{"_id":"59b180284f1c1be87f8b4b8f","slug":"11504804904-siddharthnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लोकार्पण के 10 माह बाद भी हैंडओवर नही हुआ अस्पताल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लोकार्पण के 10 माह बाद भी हैंडओवर नही हुआ अस्पताल
Updated Thu, 07 Sep 2017 10:51 PM IST
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बर्डपुर (सिद्धार्थनगर)। बर्डपुर में सीएचसी का लोकार्पण हुए 10 माह बीत गए हैं, मगर अस्पताल अब तक चालू नहीं हो पाया है। दरअसल, भवन का एक हिस्सा अब तक अधूरा है और जो निर्माण हो चुका है, उसे हैंडओवर नहीं लिया जा रहा है। ऐसे में ब्लॉक क्षेत्र के लोगों की अच्छे अस्पताल में दवा-उपचार की उम्मीदें दम तोड़ रही हैं। उस व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहा है, जिसमें बिना हैंडओवर लिए ही लोकार्पण करा दिया गया।
सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी का शिलान्यास करने आए तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बर्डपुर कस्बे में 100 बेड के उच्चीकृत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की घोषणा की थी। सीएम के ऐलान के बाद सर्वे हुआ तो जमीन के अभाव में 20 बेड का महिला अस्पताल व 30 बेड के सीएचसी का निर्माण शुरू हुआ। 20 बेड के महिला अस्पताल का विगत 15 अक्टूबर को पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लोकार्पण कर दिया था। लोगों को उम्मीद जगी थी कि अब उन्हें बेहतर दवा-उपचार मिल सकेगा। करीब 11 माह बीतने के बाद भी अस्पताल चालू नहीं हो सका है। बताते हैं कि चिकित्सा विभाग ने इस भवन को अब तक हैंडओवर नहीं लिया है। तकनीकी दिक्कतों के चलते इसमें बाधा आ रही है। उधर, 30 बेड की सीएचसी का आधा काम अभी भी लंबित है। लोगों का कहना है कि नियमानुसार हैंडओवर के बाद ही भवन का लोकार्पण होता है। जब भवन का काम पूरा नहीं था तो लोकार्पण कैसे कर दिया गया। लोकार्पण होने के बाद हैंडओवर में इतना विलंब चिंताजनक है। इस संबंध में प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ.प्रशांत अस्थाना का कहना था कि इस बाबत कई बार उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है। हैंडओवर की प्रक्रिया जारी है।
दो कमरों में चल रही पीएचसी
बर्डपुर कस्बे में स्थापित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दो तंग कमरों वाले भवन में चल रहा है। इन्हीं कमरों में डॉक्टर बैठते हैं, फार्मासिस्ट रहते हैं, भर्ती होती है और दवाएं भी मितली हैं। यहां रोजाना 100 से अधिक मरीज आते हैं। ऐसे में तंग कमरों के कारण काफी दुश्वारियां झेलनी पड़ रही है। दवा-उपचार में डॉक्टर असहज महसूस करते हैं तो मरीज भी हलकान रहते हैं। कई बार मरीजों को बाहर धूप में खड़ा होकर इंतजार करना पड़ता है।
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सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी का शिलान्यास करने आए तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बर्डपुर कस्बे में 100 बेड के उच्चीकृत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की घोषणा की थी। सीएम के ऐलान के बाद सर्वे हुआ तो जमीन के अभाव में 20 बेड का महिला अस्पताल व 30 बेड के सीएचसी का निर्माण शुरू हुआ। 20 बेड के महिला अस्पताल का विगत 15 अक्टूबर को पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लोकार्पण कर दिया था। लोगों को उम्मीद जगी थी कि अब उन्हें बेहतर दवा-उपचार मिल सकेगा। करीब 11 माह बीतने के बाद भी अस्पताल चालू नहीं हो सका है। बताते हैं कि चिकित्सा विभाग ने इस भवन को अब तक हैंडओवर नहीं लिया है। तकनीकी दिक्कतों के चलते इसमें बाधा आ रही है। उधर, 30 बेड की सीएचसी का आधा काम अभी भी लंबित है। लोगों का कहना है कि नियमानुसार हैंडओवर के बाद ही भवन का लोकार्पण होता है। जब भवन का काम पूरा नहीं था तो लोकार्पण कैसे कर दिया गया। लोकार्पण होने के बाद हैंडओवर में इतना विलंब चिंताजनक है। इस संबंध में प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ.प्रशांत अस्थाना का कहना था कि इस बाबत कई बार उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है। हैंडओवर की प्रक्रिया जारी है।
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दो कमरों में चल रही पीएचसी
बर्डपुर कस्बे में स्थापित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दो तंग कमरों वाले भवन में चल रहा है। इन्हीं कमरों में डॉक्टर बैठते हैं, फार्मासिस्ट रहते हैं, भर्ती होती है और दवाएं भी मितली हैं। यहां रोजाना 100 से अधिक मरीज आते हैं। ऐसे में तंग कमरों के कारण काफी दुश्वारियां झेलनी पड़ रही है। दवा-उपचार में डॉक्टर असहज महसूस करते हैं तो मरीज भी हलकान रहते हैं। कई बार मरीजों को बाहर धूप में खड़ा होकर इंतजार करना पड़ता है।
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