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सदर विधायक समेत आठ को गैर जमानती वारंट
Updated Mon, 18 Sep 2017 10:43 PM IST
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सिद्धार्थनगर। सदर थाना क्षेत्र में चार वर्ष पहले सीएम का पुतला फूंकने के मामले में सीजेएम कोर्ट ने सोमवार को सदर विधायक, जिला पंचायत सदस्य, हियुवा के देवीपाटन मंडल प्रभारी समेत आठ आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया। पिछली सात तारीखों से वारंट जारी होने के बावजूद आरोपियों को हाजिर कराने में सदर थाना पुलिस नाकाम रही।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक 19 अगस्त 2013 को तत्कालीन हियुवा जिलाध्यक्ष व वर्तमान सदर विधायक श्यामधनी राही के नेतृत्व में सदर थाना क्षेत्र के सिद्धार्थ चौराहा पर सीएम की शवयात्रा निकाली गई थी। उसके बाद समर्थकों के साथ पुतला दहन भी किया गया था। इसके बाद प्रशासन ने तत्कालीन जिलाध्यक्ष श्यामधनी राही, हियुवा के देवीपाटन मंडल प्रभारी सुभाष गुप्ता, मौजूदा जिला पंचायत सदस्य अजय सिंह, सुनील अग्रहरि, रामबचन, सचिन मित्तल, रामपाल सिंह व विजय चौधरी के खिलाफ धारा 188, 341 आईपीसी व 6 यूनाईटेड प्राविंस स्पेशल एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया। सीजेएम कोर्ट में मुकदमा विचाराधीन चल रहा था। सम्मन व वारंट जारी होने के बावजूद आरोपी अदालत में हाजिर नहीं हो रहे थे।
जमानत अर्जी खारिज, भेजा गया जेल
सिद्धार्थनगर। नाबालिग के अपहरण व फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उसे बालिग बताकर शादी रचाने के मामले में आरोपी ने सोमवार को कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने उसका जमानत प्रार्थना पत्र खारिज करते हुए जेल भेज दिया। इसी मामले में आरोपी मां व पूर्व माध्यमिक विद्यालय दतरंगवा की प्रधानाध्यापिका मीरा देवी को पहले ही जेल भेजा जा चुका है। बांसी के एक गांव निवासी महिला ने आशुतोष पुत्र दुर्गविजय पर नाबालिग बेटी को भगा ले जाने और फिर फर्जी दस्तावेज के आधार पर शादी करने का आरोप लगाया था। इस मामले में आशुतोष की मां मीरा देवी व पिता दुर्गविजय को भी नामजद किया गया था। मीरा देवी को कोर्ट ने पहले ही जेल भेज दिया था। आरोपी युवक फरार चल रहा था। हाईकोर्ट के आदेश पर सोमवार को उसने स्थानीय कोर्ट में समर्पण करते हुए जमानत अर्जी पेश की थी।
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पुलिस सूत्रों के मुताबिक 19 अगस्त 2013 को तत्कालीन हियुवा जिलाध्यक्ष व वर्तमान सदर विधायक श्यामधनी राही के नेतृत्व में सदर थाना क्षेत्र के सिद्धार्थ चौराहा पर सीएम की शवयात्रा निकाली गई थी। उसके बाद समर्थकों के साथ पुतला दहन भी किया गया था। इसके बाद प्रशासन ने तत्कालीन जिलाध्यक्ष श्यामधनी राही, हियुवा के देवीपाटन मंडल प्रभारी सुभाष गुप्ता, मौजूदा जिला पंचायत सदस्य अजय सिंह, सुनील अग्रहरि, रामबचन, सचिन मित्तल, रामपाल सिंह व विजय चौधरी के खिलाफ धारा 188, 341 आईपीसी व 6 यूनाईटेड प्राविंस स्पेशल एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया। सीजेएम कोर्ट में मुकदमा विचाराधीन चल रहा था। सम्मन व वारंट जारी होने के बावजूद आरोपी अदालत में हाजिर नहीं हो रहे थे।
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जमानत अर्जी खारिज, भेजा गया जेल
सिद्धार्थनगर। नाबालिग के अपहरण व फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उसे बालिग बताकर शादी रचाने के मामले में आरोपी ने सोमवार को कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने उसका जमानत प्रार्थना पत्र खारिज करते हुए जेल भेज दिया। इसी मामले में आरोपी मां व पूर्व माध्यमिक विद्यालय दतरंगवा की प्रधानाध्यापिका मीरा देवी को पहले ही जेल भेजा जा चुका है। बांसी के एक गांव निवासी महिला ने आशुतोष पुत्र दुर्गविजय पर नाबालिग बेटी को भगा ले जाने और फिर फर्जी दस्तावेज के आधार पर शादी करने का आरोप लगाया था। इस मामले में आशुतोष की मां मीरा देवी व पिता दुर्गविजय को भी नामजद किया गया था। मीरा देवी को कोर्ट ने पहले ही जेल भेज दिया था। आरोपी युवक फरार चल रहा था। हाईकोर्ट के आदेश पर सोमवार को उसने स्थानीय कोर्ट में समर्पण करते हुए जमानत अर्जी पेश की थी।
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