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हिंदू दंपति ने कबूला इस्लाम, बताया जान का खतरा
Updated Sun, 10 Sep 2017 10:39 PM IST
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सिद्धार्थनगर। नेपाल सीमा पर स्थित अलीगढ़वा कस्बे के एक दंपती ने हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम कबूल कर लिया है। स्वेच्छा से करीब दो माह पहले इस्लाम कबूलने वाले इस दंपती ने असामाजिक तत्वों से अपनी जान का खतरा बताया है। भयभीत दंपती ने अपना घर छोड़कर दूसरे के यहां शरण ले रखी है। मानवाधिकार आयोग और डीजीपी तक पत्र पहुंचने के बाद पुलिस हरकत में आ गई है। आनन-फानन में इसकी जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि मामला गंभीर है। हर पहलू पर छानबीन के बाद कार्रवाई की जाएगी।
अलीगढ़वा निवासी रामधनी (30) उर्फ अब्दुल रहमान सीमांत किसान हैं। मानवाधिकार आयोग को भेजे पत्र में रामधनी ने कहा है कि दो माह पूर्व इस्लाम से प्रेरित होकर उन्होंने पत्नी गुड़िया (28) उर्फ आयशा समेत स्वेच्छा से इस्लाम कबूल किया है। दंपती को बारह साल की बेटी है जो उनके पास ही है। दंपती का कहना है कि किसी ने उनसे जोर-जबरदस्ती नहीं की। मगर इस्लाम कबूलने के बाद से ही कुछ लोग उसे लगातार डरा-धमका रहे हैं और आरोप लगा रहे हैं कि लालच में आकर धर्म परिवर्तन किया है। असामाजिक तत्वों की धमकियों के कारण वह घर भी नहीं जा पा रहे हैं। उन्हें यहां-वहां छिपकर जिंदगी गुजारनी पड़ रही है। पत्र में उन्होंने किसी भी तरह जान-माल के नुकसान पर असामाजिक तत्वों को जिम्मेदार बताया है। राष्ट्रीय व राज्य मानवाधिकार आयोग के अलावा, डीजीपी, आईजी को भी पत्र भेजा है। उच्चाधिकारियों के निर्देश के बाद स्थानीय पुलिस हरकत में आई है। जांच कर शीघ्र कार्रवाई करने को कहा गया है। इस संबंध में सीओ सदर दिलीप कुमार सिंह से संपर्क किया गया तो उन्होंने मामले से अनभिज्ञता जताई, हालांकि सीओ ने कपिलवस्तु पुलिस को मामले की जांच सौंप दिया है और पत्र पर उनके हस्ताक्षर भी थे। उधर, कपिलवस्तु कोतवाली प्रभारी गोपाल स्वरूप वाजपेयी ने पत्र मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि मामला गंभीर है। हर पहलू पर छानबीन के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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अलीगढ़वा निवासी रामधनी (30) उर्फ अब्दुल रहमान सीमांत किसान हैं। मानवाधिकार आयोग को भेजे पत्र में रामधनी ने कहा है कि दो माह पूर्व इस्लाम से प्रेरित होकर उन्होंने पत्नी गुड़िया (28) उर्फ आयशा समेत स्वेच्छा से इस्लाम कबूल किया है। दंपती को बारह साल की बेटी है जो उनके पास ही है। दंपती का कहना है कि किसी ने उनसे जोर-जबरदस्ती नहीं की। मगर इस्लाम कबूलने के बाद से ही कुछ लोग उसे लगातार डरा-धमका रहे हैं और आरोप लगा रहे हैं कि लालच में आकर धर्म परिवर्तन किया है। असामाजिक तत्वों की धमकियों के कारण वह घर भी नहीं जा पा रहे हैं। उन्हें यहां-वहां छिपकर जिंदगी गुजारनी पड़ रही है। पत्र में उन्होंने किसी भी तरह जान-माल के नुकसान पर असामाजिक तत्वों को जिम्मेदार बताया है। राष्ट्रीय व राज्य मानवाधिकार आयोग के अलावा, डीजीपी, आईजी को भी पत्र भेजा है। उच्चाधिकारियों के निर्देश के बाद स्थानीय पुलिस हरकत में आई है। जांच कर शीघ्र कार्रवाई करने को कहा गया है। इस संबंध में सीओ सदर दिलीप कुमार सिंह से संपर्क किया गया तो उन्होंने मामले से अनभिज्ञता जताई, हालांकि सीओ ने कपिलवस्तु पुलिस को मामले की जांच सौंप दिया है और पत्र पर उनके हस्ताक्षर भी थे। उधर, कपिलवस्तु कोतवाली प्रभारी गोपाल स्वरूप वाजपेयी ने पत्र मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि मामला गंभीर है। हर पहलू पर छानबीन के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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