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‘कल्याण के लिए कार्य करते हैं महात्मा’
siddharthnagar
Updated Thu, 13 Dec 2018 10:35 PM IST
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संत उमाकांत जी महाराज
- फोटो : अमर उजाला
सिद्धार्थनगर। परिवर्तन कानून बनाने, तोड़-फोड़, आंदोलन अथवा हड़ताल से नहीं होगा। लोगों के विचार व भावनाएं बदलेंगी तो स्वत: परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त होगा। शुद्ध खानपान का होना जरूरी है।
यह विचार बाबा जयगुरु देव के आध्यात्मिक उत्तराधिकारी संत उमाकांत जी महाराज द्वारा व्यक्त किया गया। वह गुरुवार को जिला मुख्यालय पर जिला कारागार के सामने मैदान में आयोजित सत्संग समारोह को संबोधित कर रहे थे। कहा कि संत-महात्मा किसी कौम, जाति, धर्म, मजहब की सीमा में बंधे नहीं होते। वे सबके होते हैं। सबकी भलाई व कल्याण के लिए कार्य करते हैं। मानव शरीर की प्राप्ति को सबसे बड़ा वरदान बताया।उन्होंने कहा कि चरित्र मानव धर्म की सबसे बड़ी पूंजी है। शाकाहार का भी महत्व समझाया। बिना भजन के दुनिया की तकलीफ नहीं जाने वाली है। इससे पूर्व सांसद जगदंबिका पाल ने आशीर्वाद लिया। जयगुरुदेव का शिष्य बताते हुए कहा कि जयगुरुदेव नाम से समाज का भलाई संभव है। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक डॉ. धर्मवीर सिंह समेत अनुयायी सत्यदेव पाठक, लक्ष्मण सिंह चौधरी, हुकुम श्रीवास, तीर्थ पटेल, जय भगवान, डॉ. श्याम वर्मा आदि मौजूद रहे।
आशीर्वाद पाने के लिए भक्तों की होड़
सत्संग समापन होते ही संत उमाकांत जी महाराज के दर्शन व उनसे आशीर्वाद लेने की होड़ लगी रही। इस मौके पर पुरुष व महिलाओं की लंबी कतार लगी रही।
सुरक्षा व्यवस्था के कड़े बंदोबस्त
जयगुरुदेव के सत्संग में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। अपर पुलिस अधीक्षक मुन्ना लाल की अगुवाई में पुलिस क्षेत्राधिकारी सदर दिलीप सिंह, सदर थाने के प्रभारी निरीक्षक शमशेर बहादुर सिंह, उसका बाजार के प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार पांडेय व अन्य थानों की पुलिस फोर्स तैनात रही।
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यह विचार बाबा जयगुरु देव के आध्यात्मिक उत्तराधिकारी संत उमाकांत जी महाराज द्वारा व्यक्त किया गया। वह गुरुवार को जिला मुख्यालय पर जिला कारागार के सामने मैदान में आयोजित सत्संग समारोह को संबोधित कर रहे थे। कहा कि संत-महात्मा किसी कौम, जाति, धर्म, मजहब की सीमा में बंधे नहीं होते। वे सबके होते हैं। सबकी भलाई व कल्याण के लिए कार्य करते हैं। मानव शरीर की प्राप्ति को सबसे बड़ा वरदान बताया।उन्होंने कहा कि चरित्र मानव धर्म की सबसे बड़ी पूंजी है। शाकाहार का भी महत्व समझाया। बिना भजन के दुनिया की तकलीफ नहीं जाने वाली है। इससे पूर्व सांसद जगदंबिका पाल ने आशीर्वाद लिया। जयगुरुदेव का शिष्य बताते हुए कहा कि जयगुरुदेव नाम से समाज का भलाई संभव है। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक डॉ. धर्मवीर सिंह समेत अनुयायी सत्यदेव पाठक, लक्ष्मण सिंह चौधरी, हुकुम श्रीवास, तीर्थ पटेल, जय भगवान, डॉ. श्याम वर्मा आदि मौजूद रहे।
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आशीर्वाद पाने के लिए भक्तों की होड़
सत्संग समापन होते ही संत उमाकांत जी महाराज के दर्शन व उनसे आशीर्वाद लेने की होड़ लगी रही। इस मौके पर पुरुष व महिलाओं की लंबी कतार लगी रही।
सुरक्षा व्यवस्था के कड़े बंदोबस्त
जयगुरुदेव के सत्संग में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। अपर पुलिस अधीक्षक मुन्ना लाल की अगुवाई में पुलिस क्षेत्राधिकारी सदर दिलीप सिंह, सदर थाने के प्रभारी निरीक्षक शमशेर बहादुर सिंह, उसका बाजार के प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार पांडेय व अन्य थानों की पुलिस फोर्स तैनात रही।
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