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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shravasti News ›   Shravasti Ground Report regarding Rapti bridge and tourism development also Buddha Taposthali and education

Shravasti Ground Report: बुद्ध की तपोस्थली से राप्ती पुल तक का सफर, श्रावस्ती में क्या बदला? देखें जनता की राय

Fri, 05 Jun 2026 08:57 PM IST
Rahul Kumar Tiwari अमर उजाला नेटवर्क, श्रावस्ती
अमर उजाला नेटवर्क, श्रावस्ती Published by: Rahul Kumar Tiwari Updated Fri, 05 Jun 2026 08:57 PM IST
सार

Shravasti Ground Report: यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच अमर उजाला की टीम श्रावस्ती पहुंची और जिले में हुए विकास कार्यों की जमीनी पड़ताल की। टीम ने स्थानीय निवासियों और अन्य लोगों से बातचीत कर यह जानने की कोशिश की कि बीते वर्षों में श्रावस्ती की तस्वीर कितनी बदली है और इन बदलावों का आम लोगों के जीवन पर क्या असर पड़ा है। 

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Shravasti Ground Report regarding Rapti bridge and tourism development also Buddha Taposthali and education
Shravasti Ground Report - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Shravasti Ground Report: यूपी में सरकारी योजनाओं का असर जमीनी स्तर पर कितना दिखाई दे रहा है, इसे समझने के लिए अमर उजाला की टीम श्रावस्ती पहुंची। टीम ने स्थानीय निवासियों, व्यापारियों, पर्यटकों और शिक्षकों से बातचीत कर यह जानने की कोशिश की कि बीते वर्षों में श्रावस्ती की तस्वीर कितनी बदली है। राप्ती नदी पर बने पुल से आवागमन में आई सुविधा, भगवान बुद्ध की तपोस्थली के रूप में बढ़ी पहचान और सरकारी स्कूलों में सुधरी शिक्षा व्यवस्था को लेकर लोगों ने अपने अनुभव साझा किए। इस ग्राउंड रिपोर्ट में विकास, पर्यटन और शिक्षा के क्षेत्र में श्रावस्ती में आए बदलावों की हकीकत सामने आई।

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राप्ती नदी पर बना राहत का पुल
श्रावस्ती जिले में हुए विकास कार्यों में राप्ती नदी पर बना पुल लोगों के लिए बड़ी राहत साबित हुआ है। इसको लेकर स्थानीय लोगों से बातचीत की गई। स्थानीय निवासी चिनकूराम विश्वकर्मा ने बताया कि पुल बनने से लोगों को काफी सुविधा हुई है। पहले नदी पार करने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ता था। स्थानीय निवासी राजबली ने बताया कि बाढ़ के समय लोग नदी के दोनों किनारों पर फंस जाते थे और दूसरे छोर तक पहुंचना बेहद मुश्किल हो जाता था। अब पुल बनने के बाद लोग मात्र दस मिनट में नदी पार कर लेते हैं।
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बुद्ध की तपोस्थली को नई पहचान
श्रावस्ती भगवान बुद्ध की तपोस्थली के रूप में विश्वभर में प्रसिद्ध है। इस विषय पर भी स्थानीय लोगों और पर्यटकों से बातचीत कर जमीनी स्थिति को समझने का प्रयास किया गया। स्थानीय निवासी प्रवीण कुमार बौद्ध ने बताया कि यहां देश और विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने श्रावस्ती के विकास पर विशेष ध्यान दिया है, जिससे कई महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं।
बौद्ध भिक्षु भौरानन्द ने बताया कि यहां थाईलैंड, तिब्बत, जापान, नेपाल समेत कई देशों से पर्यटक पहुंचते हैं। पहले की तुलना में अब पर्यटकों की संख्या काफी बढ़ी है। पर्यटक मुकेश ने बताया कि पार्क, सड़क और अन्य सुविधाओं में काफी सुधार हुआ है, जिससे आने वाले लोगों को सुविधा मिल रही है। सीमा बौद्ध ने कहा कि श्रावस्ती में विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ी है और पर्यटन को भी नया प्रोत्साहन मिला है।
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सरकारी स्कूलों की बदलती तस्वीर
अमर उजाला की टीम श्रावस्ती जिले के पीएम श्री उच्च प्राथमिक विद्यालय कटरा गुलरिया पहुंची और वहां की शिक्षा व्यवस्था को समझने का प्रयास किया। विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक नीलमणि शुक्ला ने बताया कि स्कूल में छात्रों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां प्रयोगशाला, आधुनिक शिक्षण कक्ष, खेलकूद की सुविधाएं तथा चार स्मार्ट क्लास संचालित हैं।



अभिभावक छैल बिहारी ने बताया कि उनके दो बच्चे इस विद्यालय से पढ़कर आगे बढ़ चुके हैं और वर्तमान में भी परिवार के बच्चे यहां शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले की तुलना में स्कूल में काफी सुधार हुआ है। अभिभावक रेखा ने बताया कि अब बच्चों की पढ़ाई बेहतर तरीके से हो रही है। वहीं ग्रामीण सिद्दिनाथ जायसवाल ने कहा कि पहले विद्यालय की स्थिति काफी खराब थी, लेकिन अब बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है और बच्चों की पढ़ाई अच्छी तरह चल रही है।

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