{"_id":"5feb72e08ebc3e3d457501f8","slug":"ado-nominated-administrator-for-village-siddharthnagar-news-gkp3788339194","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब ग्राम पंचायतों के प्रशासक होंगे ब्लॉक के एडीओ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब ग्राम पंचायतों के प्रशासक होंगे ब्लॉक के एडीओ
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अब ग्राम पंचायतों के प्रशासक होंगे ब्लॉक के एडीओ
प्रत्येक ब्लॉक में दो से तीन एडीओ होंगे प्रशासक, एक के जिम्मे होंगी 20 से 30 ग्राम पंचायतें
ग्राम प्रधानों की तरह ही प्रशासकों के पास होंगे वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जिले की 1136 ग्राम पंचायतों में प्रधानों के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार समाप्त किए जाने के तीन दिन बाद शासन ने ब्लॉकों के एडीओ को प्रशासक बनाया है। इन प्रशासकों के पास प्रधानों की तरह ही वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार होंगे। प्रत्येक एडीओ के पास 20 से 30 ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी होगी, जो ग्राम पंचायत अधिकारी के साथ मिलकर कार्य करेंगे।
प्रधानों का कार्यकाल 25 दिसंबर 2020 की रात को समाप्त होने के बाद उनके वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार समाप्त कर दिए जाने के बाद से ही राजनैतिक एवं प्रशासनिक हलकों में ऊहापोह की स्थिति बनी रही। प्रधानों के अधिकार समाप्त किए जाने से यह तो साफ हो गया था कि अब उनके कार्यकाल नहीं बढ़ाए जाएंगे, लेकिन प्रशासन किसे बनाया जाएगा, इसे लेकर असमंजस की स्थिति थी। अब शासन की तरफ से स्थिति स्पष्ट होने के बाद जिले के सभी 14 ब्लॉकों के एडीओ को ग्राम पंचायतों का प्रशासक बनाया गया है। डीपीआरओ आदर्श ने बताया कि प्रशासकों के पास भी प्रधानों की तरह ही वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार होंगे। इससे गांवों में विकास कार्यों एवं अन्य सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी तरह की अड़चन नहीं आएगी।
दायित्व निर्वहन में होगी कठिनाई
एक ब्लॉक में 50 से 100 ग्राम पंचायते हैं, प्रत्येक ब्लॉक में दो से चार एडीओ को ग्राम पंचायतों के प्रशासक की जिम्मेदारी दी गई है। इस तरह एक एडीओ को 20 से 30 ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी मिलेगी, इससे एक ही व्यक्ति इतने ग्राम पंचायतों के वित्तीय एवं प्रशासनिक कार्यों के संचालन में समयाभाव की समस्या आड़े आ सकती है। वहीं, जिम्मेदार इस तरह की समस्या होने की बात दरकिनार करते हुए कहते हैं कि कहीं कोई समस्या नहीं रहेगी।
विज्ञापन
अवशेष धन से होगा विकास कार्य
प्रधानों के कार्यकाल खत्म होने के बाद वित्तीय अधिकार समाप्त होने के बावजूद जिले की 1136 ग्राम पंचायतों के खाते में राज्यवित्त एवं केंद्रीय वित्त के 3.35 करोड़ रुपये अवशेष रह गए हैं। कई गांवों में सड़क एवं नाली आदि निर्माण के कार्य अधूरे ही रह गए हैं। अब प्रशासक अवशेष धन से गांवों में विकास कार्यों को गति देने की जिम्मेदारी संभालेंगे।
तीन से छह माह का हो सकता है कार्यकाल
पंचायत चुनाव के मार्च में संपन्न होने की संभावना को देखते हुए प्रशासकों का कार्यकाल तीन माह का हो सकता है। अगर पंचायत चुनाव मई या जून तक टले तो इनका कार्यकाल छह माह तक भी हो सकता है। तब तक इन ग्राम पंचायतों में विकास एवं अन्य कार्य की जिम्मेदारी प्रशासकी ही संभालेंगे।
विज्ञापन
प्रत्येक ब्लॉक में दो से तीन एडीओ होंगे प्रशासक, एक के जिम्मे होंगी 20 से 30 ग्राम पंचायतें
ग्राम प्रधानों की तरह ही प्रशासकों के पास होंगे वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जिले की 1136 ग्राम पंचायतों में प्रधानों के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार समाप्त किए जाने के तीन दिन बाद शासन ने ब्लॉकों के एडीओ को प्रशासक बनाया है। इन प्रशासकों के पास प्रधानों की तरह ही वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार होंगे। प्रत्येक एडीओ के पास 20 से 30 ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी होगी, जो ग्राम पंचायत अधिकारी के साथ मिलकर कार्य करेंगे।
प्रधानों का कार्यकाल 25 दिसंबर 2020 की रात को समाप्त होने के बाद उनके वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार समाप्त कर दिए जाने के बाद से ही राजनैतिक एवं प्रशासनिक हलकों में ऊहापोह की स्थिति बनी रही। प्रधानों के अधिकार समाप्त किए जाने से यह तो साफ हो गया था कि अब उनके कार्यकाल नहीं बढ़ाए जाएंगे, लेकिन प्रशासन किसे बनाया जाएगा, इसे लेकर असमंजस की स्थिति थी। अब शासन की तरफ से स्थिति स्पष्ट होने के बाद जिले के सभी 14 ब्लॉकों के एडीओ को ग्राम पंचायतों का प्रशासक बनाया गया है। डीपीआरओ आदर्श ने बताया कि प्रशासकों के पास भी प्रधानों की तरह ही वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार होंगे। इससे गांवों में विकास कार्यों एवं अन्य सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी तरह की अड़चन नहीं आएगी।
विज्ञापन
दायित्व निर्वहन में होगी कठिनाई
एक ब्लॉक में 50 से 100 ग्राम पंचायते हैं, प्रत्येक ब्लॉक में दो से चार एडीओ को ग्राम पंचायतों के प्रशासक की जिम्मेदारी दी गई है। इस तरह एक एडीओ को 20 से 30 ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी मिलेगी, इससे एक ही व्यक्ति इतने ग्राम पंचायतों के वित्तीय एवं प्रशासनिक कार्यों के संचालन में समयाभाव की समस्या आड़े आ सकती है। वहीं, जिम्मेदार इस तरह की समस्या होने की बात दरकिनार करते हुए कहते हैं कि कहीं कोई समस्या नहीं रहेगी।
विज्ञापन
अवशेष धन से होगा विकास कार्य
प्रधानों के कार्यकाल खत्म होने के बाद वित्तीय अधिकार समाप्त होने के बावजूद जिले की 1136 ग्राम पंचायतों के खाते में राज्यवित्त एवं केंद्रीय वित्त के 3.35 करोड़ रुपये अवशेष रह गए हैं। कई गांवों में सड़क एवं नाली आदि निर्माण के कार्य अधूरे ही रह गए हैं। अब प्रशासक अवशेष धन से गांवों में विकास कार्यों को गति देने की जिम्मेदारी संभालेंगे।
तीन से छह माह का हो सकता है कार्यकाल
पंचायत चुनाव के मार्च में संपन्न होने की संभावना को देखते हुए प्रशासकों का कार्यकाल तीन माह का हो सकता है। अगर पंचायत चुनाव मई या जून तक टले तो इनका कार्यकाल छह माह तक भी हो सकता है। तब तक इन ग्राम पंचायतों में विकास एवं अन्य कार्य की जिम्मेदारी प्रशासकी ही संभालेंगे।