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कुपोषण से नवजातों पर बढ़ता है खतरा
Siddhartha nagar
Updated Wed, 01 Aug 2012 12:00 PM IST
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बांसी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिठवल तिलौली में एएनएम और एलएचवी की दो दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारंभ मुख्य अतिथि सीएचसी अधीक्षक डीएम के आजाद ने किया। इस दौरान नवजात की मृत्यु दर में वृद्धि पर गहरी चिंता व्यक्त की गई।
डा. एमके आजाद ने कहा कि भारत में निमोनिया, डायरिया से नवजात बच्चों में संक्रमण मृत्यु का प्रमुख कारण है। समेकित बाल संरक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से मातृ तथा शिशु मृत्यु दर में कमी लाने का प्रयास किया जा रहा है। संस्था के जिला समन्वयक आशुतोष सिंह ने बताया कि कुपोषण से नवजात पर खतरा बढ़ता है। प्रशिक्षण शिविर में ट्रेनर अमित शुक्ला, हरीश चंद्र, अरुण मौर्य, सईद अहमद, सुरजीत सिंह, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी रणविजय सिंह ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर एएनएम और एलएचवी उपस्थित रही।
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डा. एमके आजाद ने कहा कि भारत में निमोनिया, डायरिया से नवजात बच्चों में संक्रमण मृत्यु का प्रमुख कारण है। समेकित बाल संरक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से मातृ तथा शिशु मृत्यु दर में कमी लाने का प्रयास किया जा रहा है। संस्था के जिला समन्वयक आशुतोष सिंह ने बताया कि कुपोषण से नवजात पर खतरा बढ़ता है। प्रशिक्षण शिविर में ट्रेनर अमित शुक्ला, हरीश चंद्र, अरुण मौर्य, सईद अहमद, सुरजीत सिंह, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी रणविजय सिंह ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर एएनएम और एलएचवी उपस्थित रही।
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