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सीताद्वार झील और पार्क बदहाल
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श्रावस्ती। लव व कुश की जन्मस्थली सीताद्वार उपेक्षा के चलते बदहाल है। सीताद्वार झील के घाटों और पार्क में गंदगी के कारण लोगों का यहां से मोहभंग हो रहा है।
पार्क में लगे झूले टूटे हुए हैं, तथा पेयजल के लिए लगा हैंडपंप खराब पड़ा है। इससे यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या कम होती जा रही है।
पर्यटकों का ध्यान श्रावस्ती के धार्मिक व अन्य स्थलों की ओर आकर्षित करने के लिए डीएम ने कुछ दिन पहले श्रावस्ती महोत्सव कराया था। इसके साथ ही काफी टेबल बुक छपवाकर उसमें श्रावस्ती के प्रसिद्ध स्थलों की जानकारी दी गई थी।
यही नहीं श्रावस्ती के सौंदर्य को दिखाता हुआ वीडियो सोशल मीडिया व जिले की वेबसाइट पर भी लोड कराया था। इन सब के बाद भी पर्यटन के हालात बहुत अच्छे नहीं हैं।
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श्रावस्ती स्थित सीताद्वार झील की सीढ़ियों पर गंदगी फैली है। झील के घाटों पर लोग नित्यक्रिया कर रहे हैं, इससे स्नान के लिए आने वाले लोगों को परेशानी हो रही है।
वहीं पास में ही बने उद्यान विभाग के पार्क की हालत भी ठीक नहीं है। संरक्षण व सुरक्षा के अभाव में पार्क में लगे अधिकतर झूले टूटे पड़े हैं। पेयजल के लिए लगा हैंडपंप खराब हो चुका है।
देखरेख के अभाव में पार्क अपना अस्तित्व खोता नजर आ रहा है। इससे पर्यटन की स्थिति बिगड़ी हुई हैं। मंदिर की प्रबंध समिति के पास आय के स्रोत हैं, इसके बाद भी यहां की स्थिति अत्यंत दयनीय बनी है।
डीएम दीपक मीणा ने कहा कि उद्यान विभाग को पहले से ही निर्देश दिया जा चुका है कि वह अपने पार्क की स्थिति को सुधारे।
मेला प्रबंध समिति के साथ स्थानीय ग्राम पंचायत परिसर को साफ सफाई रखने को कहा गया है। यदि ऐसा किया गया तो ग्राम पंचायत के साथ साथ मेला प्रबंध समिति पर कार्रवाई की जाएगी।
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पार्क में लगे झूले टूटे हुए हैं, तथा पेयजल के लिए लगा हैंडपंप खराब पड़ा है। इससे यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या कम होती जा रही है।
पर्यटकों का ध्यान श्रावस्ती के धार्मिक व अन्य स्थलों की ओर आकर्षित करने के लिए डीएम ने कुछ दिन पहले श्रावस्ती महोत्सव कराया था। इसके साथ ही काफी टेबल बुक छपवाकर उसमें श्रावस्ती के प्रसिद्ध स्थलों की जानकारी दी गई थी।
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यही नहीं श्रावस्ती के सौंदर्य को दिखाता हुआ वीडियो सोशल मीडिया व जिले की वेबसाइट पर भी लोड कराया था। इन सब के बाद भी पर्यटन के हालात बहुत अच्छे नहीं हैं।
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श्रावस्ती स्थित सीताद्वार झील की सीढ़ियों पर गंदगी फैली है। झील के घाटों पर लोग नित्यक्रिया कर रहे हैं, इससे स्नान के लिए आने वाले लोगों को परेशानी हो रही है।
वहीं पास में ही बने उद्यान विभाग के पार्क की हालत भी ठीक नहीं है। संरक्षण व सुरक्षा के अभाव में पार्क में लगे अधिकतर झूले टूटे पड़े हैं। पेयजल के लिए लगा हैंडपंप खराब हो चुका है।
देखरेख के अभाव में पार्क अपना अस्तित्व खोता नजर आ रहा है। इससे पर्यटन की स्थिति बिगड़ी हुई हैं। मंदिर की प्रबंध समिति के पास आय के स्रोत हैं, इसके बाद भी यहां की स्थिति अत्यंत दयनीय बनी है।
डीएम दीपक मीणा ने कहा कि उद्यान विभाग को पहले से ही निर्देश दिया जा चुका है कि वह अपने पार्क की स्थिति को सुधारे।
मेला प्रबंध समिति के साथ स्थानीय ग्राम पंचायत परिसर को साफ सफाई रखने को कहा गया है। यदि ऐसा किया गया तो ग्राम पंचायत के साथ साथ मेला प्रबंध समिति पर कार्रवाई की जाएगी।