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कुपोषण दूर करने के नाम पर खानापूरी
Siddhartha nagar
Updated Thu, 13 Dec 2012 05:30 AM IST
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सिद्धार्थनगर। कुपोषण दूर करने के नाम पर आंगनबाड़ी केंद्रों में केवल कागजी खानापूरी की जा रही है। बच्चों को पोषक आहार नहीं मिल पा रहा है।
विकास खंड लोटन मेें कई आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों का वजन मापने के लिए मशीन ही नहीं है। ऐसे में केवल अंदाज के आधार पर बच्चों को पोषक आहार दिया जा रहा है। बाल विकास तथा पुष्टाहार विभाग की ओर से संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले बच्चोें को आहार के रूप में दलिया और खिचड़ी दिए जाने की व्यवस्था है। जो बच्चे कुपोषण और अति कुपोषण की श्रेणी में आते हैं, उनको अतिरिक्त पोषण देने का निर्देश है। पर विभाग की ओर से न ही ऐसे बच्चों को चिह्नित किया जाता है और ना ही उन्हें सुविधा दी जाती है। क्षेत्र के कोमल प्रसाद, कपिलदेव, ईश्वर चंद सहित कई लोगों का कहना है कि केंद्रों पर वजन करने वाली मशीनें ही नही हैं तो बच्चों के स्वास्थ्य की प्रगति की रिपोर्ट कैसे मिले। जबकि विकास खंड लोटन में 73 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इस संबंध में सीडीपीओ लोटन का कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं है। लगभग हर केंद्रों पर मशीन है। शिकायत मिलने पर इसकी जांच की जाएगी। जो दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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विकास खंड लोटन मेें कई आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों का वजन मापने के लिए मशीन ही नहीं है। ऐसे में केवल अंदाज के आधार पर बच्चों को पोषक आहार दिया जा रहा है। बाल विकास तथा पुष्टाहार विभाग की ओर से संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले बच्चोें को आहार के रूप में दलिया और खिचड़ी दिए जाने की व्यवस्था है। जो बच्चे कुपोषण और अति कुपोषण की श्रेणी में आते हैं, उनको अतिरिक्त पोषण देने का निर्देश है। पर विभाग की ओर से न ही ऐसे बच्चों को चिह्नित किया जाता है और ना ही उन्हें सुविधा दी जाती है। क्षेत्र के कोमल प्रसाद, कपिलदेव, ईश्वर चंद सहित कई लोगों का कहना है कि केंद्रों पर वजन करने वाली मशीनें ही नही हैं तो बच्चों के स्वास्थ्य की प्रगति की रिपोर्ट कैसे मिले। जबकि विकास खंड लोटन में 73 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इस संबंध में सीडीपीओ लोटन का कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं है। लगभग हर केंद्रों पर मशीन है। शिकायत मिलने पर इसकी जांच की जाएगी। जो दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।