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सबसे गर्म रहा बैसाख का अंतिम दिन, पारा 43 पर
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श्रावस्ती। बैसाख का अंतिम दिन सोमवार जिले में सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। पारा 43 डिग्री सेल्सियस पहुंच जाने के कारण उमस व तपिश से लोग बेहाल रहे। इस दौरान चलने वाली गर्म पछुआ हवाओं ने भी लू के थपेड़ों का एहसास करा लोगों को परेशान किया। इसके चलते ही सुबह 10 बजे के बाद से मुख्य मार्ग पर सन्नाटा दिखने लगा। लोग जरूरी काम काज होने पर ही सड़कों पर नजर आते दिखे। इसके चलते ही मंगलवार से शुरू होने वाले जेठ माह में तपन और गर्मी का प्रकोप और बढ़ने की आशंका है।
भीषण गर्मी के इस दौर में हिंदू व मुसलिम दोनों ही समुदाय में सहालग का दौर भी तेजी पकड़े है। ऐसे में तैयारियों में जुटे लोगों को धूप की तपिश व पसीना छुड़ाती उमस और परेशान कर रही है। इस कारण सहालग में तेजी के बावजूद मुख्य मार्ग सहित जिले की प्रमुख बाजारों में स्थित दुकानों पर दिन भर सन्नाटा पसरा दिखता है। मौसम का असर सिर्फ इंसान ही नहीं पशु पक्षियों पर भी देखने को मिल रहा है। गर्मी से बेहाल लोग खुद को धूप से बचाने का प्रयास करते दिख रहे हैं। जिले में मुख्य मार्गों सहित सभी प्रमुख तिराहों व चौराहों पर लगे ज्यादातर हैंडपंप भी खराब पड़े हैं। शिकायत के बाद भी संबंधित विभाग इनकी मरम्मत को लेकर उदासीन बने हैं।
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भीषण गर्मी के इस दौर में हिंदू व मुसलिम दोनों ही समुदाय में सहालग का दौर भी तेजी पकड़े है। ऐसे में तैयारियों में जुटे लोगों को धूप की तपिश व पसीना छुड़ाती उमस और परेशान कर रही है। इस कारण सहालग में तेजी के बावजूद मुख्य मार्ग सहित जिले की प्रमुख बाजारों में स्थित दुकानों पर दिन भर सन्नाटा पसरा दिखता है। मौसम का असर सिर्फ इंसान ही नहीं पशु पक्षियों पर भी देखने को मिल रहा है। गर्मी से बेहाल लोग खुद को धूप से बचाने का प्रयास करते दिख रहे हैं। जिले में मुख्य मार्गों सहित सभी प्रमुख तिराहों व चौराहों पर लगे ज्यादातर हैंडपंप भी खराब पड़े हैं। शिकायत के बाद भी संबंधित विभाग इनकी मरम्मत को लेकर उदासीन बने हैं।
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