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बोर्ड परीक्षा पर भारी पड़ी अव्यवस्था, गायब रहे कक्ष निरीक्षक
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बोर्ड परीक्षा पर भारी पड़ी अव्यवस्था, गायब रहे कक्ष निरीक्षक
-- पहली पाली की परीक्षा में केंद्रों तक नहीं पहुंचे 50 फीसदी कक्ष निरीक्षक
-- पहले दिन स्थिति संभालने को लगानी पड़ी शिक्षकों की आफ लाइन ड्यूटी
फोटो - 04,05, 06,07,08,09,10
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रावस्ती। जिले में बोर्ड परीक्षाओं की शुरूआत अव्यवस्थाओं के बीच हुई। अधूरी तैयारियों के चलते पहली पाली में करीब पचास फीसदी कक्ष निरीक्षक ड्यूटी से गैर हाजिर मिले। इससे मची अफरा तफरी के बीच बमुश्किल पहली पाली की परीक्षा संपन्न हो पायी। हालांकि दूसरी पाली की परीक्षा में कुछ सबक लेते हुए प्रशासन ने बिना ड्यूटी के ही कक्ष निरीक्षकों की ऑफ लाइन ड्यूटी लगाकर स्थिति को कुछ हद तक संभाला। इस दौरान जिले के दो परीक्षा केंद्रों में परीक्षा संचालन की स्थिति पूरी तरह पटरी से उतरी दिखी।
बोर्ड परीक्षा में पहली बार कक्ष निरीक्षकों की आनलाइन ड्यूटी लगाने की व्यवस्था की गयी थी। कक्ष निरीक्षकों की तैनाती कहां होगी इसका निर्धारण भी रेंडमाइजेशन के तहत किया गया था। अंतिम रेंडमाइजेशन बुधवार देर शाम को हुआ। इसका नतीजा यह रहा कि जिन कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी बदली उसकी सूचना उन तक पहुंचाई ही नहीं जा सकी। इसके चलते गुरुवार सुबह पहली पाली की परीक्षा की शुरूआत में कक्ष निरीक्षकों के ड्यूटी पर न पहुंचने से पूरे समय अफरा तफरी की स्थिति बनी रही। ड्यूटी में लगे परिषदीय विद्यालय के लगभग पचास फीसदी शिक्षक निर्धारित परीक्षा केंद्रों तक पहुंचे ही नहीं। स्थिति को संभालने के लिए खंड शिक्षाधिकारियों को मौखिक निर्देश दिया कि वह बिना ड्यूटी के ही शिक्षकों को कक्ष निरीक्षण कार्य के लिए भेजे। इनकी आनलाइन ड्यूटी बाद मे लगायी जाएगी।
पहली दिन परीक्षा से गायब रहे 1399 परीक्षार्थी
बोर्ड परीक्षाओं की शुरूआत के पहले दिन हाईस्कूल हिंदी व प्राथमिक हिंदी की परीक्षा आयोजित हुई। हाईस्कूल हिंदी की परीक्षा देने के लिए जिले के 10101 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इसमें 8702 छात्र ही परीक्षा देने को उपस्थित हुए जबकि 1399 परीक्षार्थियों ने अनुपस्थित रहकर परीक्षा में हिस्सेदारी नहीं की। इस दौरान प्रारंभिक हिंदी में नौ छात्र पंजीकृत थे, इनमें से एक भी परीक्षार्थी परीक्षा देने नहीं आया। इंटरमीडिएट सैन्य विज्ञान मे 21 में 17 पंजीकृत छात्रों ने ही परीक्षा दी।
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पेपर देख कर काफूर हुआ डर
अलक्षेंद्र इंटर कालेज से पहली पाली में बोर्ड परीक्षा दे कर बाहर निकली तलहा ने बताया कि परीक्षा से पहले सभी डरा रहे थे लेकिन परीक्षा केंद्र में पेपर देखने के बाद सारा डर काफूर हो गया। साजिद बताते हैं कि प्रश्रपत्र में सामान्य प्रश्र ही पूछे गए थे। बोर्ड परीक्षा हमें गृह परीक्षा जैसी ही लगी। बाहर जरूर तलाशी देनी पड़ी लेकिन अंदर हमने पूरी तरह सामान्य होकर परीक्षा दी। चांदनी सिंह बताती हैं कि हमे तो सामान्य परीक्षा की भांति ही लगी बोर्ड की परीक्षा।
सचल दस्ते ने किया कई केंद्रों का निरीक्षण
बोर्ड परीक्षा के पहले दिन जिले में बनाए गए सभी पांच सचल दस्ते सक्रिय दिखे। जिला विद्यालय निरीक्षक संत प्रकाश सहित अन्य अधिकारियों के सचल दस्तों ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर पहुंच परीक्षा का जायजा लिया।
पहले ही भेजी जा चुकी थी परीक्षा सामग्री
जिला प्रशासन की ओर से परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों को कोई असुविधा न हो इसके लिए सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में प्रश्रपत्र व उत्तर पुस्तिकाएं स्थानीय पुलिस की सुरक्षा में समय से भेजी जा चुकी थी। जिससे परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाया जा सके।
बोर्ड परीक्षा में पहले दिन ड्यूटी को लेकर कुछ अव्यवस्था रही। अंतिम समय पर हुए ड्यूटी के रेंडमाइजेशन की सूचना प्राथमिक के शिक्षकों तक समय से न पहुंच पाने के कारण ही यह स्थिति बनी। इसमें सुधार लाने के लिए सभी केंद्रों पर अब शिक्षकों की ऑफ लाइन ड्यूटी लगाई गई है। ऑन लाइन ड्यूटी की व्यवस्था को अगली परीक्षा तक दुरुस्त बना लिया जाएगा। संत प्रकाश जिला विद्यालय निरीक्षक
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-- पहली पाली की परीक्षा में केंद्रों तक नहीं पहुंचे 50 फीसदी कक्ष निरीक्षक
-- पहले दिन स्थिति संभालने को लगानी पड़ी शिक्षकों की आफ लाइन ड्यूटी
फोटो - 04,05, 06,07,08,09,10
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रावस्ती। जिले में बोर्ड परीक्षाओं की शुरूआत अव्यवस्थाओं के बीच हुई। अधूरी तैयारियों के चलते पहली पाली में करीब पचास फीसदी कक्ष निरीक्षक ड्यूटी से गैर हाजिर मिले। इससे मची अफरा तफरी के बीच बमुश्किल पहली पाली की परीक्षा संपन्न हो पायी। हालांकि दूसरी पाली की परीक्षा में कुछ सबक लेते हुए प्रशासन ने बिना ड्यूटी के ही कक्ष निरीक्षकों की ऑफ लाइन ड्यूटी लगाकर स्थिति को कुछ हद तक संभाला। इस दौरान जिले के दो परीक्षा केंद्रों में परीक्षा संचालन की स्थिति पूरी तरह पटरी से उतरी दिखी।
बोर्ड परीक्षा में पहली बार कक्ष निरीक्षकों की आनलाइन ड्यूटी लगाने की व्यवस्था की गयी थी। कक्ष निरीक्षकों की तैनाती कहां होगी इसका निर्धारण भी रेंडमाइजेशन के तहत किया गया था। अंतिम रेंडमाइजेशन बुधवार देर शाम को हुआ। इसका नतीजा यह रहा कि जिन कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी बदली उसकी सूचना उन तक पहुंचाई ही नहीं जा सकी। इसके चलते गुरुवार सुबह पहली पाली की परीक्षा की शुरूआत में कक्ष निरीक्षकों के ड्यूटी पर न पहुंचने से पूरे समय अफरा तफरी की स्थिति बनी रही। ड्यूटी में लगे परिषदीय विद्यालय के लगभग पचास फीसदी शिक्षक निर्धारित परीक्षा केंद्रों तक पहुंचे ही नहीं। स्थिति को संभालने के लिए खंड शिक्षाधिकारियों को मौखिक निर्देश दिया कि वह बिना ड्यूटी के ही शिक्षकों को कक्ष निरीक्षण कार्य के लिए भेजे। इनकी आनलाइन ड्यूटी बाद मे लगायी जाएगी।
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पहली दिन परीक्षा से गायब रहे 1399 परीक्षार्थी
बोर्ड परीक्षाओं की शुरूआत के पहले दिन हाईस्कूल हिंदी व प्राथमिक हिंदी की परीक्षा आयोजित हुई। हाईस्कूल हिंदी की परीक्षा देने के लिए जिले के 10101 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इसमें 8702 छात्र ही परीक्षा देने को उपस्थित हुए जबकि 1399 परीक्षार्थियों ने अनुपस्थित रहकर परीक्षा में हिस्सेदारी नहीं की। इस दौरान प्रारंभिक हिंदी में नौ छात्र पंजीकृत थे, इनमें से एक भी परीक्षार्थी परीक्षा देने नहीं आया। इंटरमीडिएट सैन्य विज्ञान मे 21 में 17 पंजीकृत छात्रों ने ही परीक्षा दी।
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पेपर देख कर काफूर हुआ डर
अलक्षेंद्र इंटर कालेज से पहली पाली में बोर्ड परीक्षा दे कर बाहर निकली तलहा ने बताया कि परीक्षा से पहले सभी डरा रहे थे लेकिन परीक्षा केंद्र में पेपर देखने के बाद सारा डर काफूर हो गया। साजिद बताते हैं कि प्रश्रपत्र में सामान्य प्रश्र ही पूछे गए थे। बोर्ड परीक्षा हमें गृह परीक्षा जैसी ही लगी। बाहर जरूर तलाशी देनी पड़ी लेकिन अंदर हमने पूरी तरह सामान्य होकर परीक्षा दी। चांदनी सिंह बताती हैं कि हमे तो सामान्य परीक्षा की भांति ही लगी बोर्ड की परीक्षा।
सचल दस्ते ने किया कई केंद्रों का निरीक्षण
बोर्ड परीक्षा के पहले दिन जिले में बनाए गए सभी पांच सचल दस्ते सक्रिय दिखे। जिला विद्यालय निरीक्षक संत प्रकाश सहित अन्य अधिकारियों के सचल दस्तों ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर पहुंच परीक्षा का जायजा लिया।
पहले ही भेजी जा चुकी थी परीक्षा सामग्री
जिला प्रशासन की ओर से परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों को कोई असुविधा न हो इसके लिए सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में प्रश्रपत्र व उत्तर पुस्तिकाएं स्थानीय पुलिस की सुरक्षा में समय से भेजी जा चुकी थी। जिससे परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाया जा सके।
बोर्ड परीक्षा में पहले दिन ड्यूटी को लेकर कुछ अव्यवस्था रही। अंतिम समय पर हुए ड्यूटी के रेंडमाइजेशन की सूचना प्राथमिक के शिक्षकों तक समय से न पहुंच पाने के कारण ही यह स्थिति बनी। इसमें सुधार लाने के लिए सभी केंद्रों पर अब शिक्षकों की ऑफ लाइन ड्यूटी लगाई गई है। ऑन लाइन ड्यूटी की व्यवस्था को अगली परीक्षा तक दुरुस्त बना लिया जाएगा। संत प्रकाश जिला विद्यालय निरीक्षक