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सड़कों के लिए पीडब् ल्यूडी ने मांगे 14 करोड़
Updated Thu, 31 Aug 2017 10:24 PM IST
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सिद्धार्थनगर। आफत के सैलाब ने जिले में पीडब्ल्यूडी को करोड़ों की चपत लगाई है। कुल 224 किमी लंबी सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है। इसमें 131 किमी सड़क पर जानलेवा गड्ढे बन गए हैं। ढेबरुआ-इटवा मार्ग सहित कई स्थानों पर सड़क ही बह गया। सड़कों को दुरुस्त करने के लिए पीडब्ल्यूडी ने 14 करोड़ की मांग की है। इसमें भी 3.40 करोड़ रुपये की तत्काल जरूरत है ताकि आवागमन बहाल हो सके।
गत 12 अगस्त को जिले में आई बाढ़ ने भयंकर तबाही मचाई। राप्ती, बूढ़ी राप्ती, कूड़ा, घोघी नदियों के उफान से लोगों के मकान, दुकान, खेत-खलिहान सहित सब कुछ बर्बाद हो गया है। 671 गांव सैलाब की जद में रहे, जिसमें 421 गांवों के चारों तरफ बाढ़ का पानी लगा रहा। पानी के तेज बहाव ने सड़कों को भी क्षति पहुंची। यही कारण है कि बाढ़ का पानी नीचे उतरने के बाद भी कई मार्गों पर अब तक आवागमन सुचारु नहीं हो पाया है। इटवा-ढेबरुआ मुख्य मार्ग पर पकड़िहवा के पास करीब 10 मीटर तक सड़क कटकर बह गई है। ऐसे में इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद है। नई सड़क बनने तक रास्ता चालू होने की उम्मीद नहीं है। कमोवेश ऐसा हाल इटवा, बढ़नी, शोहरतगढ़, जोगिया, उसका ब्लॉकों में कई अन्य सड़कों की भी है। पीडब्ल्यूडी की रिपोर्ट के मुताबिक बाढ़ में जिले की 269.85 किमी सड़क डूब गई थी। इसमें 224 किमी सड़क बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। 131 किमी लंबी सड़क पर कई गहरे गड्ढे हो गए हैं। लिहाजा आवागमन बाधित है। प्रांतीय खंड के एक्सईएन केएस लाल के मुताबिक बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों को दुरुस्त करने के लिए 14 करोड़ रुपये की जरूरत होगी। इसमें 3.40 करोड़ रुपये तत्काल चाहिए, तभी सभी सड़कों पर आवागमन शुरू किया जा सकेगा। डीएम के माध्यम से इसकी डिमांड भेज दी गई है। धनराशि मिलने पर काम आरंभ कराया जाएगा।
मिट्टी डालकर शुरू किया गया नौगढ़-बांसी मार्ग
बाढ़ के कारण करीब 15 दिनों तक बंद रहे नौगढ़-बांसी मार्ग पर आवागमन शुरू हो गया है। अभी मार्ग से दो पहिया व चार पहिया वाहन ही गुजर रहे हैं। बड़े वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रखा गया है। बूढ़ी राप्ती का जलस्तर बढ़ने से ककरहीं के पास सड़क पर चार-पांच फीट तक पानी आ गया था। लिहाजा सभी तरह के वाहनों को इस मार्ग पर प्रतिबंधित कर दिया गया था। वाहन उसका से सकारपार होते हुए बांसी आ-जा रहे थे। दो दिन पहले एनएच का निर्माण करा रही कार्यदायी संस्था एचसीसी के अभियंताओं ने निरीक्षण किया था। बाढ़ में सड़क का एक हिस्सा कट गया था। यहां मिट्टी डालकर सड़क को चार पहिया वाहनों के आने-जाने लायक बना दिया गया है। कंपनी के अभियंता निसार अहमद ने बताया कि भारी वाहनों के आवागमन के लिए सड़क बनाने में अभी एक सप्ताह का समय लगेगा।
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गत 12 अगस्त को जिले में आई बाढ़ ने भयंकर तबाही मचाई। राप्ती, बूढ़ी राप्ती, कूड़ा, घोघी नदियों के उफान से लोगों के मकान, दुकान, खेत-खलिहान सहित सब कुछ बर्बाद हो गया है। 671 गांव सैलाब की जद में रहे, जिसमें 421 गांवों के चारों तरफ बाढ़ का पानी लगा रहा। पानी के तेज बहाव ने सड़कों को भी क्षति पहुंची। यही कारण है कि बाढ़ का पानी नीचे उतरने के बाद भी कई मार्गों पर अब तक आवागमन सुचारु नहीं हो पाया है। इटवा-ढेबरुआ मुख्य मार्ग पर पकड़िहवा के पास करीब 10 मीटर तक सड़क कटकर बह गई है। ऐसे में इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद है। नई सड़क बनने तक रास्ता चालू होने की उम्मीद नहीं है। कमोवेश ऐसा हाल इटवा, बढ़नी, शोहरतगढ़, जोगिया, उसका ब्लॉकों में कई अन्य सड़कों की भी है। पीडब्ल्यूडी की रिपोर्ट के मुताबिक बाढ़ में जिले की 269.85 किमी सड़क डूब गई थी। इसमें 224 किमी सड़क बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। 131 किमी लंबी सड़क पर कई गहरे गड्ढे हो गए हैं। लिहाजा आवागमन बाधित है। प्रांतीय खंड के एक्सईएन केएस लाल के मुताबिक बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों को दुरुस्त करने के लिए 14 करोड़ रुपये की जरूरत होगी। इसमें 3.40 करोड़ रुपये तत्काल चाहिए, तभी सभी सड़कों पर आवागमन शुरू किया जा सकेगा। डीएम के माध्यम से इसकी डिमांड भेज दी गई है। धनराशि मिलने पर काम आरंभ कराया जाएगा।
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मिट्टी डालकर शुरू किया गया नौगढ़-बांसी मार्ग
बाढ़ के कारण करीब 15 दिनों तक बंद रहे नौगढ़-बांसी मार्ग पर आवागमन शुरू हो गया है। अभी मार्ग से दो पहिया व चार पहिया वाहन ही गुजर रहे हैं। बड़े वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रखा गया है। बूढ़ी राप्ती का जलस्तर बढ़ने से ककरहीं के पास सड़क पर चार-पांच फीट तक पानी आ गया था। लिहाजा सभी तरह के वाहनों को इस मार्ग पर प्रतिबंधित कर दिया गया था। वाहन उसका से सकारपार होते हुए बांसी आ-जा रहे थे। दो दिन पहले एनएच का निर्माण करा रही कार्यदायी संस्था एचसीसी के अभियंताओं ने निरीक्षण किया था। बाढ़ में सड़क का एक हिस्सा कट गया था। यहां मिट्टी डालकर सड़क को चार पहिया वाहनों के आने-जाने लायक बना दिया गया है। कंपनी के अभियंता निसार अहमद ने बताया कि भारी वाहनों के आवागमन के लिए सड़क बनाने में अभी एक सप्ताह का समय लगेगा।
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