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इलाज न होने पर दस से पंद्रह लोगों को संक्रमित करता है क्षय रोगी
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श्रावस्ती। कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को टीबी फोरम की बैठक हुई जिसकी अध्यक्षता करते हुए डीएम ने जिले को टीबी मुक्त बनाने में आम जन से सहयोग की अपील की। साथ ही मौजूद अधिकारियों को इसके प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हर संभव प्रयास करने का निर्देश भी दिया।
बैठक में जिलाधिकारी नेहा प्रकाश ने कहा कि लोग अपने आसपास के ऐसे लोग जिनमें क्षय रोग के लक्षण दिखाई देते हैं उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच के लिए भेजें। क्षय रोग के लक्षण के आधार पर हम उनकी पहचान आसानी से कर सकते हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एपी भार्गव ने कहा कि एक क्षय रोगी यदि शीघ्र उपचार नहीं कराता तो एक वर्ष में 10 से 15 नए लोगो को संक्रमित कर देता है। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. संत कुमार ने कहा कि सभी टीबी मरीजों को पांच सौ रुपये प्रतिमाह दिए जाते हैं। मरीजों का उपचार सहायक की देखरेख में किया जाता है। निजी चिकित्सक डॉ. अनूप सिंह ने कहा कि सभी ऐसे निजी चिकित्सक जो टीबी के मरीजों का उपचार करते हैं उन्हें विभाग में पंजीकरण अनिवार्य रूप से कराना चाहिए। बैठक में एसीएमओ डॉ. मुकेश मातनहेलिया व रवि मिश्रा सहित फोरम के सदस्य व कर्मचारी मौजूद रहे।
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बैठक में जिलाधिकारी नेहा प्रकाश ने कहा कि लोग अपने आसपास के ऐसे लोग जिनमें क्षय रोग के लक्षण दिखाई देते हैं उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच के लिए भेजें। क्षय रोग के लक्षण के आधार पर हम उनकी पहचान आसानी से कर सकते हैं।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एपी भार्गव ने कहा कि एक क्षय रोगी यदि शीघ्र उपचार नहीं कराता तो एक वर्ष में 10 से 15 नए लोगो को संक्रमित कर देता है। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. संत कुमार ने कहा कि सभी टीबी मरीजों को पांच सौ रुपये प्रतिमाह दिए जाते हैं। मरीजों का उपचार सहायक की देखरेख में किया जाता है। निजी चिकित्सक डॉ. अनूप सिंह ने कहा कि सभी ऐसे निजी चिकित्सक जो टीबी के मरीजों का उपचार करते हैं उन्हें विभाग में पंजीकरण अनिवार्य रूप से कराना चाहिए। बैठक में एसीएमओ डॉ. मुकेश मातनहेलिया व रवि मिश्रा सहित फोरम के सदस्य व कर्मचारी मौजूद रहे।
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