कटरा (श्रावस्ती)। म्यांमार बुद्ध विहार में चल रहे चौथे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे दिन रविवार को वक्ताओं ने महिला सशक्तिकरण व बौद्ध धर्म पर विचार रखे।
सुभारती विश्वविद्यालय में बौद्ध अध्ययन संकाय के विभागाध्यक्ष भदंत चंद्रकीर्ति ने कहा कि बौद्ध धर्म करुणा, मैत्री व भाईचारे पर आधारित है। इसमें जीवन की शुद्धता और सुखी जीवन जीने का ज्ञान है। इसमें विशेष रूप से आचरण की शुद्धता पर बल दिया जाता है। हंस दो इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय बौद्ध ने महिलाओं के उत्थान व समाज के कल्याण की बात कही। साथ ही संविधान के पथ पर चलने को कहा।
उच्च न्यायालय की अधिवक्ता मोनिका सिंह ने महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी देते हुए संविधान के पथ पर चलने की बात कही। उन्होंने कहा की महिलाओं को अपने लिए खुद ही खड़ा होना पड़ेगा। इस दौरान डॉ. नीलिमा बागडे, मुकुट सिंह बौद्ध, प्रवीण कुमार, अनीता यादव, सुरेंद्र कुमार बौद्ध, उषा बौद्ध, मंजू बौद्ध, डॉ. मंजू, निशा मिश्रा, पनासामी, गुणसेट्ठा आदि ने भी विचार रखे।