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गुस्सा, नारेबाजी और प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो/सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 28 Feb 2016 11:11 PM IST
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रविवार को सदर विधायक विजय पासवान के कैंप कार्यालय पहुंचकर शिक्षकों ने बीएसए के खिलाफ प्रदर्शन कर नारेबाजी की। गुस्साए शिक्षकों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी शिकायतें नहीं सुनी जातीं तो वे विधायक आवास का घेराव करेंगे।
दर्जनों की संख्या में पहुंचे प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक व समायोजित शिक्षकों ने कहा कि विधायक जी, आपकी सरकार में यह क्या हो रहा है। अधिकारी बेलगाम हो चुके हैं।
नियम-कानूनों को ताख पर रखकर शिक्षकों का उत्पीड़न हो रहा है। महिला शिक्षकों से भी अफसर अमर्यादित भाषा का प्रयोग कर रहे हैं। शिकायत करने पर वेतन रोक दिया जा रहा है।
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पूरे जिले के शिक्षक डरे-सहमे हैं। ऐसे में काम कैसे होगा। शिक्षकों ने एक स्वर में बीएसए के खिलाफ आवाज बुलंद की। राष्ट्रपति से सम्मानित शिक्षक अष्टभुजा पांडेय, पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के कलीमुल्लाह, आदर्श शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन के जिला मंत्री श्याम बिहारी चौधरी सहित अन्य शिक्षकों ने बीएसए पर स्वार्थ के वशीभूत होकर कार्रवाई कर रहे हैं।
शासन के निर्देशों, नियम-कानूनों को दरकिनार कर दिया गया है। बताया कि महिला शिक्षकों की तैनात विकल्प के स्कूलों की बजाए दूर-दराज के क्षेत्रों में जानबूझकर किया जा रहा है। बाद में उत्पीड़न कर तैनाती स्थल को संशोधित किया जाता है।
मुख्यालय से सटे नौगढ़, बर्डपुर, लोटन ब्लॉकों में दर्जनों स्कूल बंद पड़े हैं, बावजूद महिला शिक्षकों को दूर-दराज और दुर्गम क्षेत्रों के स्कूलों पर भेजा जा रहा है। भनवापुर और डुमरियागंज ब्लॉक में शिक्षकों की भरमार है। कार्रवाई का धौंस दिखाकर शिक्षकों की आवाज को दबाया जा रहा है।
शिक्षकों के अधिकारों की लड़ाई लड़ने वाले एक संगठन के पदाधिकारी ही बीएसए के इर्द-गिर्द घूम रहे हैं। ऐसे में विवश होकर उन्हें विधायक के समक्ष पीड़ा बतानी पड़ रही है। शिक्षकों ने विधायक को ऑडियो क्लिप भी सुनाई, जबकि मौके पर न पहुंचे सके कई शिक्षकों ने फोन पर पीड़ा सुनाई।
करीब घंटे भर विरोध-प्रदर्शन और वार्ता जारी रही। विधायक ने इस मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया। शिक्षकों ने कहा कि अगर उत्पीड़न से उन्हें निजात नहीं दिलाई गई तो वह मजबूर होकर कड़े कदम उठाने और विधायक आवास घेरने को बाध्य होंगे।
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दर्जनों की संख्या में पहुंचे प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक व समायोजित शिक्षकों ने कहा कि विधायक जी, आपकी सरकार में यह क्या हो रहा है। अधिकारी बेलगाम हो चुके हैं।
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नियम-कानूनों को ताख पर रखकर शिक्षकों का उत्पीड़न हो रहा है। महिला शिक्षकों से भी अफसर अमर्यादित भाषा का प्रयोग कर रहे हैं। शिकायत करने पर वेतन रोक दिया जा रहा है।
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पूरे जिले के शिक्षक डरे-सहमे हैं। ऐसे में काम कैसे होगा। शिक्षकों ने एक स्वर में बीएसए के खिलाफ आवाज बुलंद की। राष्ट्रपति से सम्मानित शिक्षक अष्टभुजा पांडेय, पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के कलीमुल्लाह, आदर्श शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन के जिला मंत्री श्याम बिहारी चौधरी सहित अन्य शिक्षकों ने बीएसए पर स्वार्थ के वशीभूत होकर कार्रवाई कर रहे हैं।
शासन के निर्देशों, नियम-कानूनों को दरकिनार कर दिया गया है। बताया कि महिला शिक्षकों की तैनात विकल्प के स्कूलों की बजाए दूर-दराज के क्षेत्रों में जानबूझकर किया जा रहा है। बाद में उत्पीड़न कर तैनाती स्थल को संशोधित किया जाता है।
मुख्यालय से सटे नौगढ़, बर्डपुर, लोटन ब्लॉकों में दर्जनों स्कूल बंद पड़े हैं, बावजूद महिला शिक्षकों को दूर-दराज और दुर्गम क्षेत्रों के स्कूलों पर भेजा जा रहा है। भनवापुर और डुमरियागंज ब्लॉक में शिक्षकों की भरमार है। कार्रवाई का धौंस दिखाकर शिक्षकों की आवाज को दबाया जा रहा है।
शिक्षकों के अधिकारों की लड़ाई लड़ने वाले एक संगठन के पदाधिकारी ही बीएसए के इर्द-गिर्द घूम रहे हैं। ऐसे में विवश होकर उन्हें विधायक के समक्ष पीड़ा बतानी पड़ रही है। शिक्षकों ने विधायक को ऑडियो क्लिप भी सुनाई, जबकि मौके पर न पहुंचे सके कई शिक्षकों ने फोन पर पीड़ा सुनाई।
करीब घंटे भर विरोध-प्रदर्शन और वार्ता जारी रही। विधायक ने इस मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया। शिक्षकों ने कहा कि अगर उत्पीड़न से उन्हें निजात नहीं दिलाई गई तो वह मजबूर होकर कड़े कदम उठाने और विधायक आवास घेरने को बाध्य होंगे।