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कंपनियों के मानकों पर खरे नहीं उतरे युवा

Mon, 08 Feb 2021 11:35 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 08 Feb 2021 11:35 PM IST
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Youths did not meet the standards of companies
शामली। रोजगार मेले में नौकरी की चाह में पहुुंचे युवाओं की काफी भीड़ रही, लेकिन प्रशिक्षित युवाओं की कमी रही। साक्षात्कार के दौरान अभ्यर्थी बेसिक सवालों के जवाब भी नहीं दे पाए। मेले में शामिल हुई कंपनियों से जुड़े उद्यमियों का कहना है कि जिले के उद्योगों को काफी संख्या में प्रशिक्षित टर्नर, मशीनिष्ट, इलेक्ट्रीशियन, वेल्डर, प्लंबर और डाई मेकर की आवश्यकता है, लेकिन डिप्लोमाधारक युवक भी तकनीकी तौर पर प्रशिक्षित नहीं मिल रहे।
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वीवी डिग्री कॉलेज में आयोजित रोजगार मेले में करीब 38 कंपनियां शामली और 18 कंपनियां जिले से बाहर की आईं थीं। इनमें से ज्यादातर को आईटीआई प्रशिक्षित या अन्य तकनीकी दक्षता वाले युवाओं की आवश्यकता थी। मेले में चार हजार से ज्यादा युवाओं का पंजीकरण होना बताया गया है लेकिन इनमें से ज्यादातर प्रशिक्षित नहीं। ज्यादातर हाईस्कूल, इंटर, बीए की डिग्री धारक थे। तकनीकी प्रशिक्षण नहीं होने के कारण ज्यादातर युवा गार्ड, मार्केटिंग और कार्यालय सहायक जैसे पदों के लिए साक्षात्कार देते नजर आए। जिन कंपनियों को गैर तकनीकी पदों पर युवा चाहिए थे, उन्हीं के स्टाल पर भीड़ रही। जिले के उद्यमी जेके जैन ने बताया कि शामली में रिम-धुरा, बर्तन, लोहे आदि की फैक्टरियां हैं।
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इसलिए फीडर, टर्नर, इलेक्ट्रीशियन, मशीनिष्ट, डाईमेकर एवं प्लंबर जैसी ट्रेड्स के प्रशिक्षित युवाओं की आवश्यकता होती है। उन्होंने बताया कि कुछ युवा तो बेसिक सवालों का जवाब भी नहीं दे पाए। उन्हें प्रशिक्षण में काम आने वाले यंत्रों के नाम तक पता नहीं थे। शामली इंडस्ट्रीयल एस्टेट मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष अंकित गोयल, अशोक बंसल, अमित जैन, भारत मित्तल आदि का कहना है कि प्रशिक्षित युवाओं की कमी रही है। कई ट्रेड के पद होने के बावजूद प्रशिक्षित अभ्यर्थी नहीं मिले।
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संस्थाओं से बांटे जा रहे केवल डिप्लोमा
शामली। रोजगार मेले में प्रशिक्षण संस्थानों में अच्छा प्रशिक्षण नहीं दिए जाने का मुद्दा भी उठा। गन्ना मंत्री सुरेश राणा के सामने उद्यमियों ने बताया कि निजी प्रशिक्षण संस्थान केवल डिप्लोमा देने का काम कर रहे हैं। उनके पास न तो अच्छी मशीनें हैं और न ही प्रशिक्षित स्टॉफ है। इसके चलते युवाओं को अच्छा प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा। मंत्री ने निजी आईटीआई संचालकों की बैठक लेकर इस संबंध में वार्ता करने तथा सुधार के निर्देश देने के लिए डीएम जसजीत कौर को कहा है।
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