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रकम है, फिर भी काम नहीं
siddharthnagar
Updated Fri, 27 Jul 2018 11:23 PM IST
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सिद्धार्थनगर। रकम है फिर भी स्वास्थ्य महकमा कार्य शुरू नहीं कर रहा है। कुछ मदों में कार्य शुरू हुए भी तो उनकी भी प्रगति बेहतर नहीं है। इस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए सीएमओ को पत्र लिखकर बिंदुवार स्पष्टीकरण मांगा है।
दस्तक अभियान अंतर्गत जिले के स्वास्थ्य केंद्रों पर साफ-सफाई के निर्देश दिए गए थे। पर ऐसा नहीं किया गया। जबकि इस मद में वित्तीय वर्ष 2018-19 में पांच लाख 48 हजार रुपये आवंटित हैं। इस पर एनएचएम के निदेशक भी असंतोष व्यक्त कर चुके हैं। राष्ट्रीय क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2018-19 में जिले को 90.90 लाख रुपये उपलब्ध कराए गए हैं। इसमें काम शुरू हुआ लेकिन कुछ ही। भुगतान के नाम पर 14 प्रतिशत राशि ही खर्च हुई। एनएलईपी यानि राष्ट्रीय कुष्ठ रोग उन्मूलन के अंतर्गत 1.57 लाख रुपये मुहैय्या कराए गए। इस मद में भी काम नहीं हुआ। इसी प्रकार पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत निश्चय पोर्टल पर नोटीफाइड समस्त लाभार्थियों के बैंक अकाउंट, मोबाइल नंबर, आधार नंबर शत-प्रतिशत अंकन किए जाने के साथ ही डीबीटी के माध्यम से भुगतान करने के निर्देश के बावजूद 20 जुलाई तक 772 मरीजों के सापेक्ष मात्र 11 प्रतिशत लाभार्थियों को भुगतान किया गया है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन समेत विभागीय योजनाओं व कार्यक्रमों के मद में धनराशि उपलब्ध होने के बाद भी उपयोग नहीं किया जा रहा है। इस प्रकरण में सीएमओ से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जवाब संतोषजनक न मिलने पर कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
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कुणाल सिल्कू, जिलाधिकारी
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दस्तक अभियान अंतर्गत जिले के स्वास्थ्य केंद्रों पर साफ-सफाई के निर्देश दिए गए थे। पर ऐसा नहीं किया गया। जबकि इस मद में वित्तीय वर्ष 2018-19 में पांच लाख 48 हजार रुपये आवंटित हैं। इस पर एनएचएम के निदेशक भी असंतोष व्यक्त कर चुके हैं। राष्ट्रीय क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2018-19 में जिले को 90.90 लाख रुपये उपलब्ध कराए गए हैं। इसमें काम शुरू हुआ लेकिन कुछ ही। भुगतान के नाम पर 14 प्रतिशत राशि ही खर्च हुई। एनएलईपी यानि राष्ट्रीय कुष्ठ रोग उन्मूलन के अंतर्गत 1.57 लाख रुपये मुहैय्या कराए गए। इस मद में भी काम नहीं हुआ। इसी प्रकार पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत निश्चय पोर्टल पर नोटीफाइड समस्त लाभार्थियों के बैंक अकाउंट, मोबाइल नंबर, आधार नंबर शत-प्रतिशत अंकन किए जाने के साथ ही डीबीटी के माध्यम से भुगतान करने के निर्देश के बावजूद 20 जुलाई तक 772 मरीजों के सापेक्ष मात्र 11 प्रतिशत लाभार्थियों को भुगतान किया गया है।
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन समेत विभागीय योजनाओं व कार्यक्रमों के मद में धनराशि उपलब्ध होने के बाद भी उपयोग नहीं किया जा रहा है। इस प्रकरण में सीएमओ से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जवाब संतोषजनक न मिलने पर कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
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कुणाल सिल्कू, जिलाधिकारी