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378 टीमें घर घर खोज रहीं कोरोना संक्रमित
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श्रावस्ती। कोरोना संक्रमित लोगों को खोजने के लिए अब घर-घर टीमें जा रही हैं। इस कार्य के लिए 378 कार्मिकों को लगाया गया है। यह अभियान रविवार से प्रारंभ होकर 15 जुलाई तक चलेगा। टीमें दो लाख सात हजार 184 घरों तक पहुंच कर लोगों की जांच करेंगी। पहले ही दिन टीम ने 45 संदिग्ध लोगों की तलाश की है जिनकी जांच के लिए नमूने लिए जाएंगे। इस कार्य की देखरेख के लिए 108 सुपरवाइजर भी लगाए गए हैं।
कोरोना संक्रमण धीरे-धीरे सामुदायिक रूप ले रहा है। प्रवासी मजदूरों के अतिरिक्त घरों में रहने वाले लोग भी किसी न किसी के संपर्क में आने से संक्रमित हो रहे हैं। इसीलिए अब स्वास्थ्य विभाग कोरोना संदिग्धों को तलाशने के लिए घर-घर जांच करा रहा है। यह अभियान जिले में 5 जुलाई से प्रारंभ किया गया है। 15 जुलाई तक चलने वाले इस अभियान में आशा बहुओं की टीमें जिले की दो लाख सात हजार 184 घरों में जाएंगी।
प्रत्येक टीम में दो सदस्य हैं जिनके पास थर्मल स्कैनर सहित कई अन्य उपकरण मौजूद हैं। टीमें प्रत्येक घर में रहने वाले लोगों की हेल्थ कार्ड तैयार करेंगी। हेल्थ कार्ड में घर के सदस्यों में होने वाली पुरानी बीमारी जिसमें बीपी, शुगर व हार्ट से संबंधित रोगों का ब्योरा दर्ज किया जाएगा।
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इसके साथ ही घर में कितने लोग प्रवासी हैं, घर में कितने लोगों को सर्दी, जुकाम, खांसी व बुखार के लक्षण हैं, उनका विवरण तैयार किया जाएगा। इसी के साथ ही उन्हें सुमन-के का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। सुमन-के का तात्पर्य हाथ धुलने की प्रक्रिया है जिसमें हाथ पहले सीधे रगड़कर फिर क्रॉस में रहकर, अंगूठा, नाखून व कलाई की सफाई कैसे की जाए, इसकी जानकारी भी देंगी।
इस दौरान टीम एक स्टीकर भी घर के सामने चस्पा करेंगी जिसमें सभी हेल्प लाइन नंबर होंगे ताकि आवश्यकता पड़ने पर लोग इसका इस्तेमाल सूचनाओं का आदान-प्रदान करने में कर सकें।
रविवार को पहले दिन की जांच में जिले में 45 संदिग्ध पाए गए हैं। इन संदिग्ध लोगों की जांच के लिए टीमें भेजी गई हैं। ये टीमें संदिग्धों के नमूने लेकर पुष्टि करेंगी कि उनमें कोरोना है कि नहीं।
सीएमओ डॉ. एपी भार्गव ने बताया कि प्रत्येक गांव व नगर में एक साथ टीम भेजने का उद्देश्य जागरूकता व लक्षण वाले संदिग्ध लोगों की पहचान करना है। पहले दिन ही करीब 45 संदिग्ध चिह्नित हुए हैं जिनकी जांच होगी। ऐसे में उम्मीद है कि इस अभियान के बाद जिले में सभी संदिग्ध लोगों की जांच हो जाएगी। इस दौरान टीम मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग व कोरोना प्रोटोकाल के बारे में जानकारी भी दे रही है।
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कोरोना संक्रमण धीरे-धीरे सामुदायिक रूप ले रहा है। प्रवासी मजदूरों के अतिरिक्त घरों में रहने वाले लोग भी किसी न किसी के संपर्क में आने से संक्रमित हो रहे हैं। इसीलिए अब स्वास्थ्य विभाग कोरोना संदिग्धों को तलाशने के लिए घर-घर जांच करा रहा है। यह अभियान जिले में 5 जुलाई से प्रारंभ किया गया है। 15 जुलाई तक चलने वाले इस अभियान में आशा बहुओं की टीमें जिले की दो लाख सात हजार 184 घरों में जाएंगी।
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प्रत्येक टीम में दो सदस्य हैं जिनके पास थर्मल स्कैनर सहित कई अन्य उपकरण मौजूद हैं। टीमें प्रत्येक घर में रहने वाले लोगों की हेल्थ कार्ड तैयार करेंगी। हेल्थ कार्ड में घर के सदस्यों में होने वाली पुरानी बीमारी जिसमें बीपी, शुगर व हार्ट से संबंधित रोगों का ब्योरा दर्ज किया जाएगा।
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इसके साथ ही घर में कितने लोग प्रवासी हैं, घर में कितने लोगों को सर्दी, जुकाम, खांसी व बुखार के लक्षण हैं, उनका विवरण तैयार किया जाएगा। इसी के साथ ही उन्हें सुमन-के का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। सुमन-के का तात्पर्य हाथ धुलने की प्रक्रिया है जिसमें हाथ पहले सीधे रगड़कर फिर क्रॉस में रहकर, अंगूठा, नाखून व कलाई की सफाई कैसे की जाए, इसकी जानकारी भी देंगी।
इस दौरान टीम एक स्टीकर भी घर के सामने चस्पा करेंगी जिसमें सभी हेल्प लाइन नंबर होंगे ताकि आवश्यकता पड़ने पर लोग इसका इस्तेमाल सूचनाओं का आदान-प्रदान करने में कर सकें।
रविवार को पहले दिन की जांच में जिले में 45 संदिग्ध पाए गए हैं। इन संदिग्ध लोगों की जांच के लिए टीमें भेजी गई हैं। ये टीमें संदिग्धों के नमूने लेकर पुष्टि करेंगी कि उनमें कोरोना है कि नहीं।
सीएमओ डॉ. एपी भार्गव ने बताया कि प्रत्येक गांव व नगर में एक साथ टीम भेजने का उद्देश्य जागरूकता व लक्षण वाले संदिग्ध लोगों की पहचान करना है। पहले दिन ही करीब 45 संदिग्ध चिह्नित हुए हैं जिनकी जांच होगी। ऐसे में उम्मीद है कि इस अभियान के बाद जिले में सभी संदिग्ध लोगों की जांच हो जाएगी। इस दौरान टीम मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग व कोरोना प्रोटोकाल के बारे में जानकारी भी दे रही है।