मेघों ने गाया मल्हार, खेतों में छाई खुशहाली

Gorakhpur Bureau Updated Tue, 06 Jun 2017 10:28 PM IST
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मेघों ने गाया मल्हार, खेतों में छाई खुशहाली
सिद्धार्थनगर। मानसून से पहले ही मेघों ने मल्हार गा दिया है। सोमवार की रात से बदला मौसम लोगों पर मेहरबान रहा। जिले के कुछ क्षेत्रों में झमाझम बारिश हुई तो कई इलाकों में रिमझिम बरसात ने मौसम को खुशनुमा बना दिया है। गर्मी से बेहाल हर वर्ग प्रफुल्लित हो गया है। सबसे ज्यादा आह्लादित खेतिहर तबका है। बारिश की बूंदे गिरने के साथ ही खेतों में हलचल बढ़ गई है। धान की नर्सरी डालने में किसान जोर-शोर से जुट गए हैं। उधर, बारिश से शहरी क्षेत्रों में कीचड़, जलजमाव से आम लोगों की परेशानी भी बढ़ गई है।
धान की खेती के लिए नर्सरी डालने का यह अनुकूल समय है। इसके लिए किसान बारिश का इंतजार कर रहे थे। कुछ क्षेत्रों में निजी साधनों से भी बुवाई शुरू थी। इस बीच सोमवार की रात मौसम में अचानक बदलाव के बाद रिमझिम बारिश का सिलसिला शुरू हुआ तो किसानों के चेहरे पर खुशी दौड़ पड़ी। बारिश का सिलसिला रुक-रुक कर रातभर जारी रहा। मंगलवार को पूरे दिन भी रिमझिम बारिश होती रही। किसान हल-बैल, ट्रैक्टर के साथ खेतों में दिन भर मेहनत करते रहे। इटवा, डुमरियागंज तहसील क्षेत्रों में बारिश जिले के अन्य क्षेत्रों के सापेक्ष अच्छी रही।
यहां खेतों में पर्याप्त पानी जमा हो गया, जिससे कृषि कार्य में तेजी आ गई है। उधर, नगरीय क्षेत्रों में बारिश ने जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है। नगर के पीडब्लूडी कार्यालय, नौगढ़ पीएचसी, खजुरिया रोड, विकास भवन सहित अन्य स्थानों पर नाली जाम होने से जलजमाव हो गया। इससे होकर गुजरने में राहगीरों-कर्मचारियों को दुश्वारियां झेलनी पड़ी।

बोले, कृषि विशेषज्ञ खेती के लिए अनुकूल बारिश
इटवा/भनवापुर। बारिश से किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई है। कृषि वैज्ञानिक इस पानी को खरीफ फसल के लिए काफी उपयोगी बता रहे हैं। उनका कहना है कि इस पानी से अब सभी किसान धान की नर्सरी डाल सकेंगे। इससे किसानों को समय से रोपाई करने में भी आसानी होगी। सोहना कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ.मारकंडेय सिंह का कहना है कि इस बारिश से किसानों को अपने रोपाई के लिए खेतों की तैयारी करने में आसानी होगी। समय से नर्सरी तैयार होगी तो धान की पैदावार में इजाफा होगा। हालांकि आम की फसलों के लिए यह मौसम हानिकारक साबित हुआ है। पेड़ों पर लगे आम के फल आंधी-बारिश में गिर गए, जिससे किसानों को काफी क्षति पहुंची है।

चरमराई विद्युत व्यवस्था, मुख्यालय की आपूर्ति ठप
सिद्धार्थनगर। बारिश ने जहां किसानों के चेहरे पर खुशहाली ला दी है, वहीं आम जनजीवन को भी अस्त-व्यस्त किया है। तेज आंधी व बारिश से आधे जिले की विद्युत व्यवस्था सोमवार की रात से बाधित है। बार-बार ट्रिपिंग के चलते जिला मुख्यालय पर ही पूरी रात बिजली गुल रही। मंगलवार की सुबह व्यवस्था जैसे-तैसे बहाल हुई, लेकिन कुछ घंटों बाद फिर से आपूर्ति ठप हो गई। बिजली व्यवस्था ध्वस्त होने से उपभोक्ताओं को काफी फजीहत झेलनी पड़ी है। पूरी रात लोगों को जागकर बितानी पड़ी। उमस से लोग छटपटाते रहे। एक्सईएन घनश्याम मिश्र ने बताया कि पेड़ की डालियों के तारों से छूने के कारण कई स्थानों पर ट्रिपिंग की समस्या रही। इससे आपूर्ति बंद हो जा रही थी। सुबह पेट्रोलिंग कर कर्मचारियों ने अधिकांश क्षेत्रों की आपूर्ति चालू कर दी थी। आंधी से कुछ स्थानों पर तार व पोल टूटे हैं, उसका सर्वे कराया जा रहा है।

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