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विधायक ने प्रशासन पर लगाया विशेषाधिकार हनन का आरोप
Updated Sat, 02 Sep 2017 10:15 PM IST
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उसका बाजार (सिद्धार्थनगर)। जिला प्रशासन के रवैए पर एमएलसी ध्रुव कुमार त्रिपाठी बिफर गए हैं। प्रशासन पर विशेषाधिकार के हनन का आरोप लगाया है। उनकी नाराजगी 10 अगस्त को मुख्यमंत्री के जिले में आगमन पर कोई सूचना और आमंत्रण न देने को लेकर है। नाराज विधायक ने प्रशासन के खिलाफ विधान परिषद के प्रमुख सचिव को विशेषाधिकार हनन को लेकर नोटिस दिया है। मानसिक पीड़ा पहुंचाने का आरोप लगाया है।
उसका बाजार निवासी ध्रुव कुमार त्रिपाठी गोरखपुर-फैजाबाद मंडल के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद के सदस्य हैं। उनके निर्वाचन क्षेत्र में 15 जिले शामिल हैं। सिद्धार्थनगर को उन्होंने अपना नोडल जिला नामित किया है। नियमानुसार जिले में किसी भी वीवीआईपी के आगमन पर प्रशासन को इसकी लिखित सूचना और आमंत्रण संसद व विधान मंडल के सदस्यों को देने की व्यवस्था है। विधायक ध्रुव कुमार त्रिपाठी का कहना है कि 10 अगस्त को मुख्यमंत्री का शाम 4 बजे जिले में भ्रमण व समीक्षा के लिए आगमन हुआ था। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम होने के बाद भी जिला प्रशासन ने सूचना न देकर मेरे विशेषाधिकार का हनन किया है। यहां तक कि दूरभाष से भी सूचना नहीं दी गई, इससे काफी मानसिक पीड़ा पहुंची। उन्होंने बताया कि यह मामला सदन में प्रस्तुत कर दिया गया है। सदन ने इसे स्वीकार कर लिया है। विधायक की इस नोटिस के बाद प्रशासनिक अमले में खलबली मची हुई है।
एडीएम ने की थी बात, दी गई थी सूचना : डीएम
जिलाधिकारी कु णाल सिल्कू ने विधायक के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि विधायक को लिखित सूचना भेजी गई थी। एडीएम से उनकी फोन पर बातें भी हुई थीं। मुख्यमंत्री का कार्यक्रम एक रात पहले ही प्राप्त हुआ था। फिर भी पुलिस के आरटी संदेश के माध्यम से विधायक तक लिखित सूचना प्रेषित की गई। सीएम के आगमन से छह घंटे पहले एडीएम ने वार्ता भी की थी। विधायक की नाराजगी देर से सूचना देने को लेकर है, मगर जब खुद प्रशासन को एक रात पहले ही सूचना मिली तो उससे पहले कैसे अवगत कराते। फिलहाल नोटिस प्राप्त नहीं हुई है। नोटिस मिलने पर जवाब दिया जाएगा।
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उसका बाजार निवासी ध्रुव कुमार त्रिपाठी गोरखपुर-फैजाबाद मंडल के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद के सदस्य हैं। उनके निर्वाचन क्षेत्र में 15 जिले शामिल हैं। सिद्धार्थनगर को उन्होंने अपना नोडल जिला नामित किया है। नियमानुसार जिले में किसी भी वीवीआईपी के आगमन पर प्रशासन को इसकी लिखित सूचना और आमंत्रण संसद व विधान मंडल के सदस्यों को देने की व्यवस्था है। विधायक ध्रुव कुमार त्रिपाठी का कहना है कि 10 अगस्त को मुख्यमंत्री का शाम 4 बजे जिले में भ्रमण व समीक्षा के लिए आगमन हुआ था। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम होने के बाद भी जिला प्रशासन ने सूचना न देकर मेरे विशेषाधिकार का हनन किया है। यहां तक कि दूरभाष से भी सूचना नहीं दी गई, इससे काफी मानसिक पीड़ा पहुंची। उन्होंने बताया कि यह मामला सदन में प्रस्तुत कर दिया गया है। सदन ने इसे स्वीकार कर लिया है। विधायक की इस नोटिस के बाद प्रशासनिक अमले में खलबली मची हुई है।
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एडीएम ने की थी बात, दी गई थी सूचना : डीएम
जिलाधिकारी कु णाल सिल्कू ने विधायक के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि विधायक को लिखित सूचना भेजी गई थी। एडीएम से उनकी फोन पर बातें भी हुई थीं। मुख्यमंत्री का कार्यक्रम एक रात पहले ही प्राप्त हुआ था। फिर भी पुलिस के आरटी संदेश के माध्यम से विधायक तक लिखित सूचना प्रेषित की गई। सीएम के आगमन से छह घंटे पहले एडीएम ने वार्ता भी की थी। विधायक की नाराजगी देर से सूचना देने को लेकर है, मगर जब खुद प्रशासन को एक रात पहले ही सूचना मिली तो उससे पहले कैसे अवगत कराते। फिलहाल नोटिस प्राप्त नहीं हुई है। नोटिस मिलने पर जवाब दिया जाएगा।
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