कृषि कानूनों के विरोध में गेहूं की फसल जोती
कांधला (शामली)। कृषि कानूनों के विरोध को लेकर एलम के किसान ने गुस्से में आकर अपनी पांच बीघा गेहूं की फसल जुताई कर नष्ट कर दी। किसान का कहना है कि वह अपनी गन्ने की फसल को आग लगाने से पीछे नहीं हटेगा।
रविवार को नगर पंचायत एलम निवासी किसान देवेंद्र उर्फ कल्लू ने गांव भनेड़ा स्थित अपने खेतों पर ट्रैक्टर व रोटावेटर लेकर पहुंचा। उसने अपनी करीब पांच बीघा गेहूं की फसल की जुताई शुरू कर दी। यह देख आसपास काम कर रहे किसान सतबीर सभासद, परमेंद्र, कुंभाराम आदि ने उसके पास जाकर उसे समझाने की कोशिश की। फसल को नष्ट करने से रोकने का काफी प्रयास किया, लेकिन देवेंद्र ने किसी की बात नहीं मानी और गेहूं की करीब पांच बीघा फसल को जोतकर नष्ट कर दिया। देवेंद्र ने बताया कि कृषि कानूनों के विरोध में उसने अपनी गेहूं की फसल को पूरी तरह से चौपट कर दिया है। जब तक मोदी सरकार कृषि कानून वापस नहीं लेती, तब तक इसी तरह से विरोध करते रहेंगे। किसान ने कहा कि वह अपनी गन्ने की फसल को भी आग के हवाले करने से पीछे नहीं हटेगा। कहा कि केंद्र सरकार ने किसानों को बर्बाद कर दिया। उसने कृषि कानूनों के विरोध में अपनी फसल को बर्बाद किया है। यदि सरकार ने तीनों कानून वापस नहीं लेती तो किसान अपनी जमीन में फसल की बुवाई बंद कर देंगे।