बंतीखेड़ा निवासी अंकित बालियान ने कबड्डी के मैदान से हरियाणवी संगीत की दुनिया तक अपनी पहचान बनाई थी। प्रदेश स्तर पर कबड्डी खेल चुके अंकित के पैर में चोट लगी तो खेल का सफर थम गया। इसके बाद उन्होंने जिम से अपनी नई शुरुआत की और करीब वर्ष 2022 में हरियाणवी गायन की दुनिया में कदम रखा। मेहनत के दम पर उन्होंने 50 से अधिक गानों में काम किया। अब उनकी नजर जिला पंचायत सदस्य के चुनाव पर थी और इसके बाद बॉलीवुड में कदम रखने की तैयारी थी। हालांकि हत्या की वारदात ने उनके इन सपनों को हमेशा के लिए अधूरा छोड़ दिया।
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विलाप करते परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
अंकित के भाई कपिल ने बताया कि वर्ष 2013-14 तक अंकित प्रदेश स्तरीय कबड्डी खिलाड़ी थे। हालांकि उन्हें संगीत का भी शौक था। दिल्ली, भोपाल समेत कई स्थानों पर हुई प्रतियोगिताओं में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया था। कबड्डी खेलते समय पैर में फ्रैक्चर होने के कारण उन्हें खेल छोड़ना पड़ा। इसके बाद उन्होंने जिम ज्वाइन किया और वर्ष 2022 में हरियाणवी सिंगर बनने के लिए मेहनत शुरू कर दी।
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पूछताछ करती पुलिस।
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अंकित ने गोली-गोली के बारूद..., एक खटोला जेल के भीतर..., मोदी बड़ा गांव....., रुतबा जाट और जाटनी.... समेत 50 से अधिक हरियाणवी गानों में काम किया था। उनके गानों को लोगों ने पसंद किया। गायन के काम के चलते वह रोहतक के सेक्टर-14, सोनीपत और दिल्ली के खजूरी खास में रहते थे। उन्होंने तीनों स्थानों पर कार्यालय भी बना रखे थे और एक-दो महीने में ही गांव आते थे।
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जाम लगाकर किया हंगामा।
- फोटो : अमर उजाला
अंकित ने प्राथमिक शिक्षा गांव के विद्यालय से हासिल की थी। इसके बाद दिल्ली से बीपीएड किया। परिवार के अनुसार वह गांव से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ने की तैयारी में जुटे थे। चुनाव के बाद बॉलीवुड में हाथ आजमाने की योजना थी। इसके लिए उनकी कुछ चर्चित बॉलीवुड कलाकारों से बातचीत भी चल रही थी।
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हंगामा करते लोगों को समझाती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
20 से अधिक नए गानों पर कर रहे थे काम
कपिल ने बताया कि अंकित 20 से अधिक नए हरियाणवी गानों पर काम कर रहे थे। इन गानों को अगले महीने रिलीज करने की तैयारी थी। वह लगातार शूटिंग और अन्य तैयारियों में जुटे हुए थे।