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खतरे के निशान से ऊपर बह रही यमुना
अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Wed, 02 Aug 2017 11:55 PM IST
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flood
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। हथनीकुंड बैराज से छोड़े गए 94 हजार क्यूसेक पानी का दूसरे दिन जिले में असर रहा है। पिछले 24 घंटो में यमुना के जल स्तर में 30 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई। पानी से एक मीटर तक यमुना के किनारे का कटान हुआ है। ड्रेनेज खंड की टीम यमुना किनारे तटबंधों एवं ठोकरों को क्षतिग्रस्त होने से बचाने मेें जुटी हुई है।
पहाड़ों पर बारिश होने के दो दिनों के बाद 94 हजार क्यूसेक पानी का असर बुधवार शाम तक रहा है। यमुना नदी के जलस्तर का चेतावनी बिंदु 230 मीटर है, जबकि पिछले 24 घंटे में यमुना के पानी में 30 सेमी बढ़ोत्तरी हुई है।
मंगलवार की शाम चार बजे तक 230 मीटर तक यमुना का जलस्तर था, जो बुधवार दोपहर 12 बजे 30 सेमी बढ़कर 230.30 मीटर तक पहुंच गया। केंद्रीय जल आयोग के प्रतिनिधियों के अनुसार बुधवार को यमुना का जलस्तर स्थिर बना रहा। ड्रेनेज खंड के अधिकारियों के मुताबिक यमुना किनारे गांवों की स्थिति फिलहाल काबू में है। यदि एक लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी यमुना नदी में आ गया तो बाढ़ आ जाएगी।
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सहायक अभियंता पीके शर्मा का कहना है कि कलरी गांव में कटान को रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं। ज्यादा पानी आने से कलरी गांव को खतरा बन सकता है।
अशोक शर्मा ने बताया कि मुस्लिम भड़ी भरतपुर, साल्हापुर, शीतलगढ़ी गांव में यमुना के पानी में नजर रखी जा रही है। ड्रेनेज खंड के अधिशासी अभियंता संजय माथरे ने बताया कि बुधवार को हथनी कुंड बैराज से 21 हजार 396 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
छोड़े गए इस पानी का असर शुक्रवार की दोपहर तक रहेगा। बृहस्पतिवार की दोपहर बाद जलस्तर कम हो जाएगा। यमुना किनारे के गांवों को अलर्ट कर दिया गया है। प्रशासनिक अधिकारी गांवों का दौरा कर भूमि कटान का जायजा ले रहे हैं। हालांकि अभी इन गांवों को कई खतरा नहीं है।
तहसीलदार ने टीम के साथ किया निरीक्षण
कैराना। बुधवार को तहसीलदार कैराना अभयराज पांडेय और राजस्व विभाग की टीम ने बुधवार को गांव करली के यमुना तट का निरीक्षण किया। कई दिनों से हो रही बरसात के कारण यमुना पुल से चौतरा तक जाने वाले यमुना तटबंध मे कई जगह दरारें आने की सूचना है। सिंचाई विभाग के बेलदार राज कुमार शर्मा ने बताया कि मंगलवार को हथनीकुंड बैराज से यमुना नदी में छोड़ा गया पानी बुधवार को कैराना यमुना पुल के नीचे से गुजर गया है। अगर और पानी नहीं छोड़ा गया तो यमुना शांत हो जाएगी।
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पहाड़ों पर बारिश होने के दो दिनों के बाद 94 हजार क्यूसेक पानी का असर बुधवार शाम तक रहा है। यमुना नदी के जलस्तर का चेतावनी बिंदु 230 मीटर है, जबकि पिछले 24 घंटे में यमुना के पानी में 30 सेमी बढ़ोत्तरी हुई है।
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मंगलवार की शाम चार बजे तक 230 मीटर तक यमुना का जलस्तर था, जो बुधवार दोपहर 12 बजे 30 सेमी बढ़कर 230.30 मीटर तक पहुंच गया। केंद्रीय जल आयोग के प्रतिनिधियों के अनुसार बुधवार को यमुना का जलस्तर स्थिर बना रहा। ड्रेनेज खंड के अधिकारियों के मुताबिक यमुना किनारे गांवों की स्थिति फिलहाल काबू में है। यदि एक लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी यमुना नदी में आ गया तो बाढ़ आ जाएगी।
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सहायक अभियंता पीके शर्मा का कहना है कि कलरी गांव में कटान को रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं। ज्यादा पानी आने से कलरी गांव को खतरा बन सकता है।
अशोक शर्मा ने बताया कि मुस्लिम भड़ी भरतपुर, साल्हापुर, शीतलगढ़ी गांव में यमुना के पानी में नजर रखी जा रही है। ड्रेनेज खंड के अधिशासी अभियंता संजय माथरे ने बताया कि बुधवार को हथनी कुंड बैराज से 21 हजार 396 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
छोड़े गए इस पानी का असर शुक्रवार की दोपहर तक रहेगा। बृहस्पतिवार की दोपहर बाद जलस्तर कम हो जाएगा। यमुना किनारे के गांवों को अलर्ट कर दिया गया है। प्रशासनिक अधिकारी गांवों का दौरा कर भूमि कटान का जायजा ले रहे हैं। हालांकि अभी इन गांवों को कई खतरा नहीं है।
तहसीलदार ने टीम के साथ किया निरीक्षण
कैराना। बुधवार को तहसीलदार कैराना अभयराज पांडेय और राजस्व विभाग की टीम ने बुधवार को गांव करली के यमुना तट का निरीक्षण किया। कई दिनों से हो रही बरसात के कारण यमुना पुल से चौतरा तक जाने वाले यमुना तटबंध मे कई जगह दरारें आने की सूचना है। सिंचाई विभाग के बेलदार राज कुमार शर्मा ने बताया कि मंगलवार को हथनीकुंड बैराज से यमुना नदी में छोड़ा गया पानी बुधवार को कैराना यमुना पुल के नीचे से गुजर गया है। अगर और पानी नहीं छोड़ा गया तो यमुना शांत हो जाएगी।