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महिला डॉक्टर की तर्ज पर काम करेंगी स्टाफनर्स

Wed, 05 Jul 2017 05:31 PM IST
Updated Wed, 05 Jul 2017 05:31 PM IST
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महिला डॉक्टर की तर्ज पर काम करेंगी स्टाफनर्स
सिद्धार्थनगर। जिला अस्पताल की स्टाफ नर्स भी अब डॉक्टरों की तरह से काम करेंगी। मरीजों को तत्कालिक उपचार देने के लिए उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रसूताओं के तत्काल उपचार और उनकी देखभाल के लिए बेहतर प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे डॉक्टर की अनुपस्थिति में सामान्य इलाज कर सकें। उनके प्रशिक्षण के लिए जिला अस्पताल में मिनी स्कीन लैब की स्थापना की गई है, जहां उन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा। डॉक्टरों की अनुपस्थिति में अक्सर प्रसूताओं व गर्भवती महिलाओं को बाहर जाने की सलाह दे दी जाती है। तत्काल इलाज न मिलना प्रसूताओं के लिए कई बार परेशानी का सबब बन जाता है। प्रसूताओं को तत्काल उपचार मिल सके, इसके लिए जिला अस्पताल की स्टाफ नर्स प्रशिक्षित होंगी, जो डॉक्टर की गैर मौजूदगी में मरीज की प्राथमिक चिकित्सा कर सकेंगी। जिला अस्पताल में लेबर रूम के पास मिनी स्कीन लैब स्थापित किया गया है। यहां नर्स मेंटर की तैनाती की गई है, जो अस्पताल की स्टाफ नर्स को सामान्य उपचार की विधि के बारे में प्रशिक्षण देंगी। इस संबंध में सीएमएस डॉ.रोचस्मति पांडेय ने बताया कि अस्पताल आने वाली महिला मरीजों को तत्काल प्राथमिक चिकित्सा देने के लिए स्टाफ नर्स को प्रशिक्षण देकर दक्ष बनाया जाएगा। इससे वह डॉक्टर की सेवा मिलने तक मरीज की अच्छी तरह निगरानी कर सकेंगी। प्रशिक्षण के लिए मिनी स्कीन लैब की स्थापना कर प्रशिक्षक की तैनाती कर दी गई है।
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प्रशिक्षण में दी जाएंगी यह जानकारी
अस्पताल में आने वाली गर्भवती महिला को सह सम्मान बैठाने, उनके स्वास्थ्य और दिक्कत के बारे में सहजता से पूछने, ब्लड प्रेशर की जांच करने, दर्द व गैस बनने जरूरी दवा देने। डिलेवरी के समय सवधानी बरतने, बच्चे की देखरेख और बीमारी के लक्षण जानने आदि की जानकारी दी जाएगी।
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बॉयो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण का भी देेंगे प्रशिक्षण
स्टाफ नर्स व स्वीपर को बॉयो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण की भी जानकारी दी जाएगी। उन्हें पीला, नीला, हरा व लाल रंग के कूड़ेदान के इस्तेमाल के बारे में समझाया जाएगा। पीले रंग के कूडे़दान में ऑपरेशन के बाद शरीर से निकलने वाले अवशेष को रखा जाएगा। काले रंग के कूडे़दान में खाने वाली वस्तु डाली जाएगी। लाल रंग के कूड़ेदान में ड्रेसिंग के बाद निकलने वाले अवशेष रखे जाएंगे और नीले रंग के कूडे़दान में इंजेक्शन व दवा की शीशी आदि रखे जाएंगे। यह व्यवस्था इमरजेंसी सहित सभी वार्ड में की जाएगी, जिससें संक्रमण फैलने से रोका जा सके।
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