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Shravasti News: धूप निकलने के बावजूद ठंड से बेहाल रहे लोग
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कड़ाके की ठंड में गर्म कपड़े पहनकर जाते लोग।
- फोटो : BAHRAICH
श्रावस्ती। तराई में ठंड का प्रकोप जारी है। शुक्रवार सुबह करीब दस बजे के बाद कोहरे की चादर चीरकर निकले सूरज ने लोगों को मामूली राहत दिलाई। इस बीच लगातार चल रही बर्फीली हवा के कारण ठिठुरन बरकरार रही। वहीं प्रशासन की ओर से गरीबों को ठंड से बचाने के इंतजाम नकाफी हैं।
जिले में मौसम का मिजाज शुक्रवार को भी ठंडा बना रहा। सुबह करीब 10:00 बजे तक छाए घने कोहरे के कारण वाहनों की रफ्तार धीमी रही। इस कारण वाहनों के आवागमन पर इसका असर दिखाई दिया। करीब 10:00 बजे के बाद कोहरे की चादर चीर कर निकले सूरज ने लोगों को कंपकंपाती ठंड से मामूली राहत दिलाई। जिसे देख लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। लेकिन करीब तीन किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही पश्चिमोत्तर बर्फीली हवा के कारण ठिठुरन बरकरार रही।
डीएम के निर्देश के बाद भी न तो जिले में स्थापित रैन बसेरो में कंबल, रजाई गद्दा व अलाव का इंतजाम किया गया, और न ही अतिक्रमण की चपेट में आए रैन बसेरों को खाली कराया गया। ऐसे में लाखों रुपये की लागत से भिनगा व इकौना नगर सहित जिले के अन्य क्षेत्रों में बनाए गए यात्री शेड व रैन बसेरे गरीबों के लिए निष्प्रयोज्य साबित हो रहे हैं। वहीं भिनगा व इकौना नगर सहित जिले के प्रमुख कस्बों, बाजारों व चौक चौराहों पर अलाव की समुचित व्यवस्था न होने के कारण लोगों को ठंड से कंपकंपाते देखा जा रहा है।
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मौसम से बेपरवाह किसान कर रहे खेत की रखवाली
जिले में गेहूं की फसल की बोआई का काम लगभग पूरा हो चुका है। ज्यादातर किसान खेतों में पानी लगा रहे हैं। जबकि तमाम किसान खेत की सिंचाई कर चुके हैं। वहीं फसल को छुट्टा मवेशियों से बचाने के लिए किसान पूरी रात खेत की रखवाली कर रहे हैं।
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जिले में मौसम का मिजाज शुक्रवार को भी ठंडा बना रहा। सुबह करीब 10:00 बजे तक छाए घने कोहरे के कारण वाहनों की रफ्तार धीमी रही। इस कारण वाहनों के आवागमन पर इसका असर दिखाई दिया। करीब 10:00 बजे के बाद कोहरे की चादर चीर कर निकले सूरज ने लोगों को कंपकंपाती ठंड से मामूली राहत दिलाई। जिसे देख लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। लेकिन करीब तीन किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही पश्चिमोत्तर बर्फीली हवा के कारण ठिठुरन बरकरार रही।
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डीएम के निर्देश के बाद भी न तो जिले में स्थापित रैन बसेरो में कंबल, रजाई गद्दा व अलाव का इंतजाम किया गया, और न ही अतिक्रमण की चपेट में आए रैन बसेरों को खाली कराया गया। ऐसे में लाखों रुपये की लागत से भिनगा व इकौना नगर सहित जिले के अन्य क्षेत्रों में बनाए गए यात्री शेड व रैन बसेरे गरीबों के लिए निष्प्रयोज्य साबित हो रहे हैं। वहीं भिनगा व इकौना नगर सहित जिले के प्रमुख कस्बों, बाजारों व चौक चौराहों पर अलाव की समुचित व्यवस्था न होने के कारण लोगों को ठंड से कंपकंपाते देखा जा रहा है।
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मौसम से बेपरवाह किसान कर रहे खेत की रखवाली
जिले में गेहूं की फसल की बोआई का काम लगभग पूरा हो चुका है। ज्यादातर किसान खेतों में पानी लगा रहे हैं। जबकि तमाम किसान खेत की सिंचाई कर चुके हैं। वहीं फसल को छुट्टा मवेशियों से बचाने के लिए किसान पूरी रात खेत की रखवाली कर रहे हैं।