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काला नमक धान और गन्ने की खेती से बढ़ेगी किसानों की आय

Wed, 14 Mar 2018 11:00 PM IST
siddharthnagar
siddharthnagar Updated Wed, 14 Mar 2018 11:00 PM IST
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काला नमक धान और गन्ने की खेती से बढ़ेगी किसानों की आय
धान की रोपाई करते किसान - फोटो : अमर उजाला
सिद्धार्थनगर। जिले के किसानों की आय दोगुनी करने के लिए प्रशासन ने काला नमक धान और गन्ने की खेती को माध्यम बनाने पर जोर दिया है। डीएम ने इसके लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा है। इसके तहत काला नमक धान खरीदने के लिए चार हजार रुपये समर्थन मूल्य घोषित करने और गन्ने की खेती के लिए डुमरियागंज-इटवा के बीच चीनी मिल लगाने की आवश्यकता जताई गई है। प्रमुख सचिव के समक्ष प्रोजेक्ट की प्रस्तुति भी हो चुकी है।
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जिले की दो तिहाई आबादी की आजीविका का मुख्य जरिया कृषि है। वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडेक्ट के रूप में काला नमक धान को चयनित किया है। अब काला नमक धान को इसका माध्यम बनाने की भी तैयारी हो है। बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में डीएम कुणाल सिल्कू ने बताया कि जिले के किसानों की मौजूदा वार्षिक आय औसतन 65 हजार रुपये है। काला नमक धान और गन्ने की खेती से वह डेढ़ से दोगुनी आय बढ़ाई जा सकती है। इसके लिए शासन को विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर भेज दी गई है। उम्मीद है बेहतर परिणाम आएंगे।
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आय बढ़ाने का यह है प्रस्ताव:
काला नमक धान की खेती:
नेपाल सीमा से सटे बर्डपुर, शोहरतगढ़, बढनी व नौगढ़ ब्लाक के करीब 35,000 हेक्टेयर भूमि को काला नमक धान की खेती के लिए उपयुक्त मानी गई है। तराई के इस क्षेत्र की मिट्टी और जलवायु इसके लिए अनुकूल है। बार्डर पर स्थित बजहा ताल को सुदृढ़ कराकर किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाएगा। उत्पादित धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 4 हजार रुपये प्रति क्विंटल करने की सिफारिश की गई है। अभी तक काला नमक धान को भी सामान्य धन की दर पर ही खरीदा जाता है। समर्थन मूल्य बढ़ने व सिंचाई की उपलब्धता से किसानों का रुझान तेजी से इस ओर बढ़ेगा। किसान इस ओर जुड़े तो उनकी डेढ़ गुना तक बढ़ेगी।
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गन्ने की खेती:
बढनी, खुनियांव, डुमरियागंज, इटवा, भनवापुर ब्लाक क्षेत्रों में गन्ने की खेती का अनुकूल माहौल है। यह क्षेत्र पहले गन्ने का हब भी रहा। एक-एक कर चीनी मिलों के बंद होने से किसानों ने गन्ने की खेती से मुंह मोड़ लिया। इन क्षेत्रों में फिर से गन्ने की खेती को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन ने डुमरियागंज से इटवा के मध्य चीनी मिल खोलने का प्रस्ताव दिया है। उद्योग शून्य जिले में चीनी मिल की मांग भी अरसे से होती रही है। उम्मीद है कि चीनी मिल खुलने से किसानों का रूझान फिर से गन्ने की खेती की ओर बढ़ेगा। धान-गेहूं के साथ किसान गन्ना उत्पादन भी करेंगे तो उनकी आय दो गुने से अधिक बढ़ने की उम्मीद है।
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