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Shravasti News: माता सती के बलिदान की सुनाई कथा
Thu, 17 Sep 2026 11:57 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Thu, 17 Sep 2026 11:57 PM IST
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कटरा में सजे पूजा पंडाल में कथा सुनाते प्रवाचक
कटरा। महावीर बाबा थान में चल रहे गणेश उत्सव के दौरान बुधवार रात कथावाचक ओम प्रकाश मिश्रा ने माता सती के बलिदान की कथा सुनाई। इस दौरान अयोध्या के कलाकारों ने विभिन्न झांकियों को प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। इस दौरान पूजन मंडाल गजानन के जयकारों से गुंजायमान रहा।
माता सती की कथा सुनाते हुए कथावाचक पंडित ओम प्रकाश मिश्रा ने कहा कि माता सती के पिता राजा दक्ष ने यज्ञ का आयोजन किया था। माता सती को जब यह ज्ञात हुआ तो उन्होंने भगवान शिव से यज्ञ में जाने की अनुमति मांगी। भगवान शिव ने बिना बुलाए जाने से इंसान के सम्मान में कमी आने की बात कहकर मना किया। हालांकि, माता सती नहीं मानीं और दक्ष के यज्ञ में पहुंच गईं। वहां अपने पिता सहित सभी को बुरा-भला कहने के बाद उन्होंने स्वयं को यज्ञ अग्नि में स्वाहा कर दिया। यह जानकर भगवान शिव ने अपना तीसरा नेत्र खोलकर दक्ष की नगरी को तहस-नहस कर दिया। भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से माता सती के शरीर के टुकड़े किए, जिससे विभिन्न स्थानों पर शक्तिपीठों का निर्माण हुआ। इस दौरान राकेश वर्मा, आशा वर्मा, लाल सोनी, पवन कुमार गुप्ता, राम कुमार मिश्र आदि मौजूद रहे।
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माता सती की कथा सुनाते हुए कथावाचक पंडित ओम प्रकाश मिश्रा ने कहा कि माता सती के पिता राजा दक्ष ने यज्ञ का आयोजन किया था। माता सती को जब यह ज्ञात हुआ तो उन्होंने भगवान शिव से यज्ञ में जाने की अनुमति मांगी। भगवान शिव ने बिना बुलाए जाने से इंसान के सम्मान में कमी आने की बात कहकर मना किया। हालांकि, माता सती नहीं मानीं और दक्ष के यज्ञ में पहुंच गईं। वहां अपने पिता सहित सभी को बुरा-भला कहने के बाद उन्होंने स्वयं को यज्ञ अग्नि में स्वाहा कर दिया। यह जानकर भगवान शिव ने अपना तीसरा नेत्र खोलकर दक्ष की नगरी को तहस-नहस कर दिया। भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से माता सती के शरीर के टुकड़े किए, जिससे विभिन्न स्थानों पर शक्तिपीठों का निर्माण हुआ। इस दौरान राकेश वर्मा, आशा वर्मा, लाल सोनी, पवन कुमार गुप्ता, राम कुमार मिश्र आदि मौजूद रहे।
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