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नव निर्मित वन स्टॉप सेंटर का डीएम व एसपी ने किया लोकापर्ण
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नव निर्मित वन स्टॉप सेंटर में दीप प्रज्जवलित करते डीएम।
- फोटो : SRAWASTI
श्रावस्ती। महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा कलेक्ट्रेट कैम्पस के पीछे वन स्टाप सेंटर का निर्माण कराय गया है। नवनिर्मित वन स्टाप सेंटर ‘आप की सखी’ का डीएम व एसपी ने दीप प्रज्जवलित एवं फीता काटकर लोकार्पण किया।
इस दौरान जिलाधिकारी टीके शिबु ने बताया कि अभी तक जिले में वन स्टाफ सेंटर न होने के कारण निराश्रित, उत्पीड़ित बालिकाओ, महिलाओं को रोकने के लिए बहुत दिक्कत होती थी। उन्हें मंडल मुख्यालय गोंडा स्थित वन स्टॉप सेंटर भेजना पड़ता था। अब जिले में वन स्टॉप सेंटर का निर्माण हो जाने से निराश्रित, उत्पीड़ित बालिकाओं व महिलाओं को इसका लाभ मिल सकेगा। अब उन्हें एक ही छत के नीचे उन्हें सभी सुविधाएं मिलेंगी। वन स्टॉप सेंटर (आशा ज्योति केंद्र) का मुख्य उद्देश्य निजी और सार्वजनिक स्थानों पर परिवार, समुदाय के भीतर या बाहर, कार्यस्थल पर हिंसा से प्रभावित महिला को सहयोग प्रदान किया जाना है। उन्हें न्याय और पुनर्वास के लिए मदद की जाएगी। सभी प्रकार की हिंसा से पीड़ित महिलाओं व बालिकाओं को एक ही स्थान पर अस्थायी आश्रय, पुलिस-डेस्क, विधि सहायता, चिकित्सा एवं काउंसलिंग की सुविधा इस सेंटर में उपलब्ध कराई जाएगी।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि वन स्टॉप सेंटर का मुख्य उद्देश्य निजी और सार्वजनिक स्थानों पर, परिवार, समुदाय के भीतर और कार्यस्थल पर हिंसा से प्रभावित हुई महिलाओं का समर्थन करना है। हिंसा से पीड़ित महिलाएं, जिसमें 18 वर्ष से कम आयु की बालिकायें भी सम्मिलित हैं को भी सहायता प्रदान किया जाएगा। इस मौके पर सीडीओ ईशान प्रताप सिंह, एडीएम योगानन्द पाण्डेय, एसडीएम आरपी चौधरी, जिला प्रोबेशन अधिकारी मोहन त्रिपाठी, जिला समाज कल्याण अधिकारी राकेश रमन, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत श्रीकांत दुबे, दिव्यांग जन सशक्तिीकरण अधिकारी चमन सिंह, महिला कल्याण अधिकारी सरिता मिश्रा सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।
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इस दौरान जिलाधिकारी टीके शिबु ने बताया कि अभी तक जिले में वन स्टाफ सेंटर न होने के कारण निराश्रित, उत्पीड़ित बालिकाओ, महिलाओं को रोकने के लिए बहुत दिक्कत होती थी। उन्हें मंडल मुख्यालय गोंडा स्थित वन स्टॉप सेंटर भेजना पड़ता था। अब जिले में वन स्टॉप सेंटर का निर्माण हो जाने से निराश्रित, उत्पीड़ित बालिकाओं व महिलाओं को इसका लाभ मिल सकेगा। अब उन्हें एक ही छत के नीचे उन्हें सभी सुविधाएं मिलेंगी। वन स्टॉप सेंटर (आशा ज्योति केंद्र) का मुख्य उद्देश्य निजी और सार्वजनिक स्थानों पर परिवार, समुदाय के भीतर या बाहर, कार्यस्थल पर हिंसा से प्रभावित महिला को सहयोग प्रदान किया जाना है। उन्हें न्याय और पुनर्वास के लिए मदद की जाएगी। सभी प्रकार की हिंसा से पीड़ित महिलाओं व बालिकाओं को एक ही स्थान पर अस्थायी आश्रय, पुलिस-डेस्क, विधि सहायता, चिकित्सा एवं काउंसलिंग की सुविधा इस सेंटर में उपलब्ध कराई जाएगी।
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पुलिस अधीक्षक ने बताया कि वन स्टॉप सेंटर का मुख्य उद्देश्य निजी और सार्वजनिक स्थानों पर, परिवार, समुदाय के भीतर और कार्यस्थल पर हिंसा से प्रभावित हुई महिलाओं का समर्थन करना है। हिंसा से पीड़ित महिलाएं, जिसमें 18 वर्ष से कम आयु की बालिकायें भी सम्मिलित हैं को भी सहायता प्रदान किया जाएगा। इस मौके पर सीडीओ ईशान प्रताप सिंह, एडीएम योगानन्द पाण्डेय, एसडीएम आरपी चौधरी, जिला प्रोबेशन अधिकारी मोहन त्रिपाठी, जिला समाज कल्याण अधिकारी राकेश रमन, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत श्रीकांत दुबे, दिव्यांग जन सशक्तिीकरण अधिकारी चमन सिंह, महिला कल्याण अधिकारी सरिता मिश्रा सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।
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