{"_id":"6aa442438d0ada1b070ef0ce","slug":"noc-stalls-the-path-to-the-rejuvenation-of-baninath-temple-shravasti-news-c-104-1-slko1011-123000-2026-09-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shravasti News: एनओसी ने रोकी बनीनाथ मंदिर के कायाकल्प की राह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shravasti News: एनओसी ने रोकी बनीनाथ मंदिर के कायाकल्प की राह
Fri, 11 Sep 2026 11:32 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Fri, 11 Sep 2026 11:32 PM IST
विज्ञापन
भोला भारती,मनोज दूबे,मुनीजर शुक्ला।
वीरपुर। श्रावस्ती स्थित पांडवकालीन बनीनाथ शिव मंदिर लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां श्रावस्ती के अलावा गोंडा, बलरामपुर और बहराइच से प्रतिदिन श्रद्धालु दर्शन-पूजन और जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की मांग पर श्रावस्ती विधायक रामफेरन पांडेय के प्रयास से शासन ने मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए 60 लाख रुपये स्वीकृत किए थे। हालांकि पुरातत्व विभाग से एनओसी नहीं मिलने के कारण काम शुरू नहीं हो सका और योजना अधर में लटक गई।
मान्यता है कि अज्ञातवास के दौरान पांडवों ने इस मंदिर का निर्माण कराया था और यहां रहकर भगवान शिव की पूजा की थी। इसी धार्मिक मान्यता के चलते मंदिर का विशेष महत्व है। श्रद्धालुओं का कहना है कि जीर्णोद्धार होने से मंदिर में सुविधाएं बढ़ेंगी और क्षेत्र में पर्यटन व रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। वहीं, एनओसी न मिलने से स्थानीय श्रद्धालुओं में नाराजगी है। मंदिर पुजारी भोला बिहारी ने भी जीर्णोद्धार जल्द शुरू कराने की मांग की है।
श्रद्धालुओं सहित भाजपा पदाधिकारियों में नाराजगी
मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य रुकने से श्रद्धालुओं के साथ-साथ भाजपा पदाधिकारियों में भी नाराजगी है। मंदिर पुजारी भोला बिहारी ने बताया कि मंदिर में जलाभिषेक के लिए भीड़ लगती है। ऐसे में अगर जीर्णोद्धार हो जाता तो श्रद्धालुओं की सुविधा में बढ़ोतरी होती और श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती। इससे रोजगार सृजन भी होता। जोगियाकला निवासी श्रद्धालु मुनीजर शुक्ला ने बताया कि पुरातत्व विभाग की कार्यशैली धर्म विरोधी है। जीर्णोद्धार कार्य से मंदिर के साथ-साथ क्षेत्र का विकास होता। भाजपा मंडल अध्यक्ष श्रावस्ती मनोज कुमार दुबे ने बताया कि विधायक के अथक प्रयास से रुपये जारी हुए थे, लेकिन पुरातत्व विभाग ने कार्य नहीं होने दिया, जो आस्था के लिए ठीक नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मान्यता है कि अज्ञातवास के दौरान पांडवों ने इस मंदिर का निर्माण कराया था और यहां रहकर भगवान शिव की पूजा की थी। इसी धार्मिक मान्यता के चलते मंदिर का विशेष महत्व है। श्रद्धालुओं का कहना है कि जीर्णोद्धार होने से मंदिर में सुविधाएं बढ़ेंगी और क्षेत्र में पर्यटन व रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। वहीं, एनओसी न मिलने से स्थानीय श्रद्धालुओं में नाराजगी है। मंदिर पुजारी भोला बिहारी ने भी जीर्णोद्धार जल्द शुरू कराने की मांग की है।
विज्ञापन
श्रद्धालुओं सहित भाजपा पदाधिकारियों में नाराजगी
मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य रुकने से श्रद्धालुओं के साथ-साथ भाजपा पदाधिकारियों में भी नाराजगी है। मंदिर पुजारी भोला बिहारी ने बताया कि मंदिर में जलाभिषेक के लिए भीड़ लगती है। ऐसे में अगर जीर्णोद्धार हो जाता तो श्रद्धालुओं की सुविधा में बढ़ोतरी होती और श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती। इससे रोजगार सृजन भी होता। जोगियाकला निवासी श्रद्धालु मुनीजर शुक्ला ने बताया कि पुरातत्व विभाग की कार्यशैली धर्म विरोधी है। जीर्णोद्धार कार्य से मंदिर के साथ-साथ क्षेत्र का विकास होता। भाजपा मंडल अध्यक्ष श्रावस्ती मनोज कुमार दुबे ने बताया कि विधायक के अथक प्रयास से रुपये जारी हुए थे, लेकिन पुरातत्व विभाग ने कार्य नहीं होने दिया, जो आस्था के लिए ठीक नहीं है।

भोला भारती,मनोज दूबे,मुनीजर शुक्ला।

भोला भारती,मनोज दूबे,मुनीजर शुक्ला।
विज्ञापन