{"_id":"5984a5bb4f1c1be87b8b45c7","slug":"51501865403-siddharthnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सात अफसरों से मांगा स्पष्टीकरण, दो वेतन रोका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सात अफसरों से मांगा स्पष्टीकरण, दो वेतन रोका
Updated Fri, 04 Aug 2017 10:20 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिद्धार्थनगर। रिजल्ट न देने वाले अफसरों को वापस बुलाने की सीएम की हिदायत के बाद जिलाधिकारी शुक्रवार को तेवर में नजर आए। वित्तीय वर्ष 2017-18 के अंतर्गत कार्यक्रम कार्यान्वयन विभाग की ओर से जिले के विभिन्न विभागों में से प्राप्त बजट आवंटन और अब तक हुए कार्यों की मासिक प्रगति की समीक्षा बैठक में उन्होंने कड़े तेवर दिखाते हुए अफसरों को जमकर डांट पिलाई। अनुपस्थित रहने पर सात अफसरों से स्पष्टीकरण तलब किया तो सही सूचना न देने पर सीएनडीएस के प्रोजेक्ट मैनेजर व मंडी समिति के अधिकारी का वेतन रोकने के निर्देश दिए।
डीएम कुणाल सिल्कू ने कहा कि अगर विभागीय अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन ठीक ढंग से नहीं करेंगे तो उनके विरुद्ध कार्रवाई करते हुए शासन को भी अवगत कराया जाएगा। बैठक में पीडब्लूडी एक्सईएन को निर्देश दिया कि जिले में जिन सड़कों को अब तक गड्ढा मुक्त नहीं कराया गया है, उन्हें बरसात के बाद गड्ढा मुक्त कराए जाने की कार्रवाई सुनिश्चित करें। बैठक में मंडी परिषद का कोई प्रतिनिधि उपस्थित न होने पर उनका वेतन बाधित करते हुए स्पष्टीकरण प्राप्त करने का निर्देश दिया।
एक्सईएन सिंचाई निर्माण खंड, जिला दुग्ध अधिकारी, परियोजना अधिकारी डूडा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत, जिला भूमि संरक्षण अधिकारी सभी अधिकारियों की अनुपस्थित पाए जाने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त कर वेतन बाधित करते हुए स्पष्टीकरण प्राप्त करने का निर्देश दिया गया। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अगली समीक्षा बैठक में अपने-अपने विभागों की संपूर्ण जानकारी के साथ बैठक में आएं।
विज्ञापन
बैठक में नवागत मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.रतन कुमार के साथ अपर मुख्य चिकित्सा अधिकार प्रतिरक्षण डॉ.पीपी राय की ओर से विभागीय कार्यों की प्रगति की पूर्ण जानकारी न देने पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई। शाम तक पूरी सूचना अवगत कराने को कहा। इस अवसर पर प्रोजेक्ट मैनेजर सीएनडीएस उपस्थित थे, लेकिन विभाग से कराए जा रहे निर्माण कार्यों की प्रगति संतोषजनक न पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी फटकार लगाते हुए वेतन रोकने का भी निर्देश दिया।
इसके अलावा एक्सईएन जल निगम पवन कुमार यादव को निर्देश दिया कि पानी की गुणवत्ता की जांच अनिवार्य रूप से किया जाए। एक्सईएन ने बताया कि जिले में कुल 185 हैंडपंपों को रिबोर कराया जा चुका है और शेष बचे हुए हैंडपंपों को अगस्त के अंत तक रिबोर करा दिया जाएगा। जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी से राशन कार्ड की फीडिंग की प्रगति के संबंध में जानकारी ली। डीएसओ ने बताया कि राशन कार्ड की फीडिंग का कार्य पूर्ण हो गया है। जिला पंचायत राज अधिकारी ने बताया कि निर्माणाधीन शौचालय का निर्माण कार्य अगस्त के अंत तक पूर्ण करा लिया जाएगा।
सीडीओ अनिल कुमार मिश्र, पीडी संत कुमार, डीडीओ सुदामा प्रसाद, डीएसटीओ राजेश कुमार सिंह, उपकृषि निदेशक डॉ. पीके कन्नौजिया, एक्सईएन पीडब्लूडी केशव लाल, एक्सईएन एसके ओझा, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी आशुतोष पांडेय, अग्रणी बैंक प्रबन्धक कल्पनाथ, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. फणीश सिंह, डीएफओ बीके मिश्रा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
डीएम कुणाल सिल्कू ने कहा कि अगर विभागीय अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन ठीक ढंग से नहीं करेंगे तो उनके विरुद्ध कार्रवाई करते हुए शासन को भी अवगत कराया जाएगा। बैठक में पीडब्लूडी एक्सईएन को निर्देश दिया कि जिले में जिन सड़कों को अब तक गड्ढा मुक्त नहीं कराया गया है, उन्हें बरसात के बाद गड्ढा मुक्त कराए जाने की कार्रवाई सुनिश्चित करें। बैठक में मंडी परिषद का कोई प्रतिनिधि उपस्थित न होने पर उनका वेतन बाधित करते हुए स्पष्टीकरण प्राप्त करने का निर्देश दिया।
विज्ञापन
एक्सईएन सिंचाई निर्माण खंड, जिला दुग्ध अधिकारी, परियोजना अधिकारी डूडा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत, जिला भूमि संरक्षण अधिकारी सभी अधिकारियों की अनुपस्थित पाए जाने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त कर वेतन बाधित करते हुए स्पष्टीकरण प्राप्त करने का निर्देश दिया गया। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अगली समीक्षा बैठक में अपने-अपने विभागों की संपूर्ण जानकारी के साथ बैठक में आएं।
विज्ञापन
बैठक में नवागत मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.रतन कुमार के साथ अपर मुख्य चिकित्सा अधिकार प्रतिरक्षण डॉ.पीपी राय की ओर से विभागीय कार्यों की प्रगति की पूर्ण जानकारी न देने पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई। शाम तक पूरी सूचना अवगत कराने को कहा। इस अवसर पर प्रोजेक्ट मैनेजर सीएनडीएस उपस्थित थे, लेकिन विभाग से कराए जा रहे निर्माण कार्यों की प्रगति संतोषजनक न पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी फटकार लगाते हुए वेतन रोकने का भी निर्देश दिया।
इसके अलावा एक्सईएन जल निगम पवन कुमार यादव को निर्देश दिया कि पानी की गुणवत्ता की जांच अनिवार्य रूप से किया जाए। एक्सईएन ने बताया कि जिले में कुल 185 हैंडपंपों को रिबोर कराया जा चुका है और शेष बचे हुए हैंडपंपों को अगस्त के अंत तक रिबोर करा दिया जाएगा। जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी से राशन कार्ड की फीडिंग की प्रगति के संबंध में जानकारी ली। डीएसओ ने बताया कि राशन कार्ड की फीडिंग का कार्य पूर्ण हो गया है। जिला पंचायत राज अधिकारी ने बताया कि निर्माणाधीन शौचालय का निर्माण कार्य अगस्त के अंत तक पूर्ण करा लिया जाएगा।
सीडीओ अनिल कुमार मिश्र, पीडी संत कुमार, डीडीओ सुदामा प्रसाद, डीएसटीओ राजेश कुमार सिंह, उपकृषि निदेशक डॉ. पीके कन्नौजिया, एक्सईएन पीडब्लूडी केशव लाल, एक्सईएन एसके ओझा, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी आशुतोष पांडेय, अग्रणी बैंक प्रबन्धक कल्पनाथ, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. फणीश सिंह, डीएफओ बीके मिश्रा आदि मौजूद रहे।