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आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में होगा केस
Sun, 05 May 2019 10:50 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 05 May 2019 10:50 PM IST
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सिद्धार्थनगर। लोकसभा चुनाव के मतदान कर्मियों को मतदान केंद्र तक पहुंचाने और लाने के लिए संभागीय परिवहन विभाग की ओर से जिले में छोटे-बड़े कुल 1055 वाहनों को अधिगृहीत किया गया था। संबंधित थाना पुलिस की ओर से वाहन स्वामी को नोटिस रिसीव करवाना था। इसमें 15 बस मालिकों ने अपना पता गलत दिया है। अब विभाग उनके खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में संबंधित थाने में केस दर्ज कराएगा।
लोकसभा चुनाव को सकुशल संपन्न कराने के लिए पूरा तंत्र लगा हुआ है, जिससे चुनाव सही तरीके से संपन्न हा सके। पोलिंग पार्टियों को मतदान केंद्र तक पहुंचने के लिए वाहनों के अधिगृहीत करने की जिम्मेदारी संभागीय परिवहन विभाग को दी गई थी। विभाग की ओर से वाहन स्वामियों के दिए गए पते के आधार पर संबंधित थाने की पुलिस को नोटिस रिसीव कराने के लिए दिया गया था कि वाहन स्वामी यह जान लें कि उनके वाहन को चुनाव ड्यूटी में लगाया गया है। संबंधित थानों की पुलिस जब 15 ऐसे लोगों को चिह्नित करने का काम शुरू की तो उनका पता ही गलत निकला। ऐसे में वाहनों की नोटिस रिसीव नहीं हो सकी है। मामले में संभागीय परिवहन विभाग उनके खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
एआरटीओ प्रशासन आशुतोष कुमार शुक्ल ने बताया कि जिन वाहन स्वामियों का पता गलत पाया गया है। वह लोग नौ मई दोपहर एक बजे तक अगर जिला कारागार के सामने स्थित परिसर में नहीं पहुंचते तो उनके खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में संबंधित थानों में केस दर्ज कराया जाएगा। साथ ही वाहन की परमिट भी निरस्त कर दी जाएगी।
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लोकसभा चुनाव को सकुशल संपन्न कराने के लिए पूरा तंत्र लगा हुआ है, जिससे चुनाव सही तरीके से संपन्न हा सके। पोलिंग पार्टियों को मतदान केंद्र तक पहुंचने के लिए वाहनों के अधिगृहीत करने की जिम्मेदारी संभागीय परिवहन विभाग को दी गई थी। विभाग की ओर से वाहन स्वामियों के दिए गए पते के आधार पर संबंधित थाने की पुलिस को नोटिस रिसीव कराने के लिए दिया गया था कि वाहन स्वामी यह जान लें कि उनके वाहन को चुनाव ड्यूटी में लगाया गया है। संबंधित थानों की पुलिस जब 15 ऐसे लोगों को चिह्नित करने का काम शुरू की तो उनका पता ही गलत निकला। ऐसे में वाहनों की नोटिस रिसीव नहीं हो सकी है। मामले में संभागीय परिवहन विभाग उनके खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
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एआरटीओ प्रशासन आशुतोष कुमार शुक्ल ने बताया कि जिन वाहन स्वामियों का पता गलत पाया गया है। वह लोग नौ मई दोपहर एक बजे तक अगर जिला कारागार के सामने स्थित परिसर में नहीं पहुंचते तो उनके खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में संबंधित थानों में केस दर्ज कराया जाएगा। साथ ही वाहन की परमिट भी निरस्त कर दी जाएगी।
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