{"_id":"62604d0cb465216af657a56b","slug":"shravasti-srawasti-news-lko6270484165","type":"story","status":"publish","title_hn":"मच्छरों से रहें सावधान, नहीं रहेगा संचारी रोग का खतरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मच्छरों से रहें सावधान, नहीं रहेगा संचारी रोग का खतरा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रावस्ती। जापानी इंसेफलाइटिस व एईएस सहित संचारी रोग मच्छर के काटने से फैलता है। इससे बचने के लिए जरूरी है कि मच्छरों का प्रजनन रुके व उससे बचने में सावधानी बरती जाए। जिससे संचारी रोग फैलने से रोके जा सकें।
यह बातें गत दिवस जिला कृषि रक्षा अधिकारी विजय कुमार ने किसानों के नाम जारी अपील में कहीं। उन्होंने कहा कि जापानी इंसेफलाइटिस यानी जेई व एक्यूट इन्सेफलाइटिस सिन्ड्रोम यानी एईएस चूहा व मच्छरों के काटने से फैलता है। संचारी रोग नियंत्रण के लिए जिले में 30 अप्रैल तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
कृषि विभाग द्वारा सहभागी फसल निगरानी एवं निदान प्रणाली संचालित है। इसमें किसानों की समस्याओं का निस्तारण 48 घंटे के भीतर किया जा रहा है। किसान अपने फसलों में लगने वाले कीट रोग एवं अन्य समस्या के लिए मोबाइल नंबर 9452247111 एवं 9452257111 पर फसल की फोटो व्हाट्सएप पर भेज कर रोग व कीट से बचाव के संबंध मे जानकारी प्राप्त कर सकते है।
विज्ञापन
विज्ञापन
यह बातें गत दिवस जिला कृषि रक्षा अधिकारी विजय कुमार ने किसानों के नाम जारी अपील में कहीं। उन्होंने कहा कि जापानी इंसेफलाइटिस यानी जेई व एक्यूट इन्सेफलाइटिस सिन्ड्रोम यानी एईएस चूहा व मच्छरों के काटने से फैलता है। संचारी रोग नियंत्रण के लिए जिले में 30 अप्रैल तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
विज्ञापन
कृषि विभाग द्वारा सहभागी फसल निगरानी एवं निदान प्रणाली संचालित है। इसमें किसानों की समस्याओं का निस्तारण 48 घंटे के भीतर किया जा रहा है। किसान अपने फसलों में लगने वाले कीट रोग एवं अन्य समस्या के लिए मोबाइल नंबर 9452247111 एवं 9452257111 पर फसल की फोटो व्हाट्सएप पर भेज कर रोग व कीट से बचाव के संबंध मे जानकारी प्राप्त कर सकते है।
विज्ञापन