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मजदूर न बनाएं, बच्चों को पढ़ाएं

Mon, 13 Feb 2017 11:56 PM IST
ब्यूराो /अमर उजाला, शामली
ब्यूराो /अमर उजाला, शामली Updated Mon, 13 Feb 2017 11:56 PM IST
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Workers do not create Teach children
programm - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
शामली। वीवी पीजी कॉलेज में वाणिज्य विभाग की ओर से बाल श्रम कारण एवं निवारण विषय पर भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतिभागियों नेे भाषण के माध्यम से बाल श्रम पर रोक का संदेश दिया।
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छात्राओं ने मां सरस्वती की वंदना से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसमें बाल श्रम के कारण बताने के साथ ही इस पर अंकुश को जरूरी बताया गया। इस दौरान बच्चों से मजदूरी कराने की बजाय उन्हें शिक्षा दिलाने पर जोर दिया गया। बच्चों ने बढ चढकर प्रतिभाग कर अपने अपने विचार रखे। 
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सोमवार को शहर के वीवी पीजी कॉलेज में बाल श्रम को कार्यक्रम संचालिका डा. मृदुला जैन ने शिक्षकों एवं बच्चों को तिलक लगाकर स्वागत किया। संचालन तनू और आरजू ने किया। छात्र परवेज अहमद, दीपा गौतम, पिंकी, विनित, गुरमीत ने बालश्रम के विभिन्न कारण एवं निवारण के तरीके बताए। इसके साथ ही प्रोफेसर डा. मंजू मघन ने बताया कि 14 वर्ष से कम आयु के बच्चे श्रमिकों की श्रेणी में नही आते। आज कम निवेश पर अधिकतम लाभ प्राप्ति की मंशा बाल श्रम को बढ़ावा दे रही है। 
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उन्होंने अभिभावकों को सरकारी नीतियों से परिचित कराकर बच्चों को बाल श्रम से मुक्ति दिलाने के उपाय बताए। डा. वंदना ने बताया कि समर्थ समाज के व्यक्ति अनाथ और गरीब बच्चों को गोद लेकर और उनकी शिक्षा का भार स्वयं वहन कर समाज को बाल श्रमिकों से मुक्त कर सकते हैं।


डा. केजी गोयल और प्राचार्य वेदकुमारी ने मौलिक अधिकार एवं सरकारी नीतियों के बारे में बताया। निर्णायक मंडल में डा. वंदना, नीना छोकरा एवं प्रताप सरोहा रहे। प्रतियोगिता में प्रथम गुरमीत, विनित द्वितीय एवं गौतम तृतीय रहे। विजेता बच्चों को पुरस्कृत किया गया। इस दौरान डा. बबली, अनुप्रिता, डा. छवि, आस्था, रवि कुमार, संगीता, ऋचा, भीष्म सिंह आदि मौजूद रहे।
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