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UP: कबाड़ी बना नकली नोटों का सौदागर, ताबीज बनाने से हुआ नाम... बन गया मदरसा संचालक; देने लगा सेक्सवर्धक दवाएं
Fri, 03 Jan 2025 10:27 PM IST
भूपेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, श्रावस्ती
अमर उजाला नेटवर्क, श्रावस्ती
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Fri, 03 Jan 2025 10:27 PM IST
सार
श्रावस्ती में चोरी का सामान खरीदने वाला एक कबाड़ी देखते ही देखते नकली नोटों का सौदागर बन गया। ताबीज बनाने में नाम हुआ तो मदरसा संचालक बन बैठा।
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नूरी बाबा गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
विस्तार
यूपी के श्रावस्ती में राप्ती नदी की कछार में बसे लक्ष्मनपुर गंगापुर से निकला युवक पहले कबाड़ी फिर मौलाना बाद में मदरसा संचालक बन गया। इस दौरान जहां उसने खूब दौलत व सोहरत कमाया। वहीं खुद को अपने धंधे को भी दागदार करने में पीछे नहीं रहा। इतना ही नहीं दीनी तालीम की आड़ में न सिर्फ अय्याशी किया। बल्कि पकड़े जाने पर निकाह कर दाग धोने का प्रयास भी किया।
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मल्हीपुर थाना क्षेत्र का लक्ष्मनपुर गंगापुर गांव व गांव में मौजूद आवासीय मदरसा दारुल उलूम फैजुर्रनबी आज देश व प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसे सुर्खियों में लाने वाला असगर अली का तीसरा बेटा मुबारक अली उर्फ नूरी बाबा की कहानी भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है।
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कबाड़ के कारोबार से मोह भंग हो गया
जानकारों की मानें तो नूरी बाबा ने पिता की मौत के बाद जीविकोपार्जन के लिए पहले गांव गांव जाकर कबाड़ खरीदने का काम किया। बाद में उसने मल्हीपुर के वीरगंज बाजार में कबाड़ की दुकान खोला। जहां चोरी से बिजली के लोहे का पोल काट कर लाते समय पकड़ा गया। इसके बाद कबाड़ के कारोबार से इसका मोह भंग हो गया।
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