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बिन बिजली गर्मी में छटपटाते रहे उपभोक्ता
Updated Sun, 09 Jul 2017 10:03 PM IST
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सिद्धार्थनगर। सुबह बारिश और फिर तीखी धूप के बीच उमस भरे मौसम में रविवार को पूरा नगर बिजली के लिए छटपटाता रहा। विभाग की अघोषित कटौती ने हर वर्ग को हलकान किया। लोग पानी के लिए तरस गए। इंवर्टर डिस्चार्ज होने से अन्य कार्य भी प्रभावित हुए। रविवार की छुट्टी में तमाम काम निपटाने का मन बनाए लोगों को भी कटौती से निराशा मिली है। विभाग ने कटौती के लिए पोंटेशियल करंट ट्रांसफार्मर यूनिट (पीसीटीयू) लगाने को कारण बताया, लेकिन इस बारे में कोई अग्रिम सूचना दिए बगैर मनमाने ढंग से बिजली काटने पर लोगों में विद्युत विभाग के प्रति आक्रोश है।
बिजली की चोरी रोकने और बेहतर आपूर्ति के लिए मुख्यालय स्थित फीडर पर पीसीटी यूनिट की स्थापना किया जाना था। इसके लिए पूर्व में ही निर्देश विभाग को आ चुके थे। बावजूद अफसरों ने बिना इसकी सूचना प्रसारित किए, रविवार को सीधे काम आरंभ कर दिया। सुबह झमाझम बारिश के बाद करीब 10 बजे बिजली गुल हुई तो लोगों ने लोकल फाल्ट के कारण कटौती समझी। घंटे भर बाद भी बिजली नहीं आई तो बेचैनी बढ़ने लगी। कटौती का कारण जानने के लिए वह लगातार अफसरों को फोन लगाते रहे, लेकिन उनके नंबर भी बंद रहे। ऐसे में परेशान हाल उपभोक्ता गर्मी का सितम झेलने को मजबूर रहे। अघोषित कट से घरों में पानी की भी दिक्कतें हुईं। लोगों के संडे की छुट्टी का मजा किरकिरा हो गया। बारिश के चलते घर से बाहर नहीं निकल सके और अंदर गर्मी ने बेहाल किए रखा। सुबह 10 बजे से गुल बिजली शाम सात बजे आई तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली। उपभोक्ताओं का कहना था कि सीएम का स्पष्ट निर्देश है कि कटौती से पहले संबंधित क्षेत्रों में सूचना प्रसारित कराई जाए, जिससे लोग इसके लिए तैयार रह सकें, मगर अफसरों की मनमानी चरम पर है। घंटों कटौती के बावजूद कागजों में 23.45 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा समझ से परे है। इस संबंध में एसडीओ विद्युत अखिलेश्वर प्रसाद ने कहा कि सब स्टेशन पर रुटीन काम किया जा रहा था। इस कारण से दिन में 10 से शाम 7 बजे तक सप्लाई बाधित रही।
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बिजली की चोरी रोकने और बेहतर आपूर्ति के लिए मुख्यालय स्थित फीडर पर पीसीटी यूनिट की स्थापना किया जाना था। इसके लिए पूर्व में ही निर्देश विभाग को आ चुके थे। बावजूद अफसरों ने बिना इसकी सूचना प्रसारित किए, रविवार को सीधे काम आरंभ कर दिया। सुबह झमाझम बारिश के बाद करीब 10 बजे बिजली गुल हुई तो लोगों ने लोकल फाल्ट के कारण कटौती समझी। घंटे भर बाद भी बिजली नहीं आई तो बेचैनी बढ़ने लगी। कटौती का कारण जानने के लिए वह लगातार अफसरों को फोन लगाते रहे, लेकिन उनके नंबर भी बंद रहे। ऐसे में परेशान हाल उपभोक्ता गर्मी का सितम झेलने को मजबूर रहे। अघोषित कट से घरों में पानी की भी दिक्कतें हुईं। लोगों के संडे की छुट्टी का मजा किरकिरा हो गया। बारिश के चलते घर से बाहर नहीं निकल सके और अंदर गर्मी ने बेहाल किए रखा। सुबह 10 बजे से गुल बिजली शाम सात बजे आई तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली। उपभोक्ताओं का कहना था कि सीएम का स्पष्ट निर्देश है कि कटौती से पहले संबंधित क्षेत्रों में सूचना प्रसारित कराई जाए, जिससे लोग इसके लिए तैयार रह सकें, मगर अफसरों की मनमानी चरम पर है। घंटों कटौती के बावजूद कागजों में 23.45 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा समझ से परे है। इस संबंध में एसडीओ विद्युत अखिलेश्वर प्रसाद ने कहा कि सब स्टेशन पर रुटीन काम किया जा रहा था। इस कारण से दिन में 10 से शाम 7 बजे तक सप्लाई बाधित रही।
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