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Shravasti News: खेत निगल रही राप्ती, किसान बेबस
Mon, 07 Sep 2026 12:58 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Mon, 07 Sep 2026 12:58 AM IST
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जमुनहा क्षेत्र में हसनापुर गांव के पास खेत का कटान करती राप्ती नदी।-
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तुलसीपुर। राप्ती नदी का घटता जलस्तर किसानों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। हर दिन किसानों के खेत और फसलें नदी की धारा में समा रही हैं। किसान अपनी कच्ची फसलों को काटकर मवेशियों के लिए चारा बनाने को मजबूर हैं। प्रशासन की ओर से कटान रोकने के कोई इंतजाम नहीं दिख रहे हैं। तराई में राप्ती किनारे बसे गांवों के किसानों को हर वर्ष बाढ़ और कटान झेलना पड़ता है। इस बार अच्छी बारिश न होने से किसान बाढ़ से बचे हैं पर नदी का कटान कहर बरपा रहा है। विगत वर्षों की तरह इस बार भी किसानों के खेत राप्ती की धारा में विलीन हो रहे हैं। जमुनहा क्षेत्र के ग्राम हसनापुर के पास रविवार को नदी का कटान देखा गया। खेत के बड़े-बड़े टुकड़े छपाक की ध्वनि के साथ नदी में समाते दिखे। खेत को कटते देख किसानों की आंखे भी नम नजर आ रही थीं।
छलका किसानों का दर्द
हसनापुर निवासी करताराम ने बताया कि 10 वर्ष पूर्व आई बाढ में हसनापुर गाव पूरी तरह कट गया था। तभी से ग्रामीण सड़क की पटरी को ही अपना बसेरा बनाए हुए हैं। प्रशासन की ओर से अब तक ग्रामीणों को किसी प्रकार की सहायता नहीं मिली है। करताराम, लल्लन प्रसाद, पहलवान, रिक्खी राम,अन्नू, रामउजागर, गिरवर प्रसाद, मोतीलाल सहित अन्य किसानों का करीब 15 बीघा खेत फसल सहित कट गया है। सलारूगांव निवासी सियाराम ने बताया कि उनका व उनके परिवार का करीब 10 से 12 बीघा खेत कट चुका है। प्रशासन की ओर से बीते वर्ष विभाग की ओर से महज बांस के जाल बनाकर उसमें रोड़े भरने का काम किया गया था। इसके बाद से अब तक कोई भी नहीं आया है। अब कटान से खेत तो नहीं बचा सकते, लेकिन कच्ची फसलों को ही काटकर मवेशियों के लिए चारा बना रहे हैं।
टीम बनाकर कटान क्षेत्र का सर्वे कराया जा रहा है। संबंधित विभाग से समन्वय स्थापित कर कटान का स्थाई समाधान कराया जाएगा।
रवि प्रताप सिंह, एसडीएम जमुनहा
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छलका किसानों का दर्द
हसनापुर निवासी करताराम ने बताया कि 10 वर्ष पूर्व आई बाढ में हसनापुर गाव पूरी तरह कट गया था। तभी से ग्रामीण सड़क की पटरी को ही अपना बसेरा बनाए हुए हैं। प्रशासन की ओर से अब तक ग्रामीणों को किसी प्रकार की सहायता नहीं मिली है। करताराम, लल्लन प्रसाद, पहलवान, रिक्खी राम,अन्नू, रामउजागर, गिरवर प्रसाद, मोतीलाल सहित अन्य किसानों का करीब 15 बीघा खेत फसल सहित कट गया है। सलारूगांव निवासी सियाराम ने बताया कि उनका व उनके परिवार का करीब 10 से 12 बीघा खेत कट चुका है। प्रशासन की ओर से बीते वर्ष विभाग की ओर से महज बांस के जाल बनाकर उसमें रोड़े भरने का काम किया गया था। इसके बाद से अब तक कोई भी नहीं आया है। अब कटान से खेत तो नहीं बचा सकते, लेकिन कच्ची फसलों को ही काटकर मवेशियों के लिए चारा बना रहे हैं।
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टीम बनाकर कटान क्षेत्र का सर्वे कराया जा रहा है। संबंधित विभाग से समन्वय स्थापित कर कटान का स्थाई समाधान कराया जाएगा।
रवि प्रताप सिंह, एसडीएम जमुनहा

जमुनहा क्षेत्र में हसनापुर गांव के पास खेत का कटान करती राप्ती नदी।-

जमुनहा क्षेत्र में हसनापुर गांव के पास खेत का कटान करती राप्ती नदी।-

जमुनहा क्षेत्र में हसनापुर गांव के पास खेत का कटान करती राप्ती नदी।-
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