नकल कराने वाले महाविद्यालय होंगे डिबार
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परीक्षा नियंत्रक वीएन सिंह बताया कि जिन महाविद्यालयों ने वार्षिक परीक्षा का परिणाम रिपोर्ट और प्रयोगात्मक अंक उपलब्ध नहीं कराए हैं, उन्हें छोड़कर शेष महाविद्यालयों के परीक्षा परिणाम घोषित किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि बैठक में तय हुआ कि जिस महाविद्यालय में जिस प्रश्नपत्र में सामूहिक नकल होगी, वहां परीक्षार्थियों के प्राप्तांक में से 10 फीसदी की कटौती की जाएगी। साथ ही महाविद्यालय को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। इसके बाद समिति महाविद्यालय को डिबार घोषित करने का निर्णय लेगी।
सिंह ने बताया कि सत्र 2018-19 में किसी भी दशा में मैनुअल परीक्षा फॉर्म स्वीकार नहीं किए जाएंगे। परिक्षार्थियों द्वारा भरे गए फॉर्म में परीक्षा के दौरान कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। नियमित छात्र परीक्षा फॉर्म स्वयं भरेंगे। यदि किसी छात्र या छात्रा के नाम में गलती हुई है तो सुधार के लिए 500 रुपये का शुल्क जमा कर छह माह के अंदर सुधार करवाया जा सकता है। समिति के संयोजक डॉ. आरबी श्रीवास्तव एवं सदस्य डॉ. दीपक मिश्र, प्रो. दिनेश प्रसाद प्रो. शिवम शुक्ल, डॉ एसपी सिंह को बनाया गया है। परीक्षा समिति की बैठक में कुल सचिव उदय प्रताप सिंह, डॉ. रामाश्रय सिंह, डॉ. धर्मदेव सिंह, डॉ. आरबी श्रीवास्तव, डॉ. अरुण कुमार, डॉ. सुरेन्द्र प्रताप सिंह, डॉ. अरविंद कुमार द्विवेदी, डॉ. पूर्णेश नारायण सिंह, डॉ. दीपक बाबू, डॉ. दिनेश प्रसाद, प्रो. शिवम शुक्ला मौजूद रहे।
प्रवेश समिति की भी बैठक हुई
बर्डपुर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन स्थित सभाकक्ष में कुलपति प्रो. सुरेंद्र दुबे की अध्यक्षता में सोमवार को प्रवेश समिति की भी बैठक हुई। इसमें निर्णय लिया गया कि प्रवेश हेतु निर्धारित सीट से अधिक आवेदन आने पर प्रवेश परीक्षा कराई जाएगी। अन्यथा मेरिट के आधार पर प्रवेश लिया जाएगा। बैठक में तय हुआ कि विश्वविद्यालय से संबद्ध जिन महाविद्यालयों में सीट खाली हैं वे अपने स्तर से आवेदन लेकर रिक्त सीटों पर 31 जुलाई तक प्रवेश लेकर 14 अगस्त तक विश्वविद्यालय से अनुमोदन करवा लें। इस दौरान कुल सचिव उदय प्रताप सिंह, परीक्षा नियंत्रक वीएन सिंह, डॉ. रामाश्रय सिंह, डॉ. धर्मदेव सिंह, डॉ. आरबी श्रीवास्तव, डॉ. अरुण कुमार, डॉ. सुरेन्द्र प्रताप सिंह, डॉ. दीपक बाबू मौजूद रहे।