमें चालक को झपकी आने पर बस में अलार्म बज उठेगा। इससे चालक व परिचालक दोनों ही सतर्क हो जाएंगे। इसका संकेत एआरएम कार्यालय व प्रदेश मुख्यालय तक पहुंचेगा।
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पहले बीप फिर अलार्म करेगा सतर्क
सिद्धार्थनगर। रोडवेज की बसों में यह डिवाइस चालकों के पास स्टेयरिंग के पास लगाई गई है। कुछ देर तक चलती बस में स्टेयरिंग का काम न देख यह डिवाइस एक्टिव हो जाएगी। डिवाइस से बीप की बार-बार आवाज आएगी। इसके बाद भी स्टेयरिंग का मूवमेंट न मिलने पर अलार्म बज उठेगा, जिससे चालक और परिचालक अलर्ट हो जाएंगे। यदि बस की स्पीड भी ज्यादा होगी तो यह अलार्म बजेगा। संवाद
कोट
नौ बसों में एंटी स्लीप डिवाइस लगवा दी गई है। चालकों को बस चलाते समय झपकी व नींद आने से यह सतर्क करेगा। निर्देश मिलने पर शेष अन्य बसों में भी डिवाइस लगवाई जाएगी।
-विजय कुमार गंगवार, एआरएम
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इस डिवाइस से बसों के चालकों के रात में झपकी आने से होने वाले हादसों को रोका जा सकेगा। जल्द ही निर्देश मिलते ही डिपो की सभी बसों में यह डिवाइस लगाई जाएगी। डिपो के बेड़े में वर्तमान समय में 48 बसें हैं। इन बसों को विभिन्न मार्गों पर संचालित कराया जाता है। ज्यादातर बसें लांग रूट की होने पर रात तक सफर पूरा करके कहीं न कहीं खड़ी होती हैं। 15 बसें ऐसी हैं, जिनका संचालन लंबे रूटों पर किया जा रहा है। दिल्ली व लखनऊ सहित अन्य शहरों के लिए रात में बसें संचालित होती हैं। रात में संचालित होने वाली बसों में चालकों को झपकी आने या नींद आने की समस्या रहती है। ऐसी दशा में हादसे होने की आशंका बढ़ जाती है।
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पायलट प्रोग्राम के तहत निगम ने रात में संचालित होने वाली बसों में एंटी स्लीप डिवाइस लगाने के निर्देश दिए। डिपो से लांग रूट पर 15 से अधिक बसों का संचालन होता है। जिसमें से नौ बसों में यह डिवाइस लगाई गई है। इसमें चालक को झपकी आने पर बस में अलार्म बज उठेगा। इससे चालक व परिचालक दोनों ही सतर्क हो जाएंगे। इसका संकेत एआरएम कार्यालय व प्रदेश मुख्यालय तक पहुंचेगा।
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पहले बीप फिर अलार्म करेगा सतर्क
सिद्धार्थनगर। रोडवेज की बसों में यह डिवाइस चालकों के पास स्टेयरिंग के पास लगाई गई है। कुछ देर तक चलती बस में स्टेयरिंग का काम न देख यह डिवाइस एक्टिव हो जाएगी। डिवाइस से बीप की बार-बार आवाज आएगी। इसके बाद भी स्टेयरिंग का मूवमेंट न मिलने पर अलार्म बज उठेगा, जिससे चालक और परिचालक अलर्ट हो जाएंगे। यदि बस की स्पीड भी ज्यादा होगी तो यह अलार्म बजेगा। संवाद
कोट
नौ बसों में एंटी स्लीप डिवाइस लगवा दी गई है। चालकों को बस चलाते समय झपकी व नींद आने से यह सतर्क करेगा। निर्देश मिलने पर शेष अन्य बसों में भी डिवाइस लगवाई जाएगी।
-विजय कुमार गंगवार, एआरएम