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Shravasti News: कम नहीं हो रहा मुकदमों का भार
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श्रावस्ती। जनपद न्यायालय के पीठासीन अधिकारियों की ओर से दर्ज मामलों के निस्तारण में विशेष रुचि ली जा रही है। शायद ही कोई दिन ऐसा रहा हो जब किसी न किसी मुकदमे का निस्तारण न किया गया हो। इसके बावजूद न्यायालयों पर मुकदमों का भार कम नहीं हो रहा है।
सेशन कोर्ट, जिला जज व अपर जिला जज के न्यायालयों में एक वर्ष में 1927 नए मुकदमे पंजीकृत हुए।
इनमें से 130 सिविल व 1727 क्रिमिनल वादों का निस्तारण किया गया। लोअर कोर्ट में 18439 नए मामले पंजीकृत हुए। एक वर्ष में सीजेएम सहित अन्य लोअर कोर्ट के पीठासीन अधिकारियों ने 463 सिविल वाद व 13270 आपराधिक मामलों का निस्तारण किया। जिला न्यायालय में एक वर्ष में 20166 नए मामले पंजीकृत हुए। 593 सिविल व 14997 क्रिमिनल वादों का निस्तारण हुआ। इसके बावजूद 4576 वाद लंबित रह गए।
जिला न्यायालय में आठ नए कोर्ट का निर्माण कराया जा रहा है। इनमें से चार न्यायालयों के निर्माण का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। चार अन्य का निर्माण भी जल्द पूरा होने की उम्मीद है। निर्माण पूरा होने के साथ ही पीठासीन अधिकारियों की तैनाती हो जाएगी। इसके बाद मामलों के निस्तारण में और तेजी आने की उम्मीद है। ऐसा हुआ तो न्यायालयों पर मुकदमों का भार कम होगा।
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सेशन कोर्ट, जिला जज व अपर जिला जज के न्यायालयों में एक वर्ष में 1927 नए मुकदमे पंजीकृत हुए।
इनमें से 130 सिविल व 1727 क्रिमिनल वादों का निस्तारण किया गया। लोअर कोर्ट में 18439 नए मामले पंजीकृत हुए। एक वर्ष में सीजेएम सहित अन्य लोअर कोर्ट के पीठासीन अधिकारियों ने 463 सिविल वाद व 13270 आपराधिक मामलों का निस्तारण किया। जिला न्यायालय में एक वर्ष में 20166 नए मामले पंजीकृत हुए। 593 सिविल व 14997 क्रिमिनल वादों का निस्तारण हुआ। इसके बावजूद 4576 वाद लंबित रह गए।
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जिला न्यायालय में आठ नए कोर्ट का निर्माण कराया जा रहा है। इनमें से चार न्यायालयों के निर्माण का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। चार अन्य का निर्माण भी जल्द पूरा होने की उम्मीद है। निर्माण पूरा होने के साथ ही पीठासीन अधिकारियों की तैनाती हो जाएगी। इसके बाद मामलों के निस्तारण में और तेजी आने की उम्मीद है। ऐसा हुआ तो न्यायालयों पर मुकदमों का भार कम होगा।
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