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Shravasti News: राप्ती की लहरों में समा रहे खेत

Fri, 04 Sep 2026 12:11 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती Updated Fri, 04 Sep 2026 12:11 AM IST
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Fields being swallowed by the waves of the Rapti.
 वीरपुर के पास कटान करती राप्ती नदी
तुलसीपुर। जमुनहा तहसील क्षेत्र में राप्ती नदी का जलस्तर घटने के साथ ही कटान तेज हो गया है। नदी के किनारों पर बसे गांवों में फसल लगे खेत इसकी चपेट में आ रहे हैं। इससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
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बीते कुछ दिनों में राप्ती ने 15 से अधिक किसानों के 30 बीघा से अधिक खेत निगल लिए हैं। तराई क्षेत्र में बीते 10 दिनों से रुक-रुक कर हुई बारिश से राप्ती का जलस्तर बढ़ा था। हालांकि, जलस्तर खतरे के निशान 127.70 मीटर से नीचे 127 से 127.10 मीटर के बीच बना हुआ है। जलस्तर घटने के बाद नदी की लहरें और क्रूर हो गई हैं, जो खेतों को तेजी से काट रही हैं। वीरपुर निवासी किसान दयाराम ने बताया कि उनका दो बीघा खेत नदी में समा गया है। बाबूलाल, आशाराम, रामफकीरे, देवा महराज, बाबादीन, अमेरिका यादव, ओमकार चौहान, गिरवर प्रसाद, सुंदर लाल, ननकू, सहजराम पाठक और दयाराम जैसे कई किसानों के खेत नदी के मुहाने पर हैं। ये खेत धीरे-धीरे नदी की धारा में समाहित हो रहे हैं।
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मुख्य धारा में जमी रेत बनी मुसीबत
ग्रामीणों के अनुसार, राप्ती की मुख्य धारा में रेत जमा हो गई है। बीते कुछ सालों में नदी के बीच में रेत जमने से गहराई कम हुई है। इसके कारण नदी की धारा दोनों किनारों की ओर तेजी से बह रही है। यही तेज बहाव किनारों पर कटान का मुख्य कारण बन रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि जिम्मेदार अधिकारी मुख्य समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। वे किनारों पर रेत की बोरियां व बांस डालकर औपचारिकता पूरी कर रहे हैं। इस अस्थायी समाधान से किसानों को अपनी फसल और खेत गंवाने पड़ रहे हैं। ग्रामीणों ने स्थायी समाधान की मांग की है।
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अगर कटान हो रही है तो राजस्व टीम भेज कर मुआयना करवाया जाएगा। कटान पीड़ितों को सहायता देने के साथ ही कटान रोधी कार्य करवाया जाएगा। स्वयं भी स्थलीय निरीक्षण कर कटान संबंधी जानकारी लेंगे।
रवि प्रताप सिंह, एसडीएम
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